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सोलन और परवाणू मंडी में पहुंचीं सेब-नाशपाती की 3,000 पेटियां
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सोलन सेब मंडी में पहुंची गाडियां शुरूआती दौर में कम वाहन आ रहे है। संवाद
- फोटो : SOLAN
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संवाद न्यूज एजेंसी
सोलन/परवाणू। सोलन और परवाणू मंडी में शिमला का सेब और नाशपाती पहुंचना शुरू हो गया है। पहले दिन 3,000 पेटियां नाशपाती और सेब की दोनों मंडियों में पहुंची हैं। हालांकि परवाणू सेब मंडी में कारोबारियों ने व्यवस्थाओं पर सवाल उठाए हैं।
एनएच से मंडी को जोड़ने वाला मार्ग कच्चा और खस्ताहाल है। सेब मंडी में बिजली की कोई सुविधा नहीं, आढ़तियों और बागवानों को ठहरने के लिए भी इंतजाम नहीं किए गए हैं। यह मंडी शहर से करीब पांच किमी दूर है। यहां तक पहुंचने के लिए कोई परिवहन सुविधा नहीं है कि आढ़ती और बागवान रात में ठहरने के लिए शहर जा सकें।
जानकारी के अनुसार पूजा-अर्चना के साथ शुक्रवार को सेब मंडी परवाणू और सोलन में सीजन शुरू हो गया है। पहले दिन सोलन में 1000 और परवाणू में 2000 पेटियां सेब और नाशपाती की पहुंची। शुक्रवार को करसोग, कुमारसैन, रोहड़ू, चौपाल और आनी क्षेत्र का सेब मंडी पहुंचा।
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इसकी खरीदारी के लिए उत्तर प्रदेश, केरला, झारखंड, बंगाल समेत अन्य राज्यों के 20 कारोबारी मौजूद रहे। सेब मंडी में 25 किलो नाशपाती की पेटी 800 से 1500 रुपये तक बिकी। सेब में 10 किलो की स्पर सेब की पेटी 1600 रुपये और 25 किलो टाइडमैन की पेटी ग्रेड के हिसाब से 1700 रुपये तक बिकी।
सेब मंडी आढ़ती एसोसिएशन के उपप्रधान हनी राठौर ने बताया कि शुक्रवार को मंडी में करीब 3,000 पेटी पहुंची हैं। एसोसिएशन के सचिव रंजन ने बताया कि मंडी शुरू तक कर दी है लेकिन अभी तक यहां बिजली, सड़क समेत कारोबारियों और बागवानों को ठहराने की कोई भी व्यवस्था नहीं की गई है। मंडी समिति को सभी व्यवस्थाएं 15 जून तक पूरी कर लेनी चाहिए थीं।
परवाणू सेब मंडी के प्रभारी राजेश कुमार ने बताया कि बिजली-पानी की सुविधा कर दी गई है। सड़क का कार्य किया जा रहा है। बारिश के कारण इसमें थोड़ा समय लगेगा। जल्द ही बागवानों बेहतर सुविधा मिलेगी। किसान भवन निर्माण सुविधा की जानकारी आला अधिकारियों को दी जाएगी।
निर्माणाधीन सेब मंडी का चेयरमैन ने किया निरीक्षण
सोलन सब्जी मंडी के साथ करीब 10 करोड़ रुपये की लागत से बन रही एप्पल मंडी का निरीक्षण चेयरमैन बलदेव भंडारी ने किया। इस मंडी में भी सेब सीजन शुरू हो गया है। इसके लिए अस्थायी शेड तैयार किए गए हैं। उन्होंने मंडी का कार्य कर रहे ठेकेदार को समय पर कार्य पूरा करने के लिए कहा। मंडी समिति के सचिव डॉ. रविंद्र शर्मा ने बताया कि 25 जुलाई तक सोलन में सेब कारोबार के लिए प्लेटफार्म तैयार करने का दावा किया है। इससे बागवानों को सुविधा मिलेगी। अभी अस्थायी शेड में ही सेब की ऑक्शन की जा रही है।
बागवान ग्रेड कर लाएं सेब
पिछले 11 वर्ष से सेब मंडी परवाणू आ रहा हूं। यहां के सेब की मांग बाहरी राज्यों में अधिक है। सभी बागवान अपना उत्पाद ग्रेड कर लाएं ताकि उन्हें सही दाम मिल सकें और कारोबारियों को भी नुकसान न हो।
हरीश, सेब कारोबारी, केरला
मंडी में अधूरा कार्य जल्द हो पूरा
सेब सीजन शुरू हो गया है। अब रोज सेब की आवक बढ़ जाएगा। मंडी समिति को बचे कार्य को जल्द पूरा करना चाहिए जिससे बागवानों और बाहरी राज्यों से आए कारोबारियों को सुविधा मिल सके।
अनिल कार्टा, आढ़ती
मंडी में किया जाए किसान भवन का निर्माण
बागवान परवाणू आना पसंद करते हैं। यहां पर बागवानों को दाम भी अच्छे मिलते हैं लेकिन यहां बागवानों के ठहरने के लिए कोई व्यवस्था नहीं है। मंडी में किसान भवन का निर्माण किया जाना चाहिए।
नवल किशोर, बागवान, कुमारसैन
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सोलन/परवाणू। सोलन और परवाणू मंडी में शिमला का सेब और नाशपाती पहुंचना शुरू हो गया है। पहले दिन 3,000 पेटियां नाशपाती और सेब की दोनों मंडियों में पहुंची हैं। हालांकि परवाणू सेब मंडी में कारोबारियों ने व्यवस्थाओं पर सवाल उठाए हैं।
एनएच से मंडी को जोड़ने वाला मार्ग कच्चा और खस्ताहाल है। सेब मंडी में बिजली की कोई सुविधा नहीं, आढ़तियों और बागवानों को ठहरने के लिए भी इंतजाम नहीं किए गए हैं। यह मंडी शहर से करीब पांच किमी दूर है। यहां तक पहुंचने के लिए कोई परिवहन सुविधा नहीं है कि आढ़ती और बागवान रात में ठहरने के लिए शहर जा सकें।
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जानकारी के अनुसार पूजा-अर्चना के साथ शुक्रवार को सेब मंडी परवाणू और सोलन में सीजन शुरू हो गया है। पहले दिन सोलन में 1000 और परवाणू में 2000 पेटियां सेब और नाशपाती की पहुंची। शुक्रवार को करसोग, कुमारसैन, रोहड़ू, चौपाल और आनी क्षेत्र का सेब मंडी पहुंचा।
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इसकी खरीदारी के लिए उत्तर प्रदेश, केरला, झारखंड, बंगाल समेत अन्य राज्यों के 20 कारोबारी मौजूद रहे। सेब मंडी में 25 किलो नाशपाती की पेटी 800 से 1500 रुपये तक बिकी। सेब में 10 किलो की स्पर सेब की पेटी 1600 रुपये और 25 किलो टाइडमैन की पेटी ग्रेड के हिसाब से 1700 रुपये तक बिकी।
सेब मंडी आढ़ती एसोसिएशन के उपप्रधान हनी राठौर ने बताया कि शुक्रवार को मंडी में करीब 3,000 पेटी पहुंची हैं। एसोसिएशन के सचिव रंजन ने बताया कि मंडी शुरू तक कर दी है लेकिन अभी तक यहां बिजली, सड़क समेत कारोबारियों और बागवानों को ठहराने की कोई भी व्यवस्था नहीं की गई है। मंडी समिति को सभी व्यवस्थाएं 15 जून तक पूरी कर लेनी चाहिए थीं।
परवाणू सेब मंडी के प्रभारी राजेश कुमार ने बताया कि बिजली-पानी की सुविधा कर दी गई है। सड़क का कार्य किया जा रहा है। बारिश के कारण इसमें थोड़ा समय लगेगा। जल्द ही बागवानों बेहतर सुविधा मिलेगी। किसान भवन निर्माण सुविधा की जानकारी आला अधिकारियों को दी जाएगी।
निर्माणाधीन सेब मंडी का चेयरमैन ने किया निरीक्षण
सोलन सब्जी मंडी के साथ करीब 10 करोड़ रुपये की लागत से बन रही एप्पल मंडी का निरीक्षण चेयरमैन बलदेव भंडारी ने किया। इस मंडी में भी सेब सीजन शुरू हो गया है। इसके लिए अस्थायी शेड तैयार किए गए हैं। उन्होंने मंडी का कार्य कर रहे ठेकेदार को समय पर कार्य पूरा करने के लिए कहा। मंडी समिति के सचिव डॉ. रविंद्र शर्मा ने बताया कि 25 जुलाई तक सोलन में सेब कारोबार के लिए प्लेटफार्म तैयार करने का दावा किया है। इससे बागवानों को सुविधा मिलेगी। अभी अस्थायी शेड में ही सेब की ऑक्शन की जा रही है।
बागवान ग्रेड कर लाएं सेब
पिछले 11 वर्ष से सेब मंडी परवाणू आ रहा हूं। यहां के सेब की मांग बाहरी राज्यों में अधिक है। सभी बागवान अपना उत्पाद ग्रेड कर लाएं ताकि उन्हें सही दाम मिल सकें और कारोबारियों को भी नुकसान न हो।
हरीश, सेब कारोबारी, केरला
मंडी में अधूरा कार्य जल्द हो पूरा
सेब सीजन शुरू हो गया है। अब रोज सेब की आवक बढ़ जाएगा। मंडी समिति को बचे कार्य को जल्द पूरा करना चाहिए जिससे बागवानों और बाहरी राज्यों से आए कारोबारियों को सुविधा मिल सके।
अनिल कार्टा, आढ़ती
मंडी में किया जाए किसान भवन का निर्माण
बागवान परवाणू आना पसंद करते हैं। यहां पर बागवानों को दाम भी अच्छे मिलते हैं लेकिन यहां बागवानों के ठहरने के लिए कोई व्यवस्था नहीं है। मंडी में किसान भवन का निर्माण किया जाना चाहिए।
नवल किशोर, बागवान, कुमारसैन