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पुराने फार्मूले पर रॉयल्टी नामंजूर
ब्यूरो/अमर उजाला, कुल्लू
Updated Wed, 20 Apr 2016 10:20 PM IST
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पार्वती परियोजना चरण तीन के उत्पादन से प्रभावितों को मिलने वाली एक फीसदी रॉयल्टी के वितरण पर प्रभावित ग्रामीणों ने ऐतराज जताया है। बुधवार को प्रभावितों ने रॉयल्टी की वितरण प्रक्रिया पर रोक लगाने के लिए जिला परिषद अध्यक्ष रोहिणी चौधरी के नेतृत्व में नायब तहसीलदार सैंज के माध्यम से एसडीएम बंजार को ज्ञापन सौंप कर कार्रवाई की मांग की। है।
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पार्वती परियोजना चरण तीन में 2014 से उत्पादन शुरू हो चुका है। एमओयू के मुताबिक उत्पादन के 1 फीसदी राशि को परियोजना प्रभावितों को आवंटन किया जाना है। इसके लिए परियोजना प्रबंधन ने प्रभावित 8 पंचायतों के करीब 2500 पात्र परिवारों की सूची जारी की है। एनएचपीसी द्वारा जारी की गई सूची के मुताबिक रॉयल्टी राशि की आवंटन प्रक्रिया को प्रभावितों ने खारिज कर दिया है।
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प्रभावितों का कहना है कि रॉयल्टी वितरण के लिए परियोजना निर्माण शुरू वर्ष 1998 के आधार पर परिवारों को चुना गया है तब परिवारों की संख्या कम थी जबकि उत्पादन 2014 में शुरू हुआ है। अब परिवारों की संख्या भी बढ़ गई है। प्रभावितों की मांग है कि वर्ष 2014 के आधार पर ही परिवारों का चयन किया जाना चाहिए तथा अधिग्रहित भूमि मालिकों के परिवारों को ही पात्र माना जाए।
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उधर, जिला परिषद अध्यक्ष रोहिणी चौधरी ने बताया कि रायल्टी आवंटन प्रक्रिया में कई तरह की खामियां पाई गई है। प्रभावितों के सुझावों को दरकिनार किया गया है। प्रभावितों की आपत्तियों के चलते सरकार से प्रक्रिया पर रोक लगाने की मांग की गई। इसी माह इस मामले को प्रधानमंत्री व केंद्रीय ऊर्जा मंत्री के समक्ष भी उठाया जाएगा।
वहीं, पार्वती परियोजना के चीफ इंजीनियर एसके यादव ने बताया कि प्रभावित ग्रामीणों का चयन प्रदेश सरकार के दिशा-निर्देशानुसार किया जाता है। इसमें उनकी कोई भूमिका नहीं रहती है।