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Kullu News: जहां बहा था 2023 में, फिर वहीं टूटा भरोसा, सबक अब भी अधूरा

Thu, 28 Aug 2025 11:01 PM IST
शिमला ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, कुल्लू
संवाद न्यूज एजेंसी, कुल्लू Updated Thu, 28 Aug 2025 11:01 PM IST
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Where trust was lost in 2023, it was broken again, the lesson is still incomplete
कुल्लू-मनाली हाईवे पर ​रायसन के समीप बाढ़ में बह गई सड़क को बनाने में जुटी फोरलेन की मशीनरी।-सं
फिर ब्यास के कहर की चपेट में हैं मनाली-कुल्लू एनएच और आसपास के इलाके
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एक साल बाद भी न सड़कों की मरम्मत पूरी हुई और न ही बन सकीं सुरक्षा दीवारें

संजय भारद्वाज
मनाली। मनाली-कुल्लू नेशनल हाईवे और आसपास के इलाके एक बार फिर ब्यास के कहर की चपेट में हैं। वह भी ठीक उसी जगह, जहां 2023 की बाढ़ ने सबसे ज्यादा तबाही मचाई थी।
एक साल बाद भी न सड़कों की मरम्मत पूरी हुई और न ही सुरक्षा दीवारें तैयार हो सकीं। अब फिर वही स्थान बहे, वही गलती दोहराई गई। स्थानीय लोग और पर्यटन कारोबारी एनएचएआई की लापरवाही पर सवाल उठा रहे हैं और कह रहे हैं, अगर स्थायी समाधान होता तो दोबारा यह मंजर नहीं देखना पड़ता।
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केंद्र हो या राज्य सरकार वादे तो बहुत हुए लेकिन सुरक्षा के नाम पर प्रबंध किसी ने नहीं किए। एनएचएआई ने नदी में आए पत्थरों से सुरक्षा दीवार बनाई और मलबा भरकर उसे वाहन योग्य बनाया। यह ब्यास का तीव्र वेग नहीं सह पाई।
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मनाली में भूतनाथ मंदिर से वोल्वो बस स्टैंड के बीच उसी जगह सड़क बही जहां 2023 में नुकसान हुआ था। उस दौरान महीनों तक सड़क खोलने का काम नहीं हुआ। समाजसेवी बुद्धि प्रकाश की पहल पर लोगों ने श्रमदान कर खुद सड़क का काम शुरू किया। इसके बाद एनएचएआई हरकत में आया और सड़क वाहन योग्य बनाई। तब से सड़क वैसे ही चल रही थी। 25 अगस्त को जलस्तर बढ़ने से इसी जगह पर लगभग 300 मीटर सड़क का नामोनिशान मिट गया है। क्लाथ, बिंदु ढांक में भी यही हालत है। बाहंग में भी ब्यास के निशाने पर वही क्षेत्र रहे जहां 2023 में नुकसान हुआ था। बाहंग में सुरक्षा दीवार लगाने की मांग कई सालों से चल रही है। ब्यास का तटीकरण सिर्फ नेताओं के भाषणों और फाइलों में होता रहा। लगभग एक महीने पहले ही आलूग्राउंड, क्लाथ आदि इलाकों में आरसीसी की सुरक्षा दीवार लगाने का कार्य शुरू हुआ है। यह अभी पूरा नहीं हो पाया। पर्यटन कारोबारियों का कहना है कि नेशनल हाईवे की हालत 2023 के बाद ज्यादा बिगड़ी है।

बाढ़ से नुकसान के बाद सड़क अस्थायी तौर पर ही चल रही थी। अब एनएचएआई की अस्थायी सड़क फिर बह गई है। स्थानीय निवासी एवं पर्यटन कारोबारी सुरेश शर्मा ने कहा कि एनएचएआई हाईवे को बनाने में गंभीर नहीं है। इसे बीआरओ को सौंपा जाना चाहिए। उन्होंने केंद्र सरकार को इसका पत्र भी भेजा है।
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