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आपदा पीड़ितों को अब दफ्तरों के चक्कर काटने की जरूरत नहीं
ब्यूरो/अमर उजाला, सोलन
Updated Wed, 04 May 2016 10:09 PM IST
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प्रदेश में प्राकृतिक एवं मानव निर्मित आपदाओं के समय पीड़ितों को कानूनी मदद के लिए अब प्रशासनिक कार्यालयों के चक्कर लगाने की जरूरत नहीं। न्यायालय की ओर से आपदा प्रभावितों को क्विक लीगल रिस्पांस दिया जाएगा। भारत के राष्ट्रीय विधिक सेवा प्राधिकरण की ओर से आम आदमी की कानूनी सेवाओं तक पहुंच को बेहतर बनाने की दिशा में कदम उठाते हुए यह पहल की गई है।
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प्रदेश का न्यायिक प्राधिकरण एक तरह से इस योजना के तहत आपातकालीन सरकारी सुविधाओं को जल्द से जल्द पीड़ित तक पहुंचाने में एक पुल का काम करेगी। इस पहल के तहत प्रदेश में राज्य विधिक सेवा प्राधिकरण के तहत (लीगल सर्विस टू द विक्टिम ऑफ डिजास्टर) योजना को लागू किया है। योजना प्रदेश में प्राकृतिक और मानव निर्मित आपदा के समय प्रभावित क्षेत्रों में कार्य करेगी। राज्य विधिक सेवा प्राधिकरण की ओर से हर जिला प्राधिकरण में एक ज्यूडिशियल ऑफिसर को बतौर सचिव इसके लिए निर्देशित किया है।
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अथॉरिटी ऐसे करेगी काम
लीगल सर्विस अथॉरिटी, प्राकृतिक एवं मानव निर्मित आपदा की सूचना मिलने पर ज्यूडिशियल ऑफिसर (एसीजेएम) अपने साथ वरिष्ठ अधिवक्ता, स्थानीय प्रशासन, पैरा लीगल वालंटियरों सहित मौके पर पहुंचकर प्रभावितों से मिलेगी। प्रभावितों को कानूनी सहायता की जानकारी देने के साथ क्षति का आंकड़ा एकत्रित किया जाएगा। इसके बाद अथारिटी, प्रभावितों के लिए होने वाले काम पर भी नजर रखेगी। अथारिटी सुनिश्चित करेगी कि प्रशासनिक मदद लोगों तक पहुंचे।
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नष्ट हुए दस्तावेज भी बनाएगी अथॉरिटी
प्रभावितों को कानूनी अधिकारों की जानकारी देने के साथ अथारिटी, आपदा के दौरान लोगों के नष्ट होने वाले दस्तावेजों को बनाने में भी मदद करेगी। गौरतलब है कि आपदा के दौरान कई बार लोगों के आधार कार्ड, राशन कार्ड, वोटर कार्ड, बैंक पासबुक तक नष्ट हो जाती हैं। राज्य विधिक सेवा प्राधिकरण की ओर से हेल्पलाइन नंबर 15100 भी जारी किया है। लोग इस पर भी संपर्क कर सकते हैं।
सब डिविजन स्तर पर कमेटी का गठन
हिमाचल में राज्य स्तर की एक स्टेट लीगल सर्विस अथॉरिटी बनाई है। इसके
साथ ही हर जिला की एक डिस्ट्रिक लीगल सर्विस अथॉरिटी तथा सब डिविजन लेबल की कमेटी का गठन किया है। इसके अतिरिक्त हर पंचायत क्षेत्र में पैरा लीगल वालंटियर भी तैयार किए हैं।
कानूनी मदद पहुंचाना
मकसद : यशपाल सिंह
राज्य विधिक सेवा प्राधिकरण के सदस्य सचिव एवं सेशन जज यशपाल सिंह चोगल ने कहा कि इस योजना का उद्देश्य प्राकृतिक एवं मानव निर्मित आपदाओं के दौरान प्रभावितों को फौरी राहत के रूप में कानूनी और प्रशासनिक राहत उपलब्ध करवाना है। कहा कि अक्सर जानकारी के अभाव और प्रशासनिक मदद में देरी के चलते प्रभावितों को कई कठिनाईयों का सामना करना पड़ता है। इसमें प्राधिकरण प्रभावितों को राहत देने का कार्य करेगा।