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Solan News: क्षेत्रीय अस्पताल के सुपर स्पेशलिटी ब्लॉक में बनेगी आधुनिक कैथलैब
Sun, 19 Jul 2026 07:13 PM IST
शिमला ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, सोलन
संवाद न्यूज एजेंसी, सोलन
Updated Sun, 19 Jul 2026 07:13 PM IST
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हृदय और शरीर की नसों से जुड़ी गंभीर बीमारियों का होगा उपचार
प्रदेश सरकार सरकार ने दी मंजूरी, लैब बनाने का काम हुआ शुरू
संवाद न्यूज एजेंसी
सोलन। क्षेत्रीय अस्पताल सोलन के कथेड़ में बनाए जा रहे सुपर स्पेशलिटी ब्लॉक में हृदय और नसों से जुड़ी बीमारियों से जूझ रहे मरीजों के लिए आधुनिक कैथलैब तैयार की जा रही है। इसके बनने के बाद मरीजों को दिल की छोटी-छोटी बीमारियों के लिए शिमला आईजीएमसी या चंडीगढ़ पीजीआई के चक्कर नहीं काटने पड़ेंगे। मरीजों का घर-द्वार पर ही उपचार संभव हो सकेगा।
प्रदेश सरकार की ओर से भी अस्पताल में आधुनिक कैथलैब बनाने की मंजूरी दे दी गई है। वहीं लोक निर्माण विभाग की ओर से इसका काम तेजी से किया जा रहा है। अस्पताल में कैथलैब बनने के बाद हृदय की बीमारियों से जूझ रहे मरीजों को एंजियोग्राफी, एंजियोप्लास्टी और स्टेंटिंग जैसे कई टेस्ट की सुविधा मिलेगी। साथ ही इन हृदय की नसों के बंद होने या रक्त प्रवाह में रुकावट जैसी समस्याओं का भी कम समय में उपचार हो सकेगा। कैथलैब एक तरह से ऑपरेशन थियेटर का ही दूसरा रूप माना जाता है। ऑपरेशन थियेटर पर हृदय की बीमारियों का उपचार करने के लिए चीरा लगाया जाता है, जबकि कैथलैब में नसों के जरिए पतली नली डाल बंद पड़ी नसों को दोबारा से खोला जाता है। इस तकनीक में कम समय में उपचार होता है। साथ ही मरीजों को ठीक होने में भी कम समय लगता है।
इनसेट
अस्पताल के सी ब्लॉक में बन रही कैथलैब
प्रशासन की ओर से तैयार नक्शे के हिसाब से कैथलैब को सुपर स्पेशलिटी के सी ब्लॉक में चौथी मंजिल पर बनाया जा रहा है। सड़क के साथ मंजिल होने के कारण मरीजों को लैब तक पहुंचाने में कम से कम समय लगेगा और उनका उपचार भी जल्द शुरू होगा।
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इनसेट
हृदय रोग विशेषज्ञ की भेजी मांग
कैथलैब में उपचार करने के लिए हृदय रोग विशेषज्ञ की जरूरत होती है। वर्तमान में यहां कोई भी हृदय रोग विशेषज्ञ तैनात नहीं है, ऐसे में अस्पताल प्रशासन की ओर से लैब को चलाने के लिए हृदय रोग विशेषज्ञ की भी मांग सरकार को भेजी गई है।
कोट
अस्पताल प्रशासन की ओर से प्रयास किया जा रहा है कि नए सुपर स्पेशलिटी ब्लॉक में मरीजों को हर आधुनिक सुविधा मिल सके। हृदय रोग के मरीजों को सुविधा देने के उद्देश्य से कैथलैब का निर्माण किया जा रहा है। इसके बनने से मरीजों को हृदय की बीमारी के उपचार के लिए शिमला या अन्य अस्पतालों के लिए रेफर नहीं करना पड़ेगा। - डॉ. राकेश पंवार
चिकित्सा अधीक्षक, क्षेत्रीय अस्पताल सोलन
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प्रदेश सरकार सरकार ने दी मंजूरी, लैब बनाने का काम हुआ शुरू
संवाद न्यूज एजेंसी
सोलन। क्षेत्रीय अस्पताल सोलन के कथेड़ में बनाए जा रहे सुपर स्पेशलिटी ब्लॉक में हृदय और नसों से जुड़ी बीमारियों से जूझ रहे मरीजों के लिए आधुनिक कैथलैब तैयार की जा रही है। इसके बनने के बाद मरीजों को दिल की छोटी-छोटी बीमारियों के लिए शिमला आईजीएमसी या चंडीगढ़ पीजीआई के चक्कर नहीं काटने पड़ेंगे। मरीजों का घर-द्वार पर ही उपचार संभव हो सकेगा।
प्रदेश सरकार की ओर से भी अस्पताल में आधुनिक कैथलैब बनाने की मंजूरी दे दी गई है। वहीं लोक निर्माण विभाग की ओर से इसका काम तेजी से किया जा रहा है। अस्पताल में कैथलैब बनने के बाद हृदय की बीमारियों से जूझ रहे मरीजों को एंजियोग्राफी, एंजियोप्लास्टी और स्टेंटिंग जैसे कई टेस्ट की सुविधा मिलेगी। साथ ही इन हृदय की नसों के बंद होने या रक्त प्रवाह में रुकावट जैसी समस्याओं का भी कम समय में उपचार हो सकेगा। कैथलैब एक तरह से ऑपरेशन थियेटर का ही दूसरा रूप माना जाता है। ऑपरेशन थियेटर पर हृदय की बीमारियों का उपचार करने के लिए चीरा लगाया जाता है, जबकि कैथलैब में नसों के जरिए पतली नली डाल बंद पड़ी नसों को दोबारा से खोला जाता है। इस तकनीक में कम समय में उपचार होता है। साथ ही मरीजों को ठीक होने में भी कम समय लगता है।
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अस्पताल के सी ब्लॉक में बन रही कैथलैब
प्रशासन की ओर से तैयार नक्शे के हिसाब से कैथलैब को सुपर स्पेशलिटी के सी ब्लॉक में चौथी मंजिल पर बनाया जा रहा है। सड़क के साथ मंजिल होने के कारण मरीजों को लैब तक पहुंचाने में कम से कम समय लगेगा और उनका उपचार भी जल्द शुरू होगा।
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हृदय रोग विशेषज्ञ की भेजी मांग
कैथलैब में उपचार करने के लिए हृदय रोग विशेषज्ञ की जरूरत होती है। वर्तमान में यहां कोई भी हृदय रोग विशेषज्ञ तैनात नहीं है, ऐसे में अस्पताल प्रशासन की ओर से लैब को चलाने के लिए हृदय रोग विशेषज्ञ की भी मांग सरकार को भेजी गई है।
कोट
अस्पताल प्रशासन की ओर से प्रयास किया जा रहा है कि नए सुपर स्पेशलिटी ब्लॉक में मरीजों को हर आधुनिक सुविधा मिल सके। हृदय रोग के मरीजों को सुविधा देने के उद्देश्य से कैथलैब का निर्माण किया जा रहा है। इसके बनने से मरीजों को हृदय की बीमारी के उपचार के लिए शिमला या अन्य अस्पतालों के लिए रेफर नहीं करना पड़ेगा। - डॉ. राकेश पंवार
चिकित्सा अधीक्षक, क्षेत्रीय अस्पताल सोलन