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Kullu News: प्रतिभा है, जुनून है... बस शिक्षक नहीं
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न्यूली (कुल्लू)। राजकीय उच्च विद्यालय सिहण के विद्यार्थी खेलों में अपना हुनर नहीं निखार पा रहे हैं। जुनून तो है लेकिन शारीरिक शिक्षक की कमी के कारण प्रतिभाओं को मंच नहीं मिल पा रहा है। हालात ऐसे हैं कि विद्यालयों की ओर से आयोजित होने वाले वार्षिक खेलकूद स्पर्धाओं में विद्यार्थी भाग नहीं ले पा रहे हैं।
विद्यालय में दस साल से शारीरिक शिक्षक का पद रिक्त है। इससे विद्यार्थियों की खेलकूद एवं शारीरिक विकास संबंधी गतिविधियां प्रभावित हो रही हैं। एक तरफ सरकार स्कूलों में खेलकूद को बढ़ावा देने की बात कर रही है वहीं शारीरिक शिक्षकों की तैनाती नहीं की जा रही है। अभिभावकों एवं स्थानीय लोगों ने शारीरिक शिक्षक के पद को भरने की मांग उठाई है ताकि विद्यार्थियों को गुणवत्तापूर्ण शारीरिक शिक्षा उपलब्ध हो सके।
अभिभावकों का कहना है कि शारीरिक शिक्षक की नियुक्ति न होने से बच्चों की खेल प्रतिभा उभर नहीं पा रही है और विद्यालय की खेल उपलब्धियों पर भी असर पड़ रहा है। उन्होंने शिक्षा विभाग से आग्रह किया है कि समस्या को देखते हुए इसका समाधान किया जाए। उन्होंने सरकार और विभाग से शारीरिक शिक्षक की तैनाती करने की मांग की है। उधर, उच्च शिक्षा कुल्लू के उपनिदेशक देशराज डोगरा का कहना है विभाग स्कूलों में खाली पड़े पदों को लेकर निदेशालय और सरकार को हर महीने रिपोर्ट भेजता है। उम्मीद है कि जल्द ही इस स्कूल में शिक्षक की तैनाती होगी। संवाद
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विद्यालय में दस साल से शारीरिक शिक्षक का पद रिक्त है। इससे विद्यार्थियों की खेलकूद एवं शारीरिक विकास संबंधी गतिविधियां प्रभावित हो रही हैं। एक तरफ सरकार स्कूलों में खेलकूद को बढ़ावा देने की बात कर रही है वहीं शारीरिक शिक्षकों की तैनाती नहीं की जा रही है। अभिभावकों एवं स्थानीय लोगों ने शारीरिक शिक्षक के पद को भरने की मांग उठाई है ताकि विद्यार्थियों को गुणवत्तापूर्ण शारीरिक शिक्षा उपलब्ध हो सके।
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अभिभावकों का कहना है कि शारीरिक शिक्षक की नियुक्ति न होने से बच्चों की खेल प्रतिभा उभर नहीं पा रही है और विद्यालय की खेल उपलब्धियों पर भी असर पड़ रहा है। उन्होंने शिक्षा विभाग से आग्रह किया है कि समस्या को देखते हुए इसका समाधान किया जाए। उन्होंने सरकार और विभाग से शारीरिक शिक्षक की तैनाती करने की मांग की है। उधर, उच्च शिक्षा कुल्लू के उपनिदेशक देशराज डोगरा का कहना है विभाग स्कूलों में खाली पड़े पदों को लेकर निदेशालय और सरकार को हर महीने रिपोर्ट भेजता है। उम्मीद है कि जल्द ही इस स्कूल में शिक्षक की तैनाती होगी। संवाद
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