{"_id":"97276c3192c695df0d3274ad6b9ce545","slug":"now-expensive-land-and-vehicle-registration-in-himachal","type":"story","status":"publish","title_hn":"हिमाचल में भूमि और वाहन पंजीकरण महंगा","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
हिमाचल में भूमि और वाहन पंजीकरण महंगा
अमर उजाला, शिमला
Updated Thu, 26 Sep 2013 01:41 AM IST
विज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
हिमाचल में भूमि और वाहनों का पंजीकरण अब महंगा हो गया है। मंत्रिमंडल ने राजस्व विभाग की ओर से भूमि रजिस्ट्रेशन के वक्त वसूली जाने वाली स्टांप डयूटी को 5 फीसदी से बढ़ाकर 6 फीसदी कर दिया है।
विज्ञापन
यह वृद्धि केवल पुरुषों के लिए होगी। यदि जमीन महिला के नाम होगी तो स्टांप डयूटी 5 से घटकर 4 फीसदी कर दी गई है। बुधवार को राज्य मंत्रिमंडल की बैठक मुख्यमंत्री वीरभद्र सिंह की अध्यक्षता में हुई।
विज्ञापन
इसमें मोटर वाहन टैक्स ढांचे के युक्तिकरण का भी फैसला लिया गया। इससे स्कूटर/मोटरसाइकिल पर 50 सीसी ईंजन क्षमता तक कीमत का 3 फीसदी और इससे ऊपर 4 फीसदी की वसूली होगी।
विज्ञापन
गाड़ियों में 1000 सीसी तक कीमत का 2.5 फीसदी और इससे ऊपर 3 फीसदी स्लैब होगा।
इससे व्हीकल रजिस्ट्रेशन टैक्स मात्र आधा फीसदी बढ़ेगा। होमगार्ड भर्ती की शक्तियां भी राज्य सरकार ने अपने पास ले ली हैं। इसके लिए वर्तमान अधिनियम और नियमों में संशोधन का फैसला लिया गया।
वर्तमान में डीजी होमगार्ड के पास ये अधिकार था। इस भर्ती के विवाद के कारण पिछले महीने सुन्नी में प्रस्तावित भर्ती को स्थगित कर दिया गया था।
मंत्रिमंडल ने केंद्रीय विवि के लिए स्थान चयन समिति की संस्तुति के अनुसार वन मंजूरी का केस भारत सरकार को भेजने का निर्णय लिया।
संशोधित प्रारूप के मुताबिक धर्मशाला और देहरा में विवि के दो परिसर होंगे। धर्मशाला में मुख्य कैंपस होगा, जहां 160 हेक्टेयर भूमि विवि को दी जाएगी।
देहरा में 80 हेक्टेयर भूमि को दूसरे चरण में लिया जा सकता है। मंत्रिमंडल ने धार्मिक संस्थाओं को लैंड सीलिंग से बाहर करने के विधेयक को वापस लेने का फैसला लिया।
नगर पंचायतों ज्वालामुखी, देहरा, संतोषगढ़ और सुजानपुर को नगर परिषद का दर्जा दिया गया। इनमें तैनात सचिव अब ईओ होंगे।
दिवंगत आईपीएस अधिकारी बीएस थिंड के बेटे अधिराज सिंह को अब पुलिस विभाग ने इंस्पेक्टर की नौकरी नहीं दी जाएगी। कैबिनेट ने पिछली बैठक में लिए गए अपने इस फैसले को भी वापस ले लिया। शिमला शहर के जंगल वापस वन विभाग को सौंपे गए।
पीडब्यूडी के शोघी और जतोग उपमंडलों को धामी शिफ्ट किया गया। पंजाबी और ऊर्दू शिक्षकों के 100-100 पद अनुबंध पर भरने का भी फैसला हुआ।
कैबिनेट के मुख्य फैसले
पुरुषों के लिए स्टांप डयूटी 1% बढ़ी, महिलाओं के लिए 1% कटौती
व्हीकल रजिस्ट्रेशन टैक्स के युक्तिकरण का फैसला, आधा फीसदी बढ़ा
डीजी होमगार्ड के हाथ से गईं भर्ती की शक्तियां, एक्ट में संशोधन को मंजूरी
धर्मशाला में केंद्रीय विवि का मुख्य कैंपस, मंजूरी को भेजा संशोधित प्रारूप
धार्मिक संस्थाओं पर रहेगी लैंड सीलिंग, विधेयक वापस लिया सरकार ने
ज्वालामुखी, देहरा, संतोषगढ़ और सुजानपुर को नगर परिषद का दर्जा मिला
पूर्व आईपीएस बीएस थिंड के बेटे को अब नहीं मिलेगी इंस्पेक्टर की नौकरी
शिमला के जंगल वापस विभाग को, धामी शिफ्ट हुए पीडब्ल्यूडी के दफ्तर
पीडब्ल्यूडी को 26 नई गाड़ियां, डीसी किन्नौर-सिरमौर को भी नए वाहन
पंजाबी और ऊर्दू के लिए 100-100 शिक्षक अनुबंध आधार पर रखे जाएंगे
बिलासपुर शहर में विस्थापितों को सरकार ने दी राहत, अतिक्रमण रेगुलर होंगे