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Kullu News: एक गायनी विशेषज्ञ के भरोसे क्षेत्रीय अस्पताल, गर्भवतियों की बढ़ीं मुश्किलें

Thu, 16 Jul 2026 10:52 AM IST
शिमला ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, कुल्लू
संवाद न्यूज एजेंसी, कुल्लू Updated Thu, 16 Jul 2026 10:52 AM IST
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Regional hospital relies on a single gynecologist; difficulties mount for pregnant women.
कुल्लू के क्षेत्रीय अस्पताल में पर्ची बनाने के लिए लगी मरीजो की लाइन।-संवाद
कुल्लू। क्षेत्रीय अस्पताल कुल्लू में प्रसव के बाद महिला की मौत के मामले में एक स्त्री रोग विशेषज्ञ के निलंबन के बाद गायनी सेवाएं प्रभावित हो गई हैं। अस्पताल में अब केवल एक विशेषज्ञ डॉक्टर के भरोसे ओपीडी, वार्ड और ऑपरेशन की जिम्मेदारी है, जिससे गर्भवती महिलाओं को समय पर उपचार नहीं मिल पा रहा।
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क्षेत्रीय अस्पताल में फिलहाल एक ही स्त्री रोग विशेषज्ञ कार्यरत हैं। ऐसे में डॉक्टर को एक साथ ओपीडी, गायनी वार्ड और ऑपरेशन थियेटर की जिम्मेदारी निभानी पड़ रही है। नतीजतन जहां डॉक्टर ऑपरेशन में व्यस्त रहता है, वहां ओपीडी प्रभावित हो जाती है और वार्ड की व्यवस्था भी प्रभावित होती है। इसका सीधा असर गर्भवती महिलाओं और अन्य महिला मरीजों पर पड़ रहा है।
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मंगलवार और बुधवार को स्त्री रोग विशेषज्ञ के ऑपरेशन निर्धारित रहते हैं। इन दोनों दिन गायनी ओपीडी नियमित रूप से संचालित नहीं हो पाती। बुधवार को जांच के लिए पहुंचीं रेखा देवी, देवकी देवी और निशा ने बताया कि डॉक्टर उपलब्ध नहीं होने से उन्हें बिना जांच कराए लौटना पड़ा और अब निजी अस्पताल का रुख करना पड़ेगा।
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रोजाना 100 से अधिक महिलाएं पहुंचती हैं अस्पताल
क्षेत्रीय अस्पताल की गायनी ओपीडी में प्रतिदिन 100 से अधिक महिलाओं का पंजीकरण होता है। सोमवार को 118 मरीजों ने पंजीकरण कराया था लेकिन मंगलवार और बुधवार को ऑपरेशन ड्यूटी के कारण ओपीडी नहीं हो सकी। इससे दूर-दराज से आई कई महिलाओं को निराश लौटना पड़ा।
पांच क्षेत्रों का एकमात्र बड़ा सरकारी सहारा
क्षेत्रीय अस्पताल कुल्लू केवल कुल्लू जिले ही नहीं बल्कि मनाली, लाहौल, पांगी और मंडी के सिराज क्षेत्र की महिलाओं के लिए भी प्रमुख सरकारी स्वास्थ्य केंद्र है। ऐसे में गायनी विशेषज्ञों की कमी का असर हजारों महिला मरीजों पर पड़ रहा है, खासकर गर्भवती महिलाओं को बार-बार जांच के लिए निजी अस्पतालों में जाना मजबूरी बनता जा रहा है।


डॉक्टर की कमी से कुछ दिक्कतें जरूर आ रही हैं लेकिन अस्पताल प्रबंधन उपलब्ध संसाधनों से मरीजों को बेहतर सेवाएं देने का प्रयास कर रहा है। रिक्त पद भरने के लिए सरकार और उच्च अधिकारियों को रिपोर्ट भेजी गई है। -डॉ. हीरा लाल, चिकित्सा अधीक्षक, क्षेत्रीय अस्पताल कुल्लू
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