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एसीपी प्रद्युमन की टीम से भी शॉर्प बनेगी इस राज्य की सीआईडी
शिमला/उषा नेगी
Updated Wed, 11 Sep 2013 02:08 AM IST
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हिमाचल पुलिस सीआईडी को हाईटेक उपकरणों से लैस करने की तैयारी में है। खासकर फोन टैपिंग के मामले में।
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करीब 20 लाख की धनराशि से नए वायस लॉगर, डिजिटल वायस रिकॉर्डर, माइक्रो रिकार्डर, मोबाइल सर्विलांस यंत्र आदि खरीदे जा रहे हैं।
सीआईडी को जासूसी के लिए स्पाई गैजेट्स, की-होल कैमरे और अंधेरे में देखने वाले नाइट विजन गॉगल्स भी चाहिए।
सीआईडी कुल 9 तरह के उपकरण खरीदने जा रहा है। माना जा रहा है कि इससे अपराधियों पर निगरानी और कड़ी होगी और सुरक्षा व्यवस्था को भी पुलिस मोबाइल जैमर्स और डोर मैटल डिटेक्टर आदि से पुख्ता करेगी।
पुलिस अफसर कहते हैं कि इन उपकरणों के मिलने के बाद शातिर अपराधियों का बचना आसान नहीं होगा। सीआईडी के अनुसार इस बार आधुनिक उपकरण खरीदे जा रहे हैं और इनकी स्टोरेज क्षमता वर्तमान उपकरणों से ज्यादा होगी।
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नए मोबाइल वाइस लॉगर की क्षमता 70 घंटे तक रिकॉर्ड करने की होगी। हालांकि, नए एवं आधुनिक उपकरणों के दुरुपयोग की आशंका एक बड़ा सवाल है, क्योंकि इस बार भी फोन टैपिंग मामले में हिमाचल पुलिस के अपने ही अफसरों पर आरोप लगे हैं।
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लाइफ लोकेटर तलाशेगा गुम हुए लोग
शिमला। हिमाचल के जंगलों-घाटियों में गुम होने वाले पर्यटकों या स्थानीय लोगों के गुम होने की घटनाओं को देखते हुए हिमाचल पुलिस एक लाइफ लोकेटर भी खरीदने जा रही है।
यह उपकरण एक क्षेत्र विशेष में निश्चित अवधि में हुए वाष्पीय बदलावों को मानीटर कर लोकेशन बताएगा। हालांकि, यह डेड बॉडी को लोकेट नहीं कर पाएगा।
सीआईडी यूनिट को मजबूत करने के उद्देश्य से नए उपकरणों की खरीद की जा रही है। टेंडर की प्रक्रिया चल रही है। ऐसे कुछ उपकरण विभाग के पास पहले से भी हैं।
- एसआर मरडी, एडीजी सीआईडी