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Kullu News: जरड़ में फूटा ग्रामीणों का गुस्सा, फोरलेन पर दो घंटे लगाया जाम
Sat, 06 Sep 2025 10:51 PM IST
शिमला ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, कुल्लू
संवाद न्यूज एजेंसी, कुल्लू
Updated Sat, 06 Sep 2025 10:51 PM IST
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कुल्लू के जरड़ में फोरलेन पर धरना देते ग्रामीण।-संवाद
जरड़ नाला में आई बाढ़ से हुए भारी नुकसान को लेकर सड़क पर उतरी जनता
फोरलेन के दोनों ओर लगीं वाहनों की कतारें, मांगों की अनदेखी पर जताया विरोध
नायब तहसीलदार से आश्वासन मिलने के बाद शांत हुए ग्रामीण, बहाल किया यातायात
संवाद न्यूज एजेंसी
कुल्लू। जरड़ नाले में आई बाढ़ ने जब घर, मंदिर और गोशालाओं को तबाह कर दिया तो ग्रामीणों के सब्र का बांध भी टूट गया।
लगातार अनसुनी होती मांगों और प्रशासनिक उदासीनता से आहत लोगों ने शनिवार सुबह चंडीगढ़-मनाली फोरलेन पर दो घंटे तक चक्का जाम कर विरोध जताया। पिपलागे नाले के उफान से गांवों में भारी नुकसान हुआ है। अब तक न तो राहत मिली है और न ही स्थायी समाधान की कोई पहल हुई है। मौके पर पहुंचे नायब तहसीलदार इंद्र पाल सिंह के आश्वासन देने के बाद जाम खुल सका। ग्रामीणों की चेतावनी है कि अगर कार्रवाई नहीं हुई तो आंदोलन और तेज होगा।
चक्का जाम से फोरलेन वाहनों की आवाजाही के लिए बंद हो गया। दोनों ओर वाहनों की लंबी कतारें लगी रहीं। सुबह 9 बजे शुरू हुआ चक्का जाम करीब 11 बजे खोला गया। ग्रामीणों ने कहा कि उनकी कोई नहीं सुन रहा है। इस कारण चक्का जाम करना पड़ा। कहा कि चार सितंबर को पिपलागे नाले में भारी बारिश के चलते बाढ़ आ गई थी। बाढ़ में मलबे के साथ आए बड़े-बड़े पत्थर और पेड़ों ने घर, मंदिर, गोशालाओं को भारी नुकसान पहुंचाया है। कई लोगों के बगीचे तबाह हो गए हैं। कई घर खतरे की जद में हैं। लोगों ने प्रशासन से मांग की कि फोरलेन का कलवर्ट चौड़ा और गहरा बनाया जाए जिससे पानी सड़क पर न आए। बाढ़ से जो नुकसान हुआ है, उसका आकलन कर डिजास्टर मैनेजमेंट से नुकसान की भरपाई की जाए। पिपलागे नाले का तटीकरण किया जाए।
बशौना पंचायत के प्रधान महेंद्र ठाकुर, ग्रामीण रणजीत, प्रकाश, गोपाल, मनीराम, राम दास, किशन सिंह, बृजलाल, राम सिंह, संजय कुमार, चेतराम, राम पाल, संगत राम, रीना देवी, सपना और कौशल्या देवी ने कहा कि वह प्रशासनिक अधिकारियों से बात कर चुके हैं। कोई सुनने को तैयार नहीं है। ऐसे में चक्का जाम करनाना पड़ा।
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उधर, नायब तहसीलदार इंद्र सिंह ने कहा कि ग्रामीणों के साथ बात करने के बाद सड़क से वाहनों की आवाजाही सुचारू कर दी गई है। लोगाें की इस समस्या को एनएचएआई से उठाया जाएगा जिससे समस्या का समाधान हो सके।
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फोरलेन के दोनों ओर लगीं वाहनों की कतारें, मांगों की अनदेखी पर जताया विरोध
नायब तहसीलदार से आश्वासन मिलने के बाद शांत हुए ग्रामीण, बहाल किया यातायात
संवाद न्यूज एजेंसी
कुल्लू। जरड़ नाले में आई बाढ़ ने जब घर, मंदिर और गोशालाओं को तबाह कर दिया तो ग्रामीणों के सब्र का बांध भी टूट गया।
लगातार अनसुनी होती मांगों और प्रशासनिक उदासीनता से आहत लोगों ने शनिवार सुबह चंडीगढ़-मनाली फोरलेन पर दो घंटे तक चक्का जाम कर विरोध जताया। पिपलागे नाले के उफान से गांवों में भारी नुकसान हुआ है। अब तक न तो राहत मिली है और न ही स्थायी समाधान की कोई पहल हुई है। मौके पर पहुंचे नायब तहसीलदार इंद्र पाल सिंह के आश्वासन देने के बाद जाम खुल सका। ग्रामीणों की चेतावनी है कि अगर कार्रवाई नहीं हुई तो आंदोलन और तेज होगा।
चक्का जाम से फोरलेन वाहनों की आवाजाही के लिए बंद हो गया। दोनों ओर वाहनों की लंबी कतारें लगी रहीं। सुबह 9 बजे शुरू हुआ चक्का जाम करीब 11 बजे खोला गया। ग्रामीणों ने कहा कि उनकी कोई नहीं सुन रहा है। इस कारण चक्का जाम करना पड़ा। कहा कि चार सितंबर को पिपलागे नाले में भारी बारिश के चलते बाढ़ आ गई थी। बाढ़ में मलबे के साथ आए बड़े-बड़े पत्थर और पेड़ों ने घर, मंदिर, गोशालाओं को भारी नुकसान पहुंचाया है। कई लोगों के बगीचे तबाह हो गए हैं। कई घर खतरे की जद में हैं। लोगों ने प्रशासन से मांग की कि फोरलेन का कलवर्ट चौड़ा और गहरा बनाया जाए जिससे पानी सड़क पर न आए। बाढ़ से जो नुकसान हुआ है, उसका आकलन कर डिजास्टर मैनेजमेंट से नुकसान की भरपाई की जाए। पिपलागे नाले का तटीकरण किया जाए।
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बशौना पंचायत के प्रधान महेंद्र ठाकुर, ग्रामीण रणजीत, प्रकाश, गोपाल, मनीराम, राम दास, किशन सिंह, बृजलाल, राम सिंह, संजय कुमार, चेतराम, राम पाल, संगत राम, रीना देवी, सपना और कौशल्या देवी ने कहा कि वह प्रशासनिक अधिकारियों से बात कर चुके हैं। कोई सुनने को तैयार नहीं है। ऐसे में चक्का जाम करनाना पड़ा।
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उधर, नायब तहसीलदार इंद्र सिंह ने कहा कि ग्रामीणों के साथ बात करने के बाद सड़क से वाहनों की आवाजाही सुचारू कर दी गई है। लोगाें की इस समस्या को एनएचएआई से उठाया जाएगा जिससे समस्या का समाधान हो सके।