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अब बच्चे स्कूल में खाएंगे पेट के कीड़े मारने की दवा

Sat, 23 Apr 2016 11:51 PM IST
ब्यूरो/अमर उजाला, सोलन
ब्यूरो/अमर उजाला, सोलन Updated Sat, 23 Apr 2016 11:51 PM IST
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Free medicine to students in School
पेट के विकारों से जूझ रहे स्कूली बच्चों को पेट के कीड़े मारने की दवा मुफ्त में मिलेगी। - फोटो : Demo Pic

पेट के विकारों से जूझ रहे स्कूली बच्चों को पेट के कीड़े मारने की दवा मुफ्त में मिलेगी। डी वार्मिंग योजना को 27 अप्रैल से जिलाभर में डी वार्मिंग डे के रूम मनाया जाएगा। इस योजना के तहत निजी और सरकारी स्कूली विद्यार्थियों को एलबेंडाजोल दवा प्रत्येक विद्यार्थी को दी जाएगी।

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भविष्य में जरूरत पड़ने पर यह दवा नियमित रूप से सरकारी अस्पतालों और स्वास्थ्य केंद्रों में मुफ्त मिलेगी। जिला स्वास्थ्य अधिकारी ने खंड चिकित्सा अधिकारियों को इसके सफल क्रियान्वयन के निर्देश दिए हैं। स्वास्थ्य विभाग के अनुसार इस योजना से जिला में 1 लाख 40 हजार के करीब विद्यार्थी इस दवा से लाभान्वित होंगे। इसमें 1281 आंगनबाड़ी केंद्र सहित 920 निजी और सरकारी स्कूल शामिल हैं।
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2 मई को कवर होंगे छूटे विद्यार्थी
जिला स्वास्थ्य अधिकारी के अनुसार 27 अप्रैल को जिन विद्यार्थियों को किसी कारणवश डी वार्मिंग दवा नहीं मिली होगी। विद्यार्थियों को दोबारा से कवर किया जाएगा। 2 मई को यह दवा उपलब्ध करवाई जाएगी। वहीं स्कूल में न पढ़ने वाले बच्चों को आशा वर्कर्स कवर करेंगी। यह दवा 2 से 19 वर्ष के बच्चों और विद्यार्थियों के लिए ही है। इन्हें की यह दवा स्वास्थ्य केंद्र व अस्पताल से मिलेगी। जिससे बच्चों के पेट में उत्पन्न हो रहे विकारों से छुटकारा मिलेगा।
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प्रत्येक विद्यार्थी के लिए अनिवार्य है डोज: सीएमओ
सीएमओ डॉ. आरके दरोच ने कहा कि 27 अप्रैल को स्कूलों मे यह दवा मुफ्त मिलेगी। इसके बाद 2 मई को छूटे विद्यार्थियों को दवा की डोज मिलेगी। कहा कि बीएमओ इसके सफल क्रियान्वयन के लिए बैठक  कर चुके हैं। साथ ही दवा की खेप स्कूलों आंगनबाड़ी केंद्रों में पहुंचाई जा चुकी है। केंद्र सरकार की योजना के तहत सोलन जिला को भी इसमें कवर किया जा रहा है। प्रत्येक छात्र के लिए यह डोज अनिवार्य होगी।

पेट में कीड़े होने के प्रभाव
- कुपोषण
- खून की कमी(एनीमिया)
- भूख न लगना
- बेचैनी
- पेट मे दर्द और सूजन
- उल्टी और दस्त
-मल में खून आना

दवा से फायदे
- खून की कमी में सुधार
- बेहतर पोषण स्तर
- रोग प्रतिरोधक क्षमता बढ़ाने में मदद

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