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अधूरी निशानदेही कर लौटी टीम

Thu, 05 Nov 2015 10:00 PM IST
ब्यूरो/अमर उजाला, कुल्लू
ब्यूरो/अमर उजाला, कुल्लू Updated Thu, 05 Nov 2015 10:00 PM IST
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villagers angreed on demakation

ग्रामीणों ने चर्चाओं में रही कसोल पेछनी बिहाल जमीन की निशानदेही वीरवार को रुकवा दी। दिनभर राजस्व विभाग की टीम ने निशानदेही करने का प्रयास किया, लेकिन ग्रामीणों ने निशानदेही नहीं होने दी।

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गौरतलब कि मणिकर्ण के कसोल पेछनी बिहाल में निशानदेही करने पहुंची राजस्व विभाग की टीम और ग्रामीणों के बीच दिनभर टकराव की स्थिति बनी रही। हालांकि, राजस्व विभाग की ओर से डिमारकेशन करने पहुंचे भुंतर के तहसीलदार पुलिस के साथ सुबह दस बजे मौके पर पहुंच गए थे लेकिन, ग्रामीणों के कड़े विरोध के चलते वे दिनभर निशानदेही नहीं कर पाए। ग्रामीणों ने हालांकि कड़ा विरोध दर्ज करवाया लेकिन तहसीलदार निशानदेही करने पर अड़े रहे। लेकिन, शाम करीब पांच बजे तहसीलदार ने स्वयं ही जरेब पकड़कर निशानदेही करने का प्रयास किया, लेकिन ग्रामीणों के विरोध के आगे उनकी एक न चली।
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यहां तक ग्रामीणों ने एक दिन पहले ही एडीएम कुल्लू को एक शिकायत पत्र देकर इस स्थिति से अवगत करवाया था कि वह स्वयं मौके पर आकर स्थित को नियंत्रित करें लेकिन प्रशासन की ओर से तहसीलदार के अलावा करीब 40 पुलिस जवानों के दल ने दिनभर कसोल बिहाल में डेरा डाले रखा। बताया जा रहा है कि इस जमीन को एक आला मंत्री ने कुछ लोगों को बेच दिया है जिसके चलते वे अब इस जमीन को अपने कब्जे में लेना चाहते हैं। ऐसे में राजस्व विभाग की टीम को भी करीब तीन दर्जन पुलिस टुकड़ी के साथ निशानदेही के लिए जाना पड़ा। लेकिन, ग्रामीणों का कहना है कि ये मंत्री की जमीन नहीं बल्कि वन विभाग की जमीन है, जिसे जबरदस्ती सरकारी पावर का इस्तेमाल कर कब्जाया जा रहा है, जिसे ग्रामीण किसी भी सूरत में नहीं होने देंगे। ग्रामीणों का कहना है कि यहां उनके अधिकार हैं और देवी-देवताओं के बैठने के स्थान हैं। जबकि, यहां गद्दी भी अपनी भेड़ बकरियों के साथ रुकते हैं। ग्रामीणों के जबरदस्त विरोध के बाद वीरवार शाम पांच बजे के बाद राजस्व विभाग की टीम के तहसीलदार और अन्य अधिकारियों समेत पुलिस दल को वापस लौटना पड़ा है।
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इस संदर्भ में तहसीलदार भुंतर एसपी जसवाल का कहना है कि टीम जमीन की निशानदेही के लिए गई थी, लेकिन लोगों ने इस डिमारकेशन को लेकर ऐतराज जताया। इसके चलते दिनभर टीम ने डिमारकेशन करवाने का प्रयास किया, लेकिन शाम तक निशानदेही नहीं हो पाई लिहाजा, अधूरी डिमारकेशन करने के बाद टीम को लौटना पड़ा है। उन्होंने बताया कि सरकारी काम को रोकने वाले ग्रामीणों के खिलाफ पुलिस को मामला दर्ज करने को कहा गया है।

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