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Kullu News: सता रही सर्दी... राहत गायब, तंबू बना जिंदगी का सहारा

Sat, 03 Jan 2026 10:18 PM IST
शिमला ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, कुल्लू
संवाद न्यूज एजेंसी, कुल्लू Updated Sat, 03 Jan 2026 10:18 PM IST
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The cold is tormenting... relief is missing, tents have become the support of life.
सैंज घाटी में आपदा के बाद से कडाके की सर्दी में टीन के शेड़ में रहने को मजबूर आपदा प्रभावित परि
सैंज के आपदा प्रभावित बोले- चार महीने बाद भी फौरी राहत के सिवाय कुछ नहीं मिला
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बोले- अभी जमीन पर नहीं उतरी सरकार की सात लाख रुपये देने की घोषणा
कहा- न रहने का उचित ठिकाना, न ही शौचालय, पीने के पानी की भी समस्या
संवाद न्यूज एजेंसी
सैंज (कुल्लू)। घाटी के आपदा प्रभावितों को चार महीने बाद भी फौरी राहत के अलावा अभी तक कोई मदद नहीं मिली है। प्रभावित परिवार सर्दी और बर्फबारी के बीच तिरपाल के तंबुओं में रहने को मजबूर हैं।
143 मकान पूरी तरह और 237 मकान आंशिक रूप से क्षतिग्रस्त हुए हैं। सरकार और प्रशासन की ओर से 7 लाख रुपये की घोषित सहायता अब तक जमीन पर नहीं आई है। प्रभावितों का कहना है कि बिना उचित ठिकाने और बुनियादी सुविधाओं वे अपनी जिंदगी और परिवार की सुरक्षा को लेकर गंभीर चिंता में हैं।प्रभावितों के अनुसार सरकार और प्रशासन ने उन्हें दो बार सहायता देने के नाम पर मंडी बुलाया लेकिन अभी तक कुछ नहीं मिला है। उन्हें अभी तक फौरी राहत के तौर पर पांच हजार रुपये ही मिले हैं। सरकार की 7 लाख देने की घोषणा को लेकर कुछ नहीं मिला है। प्रभावितों ने कहा कि उनकी सुध लेने वाला कोई नहीं है। ठंड बढ़ गई है। बर्फबारी होने वाली है। इससे ठंड का प्रकोप और बढ़ेगा। इससे प्रभावित परिवारों को दिक्कतों का सामना करना पड़ेगा। उन्हाेंने मांग की है कि प्रभावितों को जल्द सरकार की ओर से सहायता दी जाए। आलम यह है कि प्रभावितों के पास न तो रहने के लिए उचित ठिकाना है और न ही शौचालय की व्यवस्था। पीने के पानी की भी समस्या पैदा हो गई है।
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143 मकान पूर्ण, 237 आंशिक रूप से हुए हैं क्षतिग्रस्त
गौरतलब है कि आपदा के दौरान 143 मकान पूर्ण रूप से और 237 आंशिक रूप से क्षतिग्रस्त हुए है। सैंज घाटी के मातला, जीवा सहित ऐसे कई गांव हैं जहां अधिकतर घर क्षतिग्रस्त हुए हैं। प्रभावित यान सिंह, रजनीश, भिमी राम और दौलत राम ने कहा कि कई लोगों के पास मकान बनाने को भूमि तक नहीं बच पाई है। उन्होंने सरकार से मांग की है कि ऐसे लोगों के लिए जगह का भी प्रबंध किया जाए।
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--प्रदेश सरकार और प्रशासन से आग्रह है कि प्रभावित परिवारों को जल्द सहायता दी जाए ताकि समय रहते प्रभावित परिवार अपने घर बनाने का कार्य शुरू कर सकें। - राम सिंह, प्रभावित--

आपदा प्रभावितों के घर और जमीनें तबाह हो गई हैं। लोगों को परेशानी हो रही है। सरकार से आग्रह है कि प्रभावित परिवारों को सरकार की ओर से मिलने वाली राहत जल्द प्रदान की जाए। - रवि धामी, प्रभावित
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