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पंचायतों का नगर निगम में मर्ज होने से इंकार
ब्यूरो/अमर उजाला, सोलन
Updated Mon, 25 Apr 2016 11:22 PM IST
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प्रस्तावित नगर निगम सोलन में मर्ज होने वाली पंचायतों के प्रतिनिधियों ने विरोध का बिगुल बजा दिया है
- फोटो : अमर उजाला
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प्रस्तावित नगर निगम सोलन में मर्ज होने वाली पंचायतों के प्रतिनिधियों ने विरोध का बिगुल बजा दिया है। डीसी डॉ. राकेश कंवर के माध्यम से सीएम वीरभद्र सिंह को ज्ञापन भेजकर विभिन्न पंचायतों के बाशिंदों ने नगर निगम में शामिल होने से इंकार कर दिया है। ग्रामीणों का कहना है कि यदि नगर निगम में उनके क्षेत्रों का विलय किया तो विरोध के स्वर तलख होंगे।
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मर्ज होने वाले सभी क्षेत्र कृषि बाहुल्य हैं। यहां अधिकांश लोगों की आर्थिकी कृषि और नगदी पैदावार पर चलती है। कहा कि अगर उनका विलय नगर निगम में हुआ तो एक तरफ से केंद्रीय और राज्य सरकार की पंचायतों को दी जाने वाली तमाम कृषि सुविधाओं से वंचित हो जाएंगे। साथ ही विभिन्न तरह के कर उन पर थोप दिए जाएंगे। लिहाजा इसे कतई सहन नहीं किया जाएगा।
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इस दौरान शामती, सेरी, सलोगड़ा, कोठो, जौणाजी, सपरूण, बसाल, कोठो और आंजी समेत कई अन्य पंचायतों के प्रतिनिधि भी शामिल हुए। ज्ञापन सौंपते वक्त संजीव कुमार, अरुण ठाकुर, विकास ठाकुर, प्रकाश चंद, मदन मेहता, गरीब दास, किरण, जगदीश वर्मा, गीता राम और माया राम आदि प्रतिनिधि शामिल रहे। वर्तमान में बसाल, आंजी, रबौण, सपरुण, शामती, सेरी और सलोगड़ा के कई हिस्से प्रस्तावित नगर निगम में मर्ज करने का प्लान है।
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यह दो मुद्दे उठाए
कृषि हो जाएगी खत्म
प्रतिनिधियों का कहना है कि इन क्षेत्रों के स्थानीय बाशिंदों का मुख्य व्यवसाय कृषि है। यदि यह क्षेत्र नगर निगम में विलय होते हैं तो किसानों को सरकार द्वारा मिलने वाली तमाम सुविधाओं से वंचित रहना पड़ेगा। मजबूरन किसानों को खेती छोड़नी पड़ेगी। एक तरफ तो किसान सरकार किसानों को मजबूत करने की बात करती है, वहीं दूसरा किसान अपने कार्य से विमुख होने लगे हैं।
अत्यधिक कर करने होंगे अदा
एमसी में जिन पंचायतों को लाया जा रहा है, वहां आबादी कम और कृषि भूमि का क्षेत्रफल ज्यादा है। यदि इस क्षेत्र का नगर निगम में विलय होता है तो ग्रामीणों को अत्यधिक कर देने पड़ेंगे। वहां आमदनी के साधन कम हो जाएंगे। कर बहुत बढ़ जाएंगे। मजबूरन किसानों को अपनी जमीनें बेचनी पड़ेंगी और बेरोजगारी की जिंदगी जीने पर मजबूर होना पडे़गा।
इसका होगा पुरजोर विरोध : कश्यप
बसाल पंचायत के प्रधान देवेंद्र कश्यप ने कहा कि एक ओर देश के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ग्राम उदय से भारत उदय जैसी योजनाओं द्वारा गांव एवं पंचायतों को मजबूत करने की बात कह रहे हैं वहीं सरकार और जिला प्रशासन पंचायतों को शहरी बनाने में लगे हैं। इसका पुरजोर विरोध किया जाएगा।