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दस से बढ़ाकर 15 साल किया जाए टैक्सी परमिट: कविंद्र
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कुल्लू। टैक्सी ऑपरेटरों को दस साल का परमिट जारी किया जा रहा है, लेकिन ऑपरेटर इसे दस से बढ़ाकर 15 साल करने की मांग कर रहे हैं। प्रदेश में सत्तासीन रही भाजपा और कांग्रेस सरकारों ने ऑपरेटरों की मांग को दरकिनार किया है।
यह बात टैक्सी ऑपरेटर यूनियन कुल्लू के चेयरमैन कविंद्र ठाकुर ने कही। मंगलवार को टैक्सी यूनियन कार्यालय ढालपुर में बैठक आयोजित की गई। जिसमें ऑपरेटरों की समस्याओं पर विचार-विमर्श किया गया। बैठक में निर्णय लिया गया कि जो संगठन ऑपरेटरों से उनकी मांगों को लेकर बैठक करेगा। यूनियन उसी संगठन को लोकसभा उपचुनाव में अपना समर्थन देगी।
टैक्सी यूनियन कुल्लू के चेयरमैन कविंद्र ठाकुर ने कहा कि टैक्सी ऑपरेटरों को दस साल का परमिट दिया जाता है। इस कारण उन्हें परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है। ज्यादातर पांच से छह साल तक टैक्सी की किस्तें जमा करवानी पड़ती हैं। ऐसे में मात्र चार साल में वे कैसे आर्थिक तौर पर सक्षम हो पाएंगे। इस गंभीर मुद्दे को पिछले लोकसभा चुनाव में यूनियन के पदाधिकारियों ने प्रदेश सरकार के समक्ष रखा था। यूनियन की मांग पर गौर करते हुए मंडी में आयोजित बैठक में मुख्यमंत्री ने इसे पूरा करने का आश्वासन दिया था, लेकिन अभी तक ऑपरेटरों की मांग को पूरा नहीं किया गया है।
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भाजपा ही नहीं कांग्रेस ने भी सत्तासीन रहते हुए ऑपरेटरों को महज झूठे आश्वासन ही दिए हैं। कहा कि मंगलवार को आयोजित बैठक में टैक्सी यूनियन के पदाधिकारियों और सदस्यों ने 15 साल तक परमिट की अवधि बढ़ाने वाले संगठन को समर्थन करने का निर्णय लिया है।
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यह बात टैक्सी ऑपरेटर यूनियन कुल्लू के चेयरमैन कविंद्र ठाकुर ने कही। मंगलवार को टैक्सी यूनियन कार्यालय ढालपुर में बैठक आयोजित की गई। जिसमें ऑपरेटरों की समस्याओं पर विचार-विमर्श किया गया। बैठक में निर्णय लिया गया कि जो संगठन ऑपरेटरों से उनकी मांगों को लेकर बैठक करेगा। यूनियन उसी संगठन को लोकसभा उपचुनाव में अपना समर्थन देगी।
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टैक्सी यूनियन कुल्लू के चेयरमैन कविंद्र ठाकुर ने कहा कि टैक्सी ऑपरेटरों को दस साल का परमिट दिया जाता है। इस कारण उन्हें परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है। ज्यादातर पांच से छह साल तक टैक्सी की किस्तें जमा करवानी पड़ती हैं। ऐसे में मात्र चार साल में वे कैसे आर्थिक तौर पर सक्षम हो पाएंगे। इस गंभीर मुद्दे को पिछले लोकसभा चुनाव में यूनियन के पदाधिकारियों ने प्रदेश सरकार के समक्ष रखा था। यूनियन की मांग पर गौर करते हुए मंडी में आयोजित बैठक में मुख्यमंत्री ने इसे पूरा करने का आश्वासन दिया था, लेकिन अभी तक ऑपरेटरों की मांग को पूरा नहीं किया गया है।
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भाजपा ही नहीं कांग्रेस ने भी सत्तासीन रहते हुए ऑपरेटरों को महज झूठे आश्वासन ही दिए हैं। कहा कि मंगलवार को आयोजित बैठक में टैक्सी यूनियन के पदाधिकारियों और सदस्यों ने 15 साल तक परमिट की अवधि बढ़ाने वाले संगठन को समर्थन करने का निर्णय लिया है।