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Solan News: नालागढ़ अस्पताल में जल्द शुरू होगा ब्लड सेपरेशन सेंटर
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औषधि नियंत्रण विभाग की टीम ने किया निरीक्षण
स्टाफ की तैनाती के बाद मरीजों को मिलेगी सुविधा
संवाद न्यूज एजेंसी
नालागढ़ (सोलन)। ब्लड सेपरेशन सेंटर नालागढ़ अस्पताल में शुरू होने की उम्मीद जगी है। ड्रग विभाग की टीम सेंटर का निरीक्षण कर चुकी है और इसे चालू करने के लिए औपचारिकताएं पूरी की जा रही हैं। सेंटर शुरू होने से मरीजों को रक्त के अलग-अलग घटक उपलब्ध करवाने के लिए पीजीआई चंडीगढ़ और आईजीएमसी शिमला जैसे संस्थानों पर निर्भर नहीं रहना पड़ेगा।
मुख्य चिकित्सा अधिकारी डॉ. अजय पाठक ने बताया कि औषधि नियंत्रण विभाग की टीम सेंटर का निरीक्षण कर चुकी है। इसे शुरू करने के लिए जरूरी औपचारिकताएं पूरी की जा रही हैं। सेंटर के संचालन के लिए आवश्यक स्टाफ की उपलब्धता भी सुनिश्चित की जाएगी। नालागढ़ के विधायक हरदीप सिंह बावा ने कहा कि सेंटर को जल्द शुरू करवाने के प्रयास किए जाएंगे, ताकि क्षेत्र के मरीजों को इसका लाभ मिल सके।
शुभारंभ के दो साल बाद भी सेंटर शुरू नहीं
ब्लड सेपरेशन सेंटर का शुभारंभ 13 दिसंबर 2024 को राज्यपाल ने रेडक्रॉस मेले में किया था, लेकिन लाइसेंस और कर्मचारियों की तैनाती नहीं होने के कारण यह अब तक शुरू नहीं हो पाया। हाल ही में अस्पताल में हुई रोगी कल्याण समिति की बैठक में भी सेंटर को चालू करने का मुद्दा उठा था। बैठक में सीएमओ ने स्टाफ उपलब्ध करवाने का आश्वासन दिया था।
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सेंटर में करोड़ों रुपये की मशीनें स्थापित की गई हैं। इनकी मदद से रक्त से प्लेटलेट्स, लाल रक्त कोशिकाएं और प्लाज्मा अलग किए जा सकते हैं। इससे मरीजों को जरूरत के अनुसार रक्त के घटक उपलब्ध करवाने में मदद मिलेगी। इसे प्रदेश में आईजीएमसी के बाद दूसरा ऐसा केंद्र बताया जा रहा है, जहां रक्त के अलग-अलग घटक उपलब्ध करवाने की सुविधा होगी।
सीएसआर के तहत बना है भवन
नालागढ़ अस्पताल में रेडक्रॉस सोसायटी की ओर से ब्लड बैंक संचालित किया जा रहा है। इसके विस्तार के तहत ब्लड सेपरेशन सेंटर के लिए भवन का निर्माण एक स्थानीय कंपनी ने कॉरपोरेट सामाजिक दायित्व (सीएसआर) के तहत करवाया है। सेंटर के सुचारू संचालन के लिए कम से कम चार प्रयोगशाला तकनीशियनों की जरूरत बताई जा रही है।
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स्टाफ की तैनाती के बाद मरीजों को मिलेगी सुविधा
संवाद न्यूज एजेंसी
नालागढ़ (सोलन)। ब्लड सेपरेशन सेंटर नालागढ़ अस्पताल में शुरू होने की उम्मीद जगी है। ड्रग विभाग की टीम सेंटर का निरीक्षण कर चुकी है और इसे चालू करने के लिए औपचारिकताएं पूरी की जा रही हैं। सेंटर शुरू होने से मरीजों को रक्त के अलग-अलग घटक उपलब्ध करवाने के लिए पीजीआई चंडीगढ़ और आईजीएमसी शिमला जैसे संस्थानों पर निर्भर नहीं रहना पड़ेगा।
मुख्य चिकित्सा अधिकारी डॉ. अजय पाठक ने बताया कि औषधि नियंत्रण विभाग की टीम सेंटर का निरीक्षण कर चुकी है। इसे शुरू करने के लिए जरूरी औपचारिकताएं पूरी की जा रही हैं। सेंटर के संचालन के लिए आवश्यक स्टाफ की उपलब्धता भी सुनिश्चित की जाएगी। नालागढ़ के विधायक हरदीप सिंह बावा ने कहा कि सेंटर को जल्द शुरू करवाने के प्रयास किए जाएंगे, ताकि क्षेत्र के मरीजों को इसका लाभ मिल सके।
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शुभारंभ के दो साल बाद भी सेंटर शुरू नहीं
ब्लड सेपरेशन सेंटर का शुभारंभ 13 दिसंबर 2024 को राज्यपाल ने रेडक्रॉस मेले में किया था, लेकिन लाइसेंस और कर्मचारियों की तैनाती नहीं होने के कारण यह अब तक शुरू नहीं हो पाया। हाल ही में अस्पताल में हुई रोगी कल्याण समिति की बैठक में भी सेंटर को चालू करने का मुद्दा उठा था। बैठक में सीएमओ ने स्टाफ उपलब्ध करवाने का आश्वासन दिया था।
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सेंटर में करोड़ों रुपये की मशीनें स्थापित की गई हैं। इनकी मदद से रक्त से प्लेटलेट्स, लाल रक्त कोशिकाएं और प्लाज्मा अलग किए जा सकते हैं। इससे मरीजों को जरूरत के अनुसार रक्त के घटक उपलब्ध करवाने में मदद मिलेगी। इसे प्रदेश में आईजीएमसी के बाद दूसरा ऐसा केंद्र बताया जा रहा है, जहां रक्त के अलग-अलग घटक उपलब्ध करवाने की सुविधा होगी।
सीएसआर के तहत बना है भवन
नालागढ़ अस्पताल में रेडक्रॉस सोसायटी की ओर से ब्लड बैंक संचालित किया जा रहा है। इसके विस्तार के तहत ब्लड सेपरेशन सेंटर के लिए भवन का निर्माण एक स्थानीय कंपनी ने कॉरपोरेट सामाजिक दायित्व (सीएसआर) के तहत करवाया है। सेंटर के सुचारू संचालन के लिए कम से कम चार प्रयोगशाला तकनीशियनों की जरूरत बताई जा रही है।