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जाट आंदोलन से बीबीएन में करोड़ों का कारोबार प्रभावित
ब्यूरो/अमर उजाला, सोलन
Updated Wed, 17 Feb 2016 10:34 PM IST
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जाट आरक्षण को लेकर चल रहे आंदोलन से प्रदर्शनकारियों ने अंबाला-हिसार रोड जाम कर दिया है। इसका असर जिला सोलन के बीबीएन औद्योगिक क्षेत्र पर पड़ा है। बीबीएन से जाने वाले कई ट्रक कैथल, जींद, हिसार और रोहतक में फंस गए हैं। पिछले तीन दिन से डर के मारे ट्रक चालक किसी संपर्क मार्ग पर भी नहीं जा रहे हैं।
ट्रांस्पोर्टरों को डर है कि कहीं उनके ट्रकों को आंदोलनकारी आग के हवाले नहीं कर दें। कम टोल टैक्स होने से सभी ट्रक इसी रूट को चुनते हैं।
वहीं अब पहले ही मंदी की मार झेल रहे उद्योगों का कच्चा माल तैयार माल इसी रास्ते से जाता है। लेकिन ट्रक जाम में फंसे होने से पिछले तीन दिन से माल नहीं पहुंचा है। कुछ वाहन हाईवे से होकर आ रहे है लेकिन जो ट्रक इस मार्ग पर फंस गए है वह आने के नाम नहीं ले रहे है।
कच्चा माल न आने से उद्योग प्रभावित : अग्रवाल
बीबीएनआई के अध्यक्ष शैलेष अग्रवाल ने बताया कि बीबीएन में सारा कच्चा माल मुंबई से आता है। हिसार- अंबाला मार्ग पर कम टोल बैरियर होने से ट्रक संचालक इसी मार्ग का प्रयोग करते हैं। लेकिन जगह-जगह लगे जाम से ट्रक में भरा कच्चा माल नहीं पहुंच पाया है। इससे कई उद्योगों में कच्चे माल की कमी आ गई है। कहा कि अभी जाट की आरक्षण की बात कर रहे हैं। आने वाले समय में अन्य जातियां भी आरक्षण मांगेंगी। इन आंदोलनों से भारत का विकास होने की बजाए काफी पिछड़ रहा है।
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अंबाला-दिल्ली एनएच से जाएं ट्रक चालक : चौधरी
ट्रक यूनियन नालागढ़ के प्रधान विद्या रतन चौधरी ने कहा कि अंबाला, रोहतक, कैथल, जींद, हिसार होते हुए मार्ग जयपुर, मनेसर और किशनगढ़ जाता है। इसी मार्ग पर बीबीएन के करीब डेढ़ सौ ट्रक जाम में फंस गए हैं। जो जाम में फंसे हुए हैं वह वहां से भागने का प्रयास नहीं कर पा रहे हैं। उन्होंने ट्रक संचालकों से अपील की है कि इस मार्ग से न जा कर दूसरे रूट से जाने का प्रयास करें। अंबाला-दिल्ली एनएच से ट्रक चालक जा सकते हैं।
खड़े ट्रक पर देनी पड़ रही दिहाड़ी : कौशल
बद्दी के ट्रक आपरेटर कृष्ण कौशल ने बताया कि उनके दो ट्रक एक रोहतक और दूसरा हसनगढ़ में जाम में दो दिनों से फंसे हैं। यह ट्रक मनेसर के लिए रवाना हुए थे। बताया कि जाम में फंसे ट्रक चालकों और परिचालकों को दिहाड़ी तथा खर्चा जेब से देना पड़ रहा है। इससे ट्रक संचालकों आर्थिक नुकसान उठाना पड़ रहा है।
समय पर माल न पहुंचने पर कटेगा भाड़ा : पम्मी
बद्दी के ट्रक ऑपरेटर परमजीत सिंह पम्मी ने बताया कि अकेले बद्दी और बरोटीवाला क्षेत्र के डेढ़ सौ से अधिक ट्रक जाम में फंसे हैं। समय पर माल न पहुंचने पर ट्रक संचालकों के भाड़े में कटौती होना स्वाभाविक है। ट्रक संचालकों को निर्धारित समय अवधि में माल पहुंचाना होता है। इसके अलावा आंदोलनकारी किसी भी गाड़ी को जला सकते हैं। अभी तक दो ट्रक आग से भेंट चढ़ चुके हैं। जाम में फंसे ट्रक चालक अपने वाहन वहां से नहीं निकाल पा रहे हैं।
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ट्रांस्पोर्टरों को डर है कि कहीं उनके ट्रकों को आंदोलनकारी आग के हवाले नहीं कर दें। कम टोल टैक्स होने से सभी ट्रक इसी रूट को चुनते हैं।
वहीं अब पहले ही मंदी की मार झेल रहे उद्योगों का कच्चा माल तैयार माल इसी रास्ते से जाता है। लेकिन ट्रक जाम में फंसे होने से पिछले तीन दिन से माल नहीं पहुंचा है। कुछ वाहन हाईवे से होकर आ रहे है लेकिन जो ट्रक इस मार्ग पर फंस गए है वह आने के नाम नहीं ले रहे है।
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कच्चा माल न आने से उद्योग प्रभावित : अग्रवाल
बीबीएनआई के अध्यक्ष शैलेष अग्रवाल ने बताया कि बीबीएन में सारा कच्चा माल मुंबई से आता है। हिसार- अंबाला मार्ग पर कम टोल बैरियर होने से ट्रक संचालक इसी मार्ग का प्रयोग करते हैं। लेकिन जगह-जगह लगे जाम से ट्रक में भरा कच्चा माल नहीं पहुंच पाया है। इससे कई उद्योगों में कच्चे माल की कमी आ गई है। कहा कि अभी जाट की आरक्षण की बात कर रहे हैं। आने वाले समय में अन्य जातियां भी आरक्षण मांगेंगी। इन आंदोलनों से भारत का विकास होने की बजाए काफी पिछड़ रहा है।
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अंबाला-दिल्ली एनएच से जाएं ट्रक चालक : चौधरी
ट्रक यूनियन नालागढ़ के प्रधान विद्या रतन चौधरी ने कहा कि अंबाला, रोहतक, कैथल, जींद, हिसार होते हुए मार्ग जयपुर, मनेसर और किशनगढ़ जाता है। इसी मार्ग पर बीबीएन के करीब डेढ़ सौ ट्रक जाम में फंस गए हैं। जो जाम में फंसे हुए हैं वह वहां से भागने का प्रयास नहीं कर पा रहे हैं। उन्होंने ट्रक संचालकों से अपील की है कि इस मार्ग से न जा कर दूसरे रूट से जाने का प्रयास करें। अंबाला-दिल्ली एनएच से ट्रक चालक जा सकते हैं।
खड़े ट्रक पर देनी पड़ रही दिहाड़ी : कौशल
बद्दी के ट्रक आपरेटर कृष्ण कौशल ने बताया कि उनके दो ट्रक एक रोहतक और दूसरा हसनगढ़ में जाम में दो दिनों से फंसे हैं। यह ट्रक मनेसर के लिए रवाना हुए थे। बताया कि जाम में फंसे ट्रक चालकों और परिचालकों को दिहाड़ी तथा खर्चा जेब से देना पड़ रहा है। इससे ट्रक संचालकों आर्थिक नुकसान उठाना पड़ रहा है।
समय पर माल न पहुंचने पर कटेगा भाड़ा : पम्मी
बद्दी के ट्रक ऑपरेटर परमजीत सिंह पम्मी ने बताया कि अकेले बद्दी और बरोटीवाला क्षेत्र के डेढ़ सौ से अधिक ट्रक जाम में फंसे हैं। समय पर माल न पहुंचने पर ट्रक संचालकों के भाड़े में कटौती होना स्वाभाविक है। ट्रक संचालकों को निर्धारित समय अवधि में माल पहुंचाना होता है। इसके अलावा आंदोलनकारी किसी भी गाड़ी को जला सकते हैं। अभी तक दो ट्रक आग से भेंट चढ़ चुके हैं। जाम में फंसे ट्रक चालक अपने वाहन वहां से नहीं निकाल पा रहे हैं।