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आयुष अस्पताल में पंचकर्मा ओपीडी शुरू
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संवाद न्यूज एजेंसी
कुल्लू। जिले में आयुष विभाग का एकमात्र अस्पताल मुख्यालय ढालपुर में स्थित है। अस्पताल में दो साल बाद मरीजों के लिए पंचकर्मा ओपीडी शुरू हो गई है।
ओपीडी में अब पंचकर्मा से संबंधी बीमारियों के ग्रस्त मरीजों का उपचार होगा। अस्पताल में पंचकर्मा थेरेपी के उपरांत मरीजों को भर्ती भी किया जाएगा। मरीजों के लिए दस बिस्तरों की व्यवस्था की गई है। इससे मरीजों को काफी राहत मिलेगी। बता दें कि कोरोना काल में आयुष अस्पताल को कोविड केयर सेंटर बनाया गया था। इस कारण आयुष चिकित्सा पद्धति से उपचार करवा रहे मरीजों के लिए पंचकर्मा की सुविधा बंद कर दी गई थी।
चिकित्सकों के परामर्श के अनुसार अब अस्पताल में कोरोना काल से पूर्व की भांति मरीजों का उपचार पंचकर्मा थेरेपी से किया जा रहा है। उपचार के बाद मरीजों को भर्ती भी किया जाएगा। पहले मरीजों को पंचकर्मा थेरेपी के बाद वापस जाना पड़ता था, जिससे मरीज और तीमारदारों को परेशान होना पड़ता था। अब उपचार करवाने के बाद भटकना नहीं पड़ेगा। जिला आयुष अधिकारी डॉ. ज्योति कंवर ने कहा कि जिला आयुष अस्पताल में ओपीडी, पंचकर्मा और मरीजों को भर्ती करने की व्यवस्था की गई है। विभाग मरीजों को बेहतर स्वास्थ्य सुविधाएं प्रदान करने के लिए कृतसंकल्प है।
रोजाना दस मरीजों का होता है उपचार
डॉ. मनीष सूद ने कहा कि जिला आयुष अस्पताल में रोजाना आठ से दस मरीजों का पंचकर्मा थेरेपी से उपचार किया जा रहा है। इसके लिए मरीजों का जांच के उपरांत पंजीकरण किया जा रहा है। मई महीने तक अभी से बुकिंग हो चुकी है।
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कुल्लू। जिले में आयुष विभाग का एकमात्र अस्पताल मुख्यालय ढालपुर में स्थित है। अस्पताल में दो साल बाद मरीजों के लिए पंचकर्मा ओपीडी शुरू हो गई है।
ओपीडी में अब पंचकर्मा से संबंधी बीमारियों के ग्रस्त मरीजों का उपचार होगा। अस्पताल में पंचकर्मा थेरेपी के उपरांत मरीजों को भर्ती भी किया जाएगा। मरीजों के लिए दस बिस्तरों की व्यवस्था की गई है। इससे मरीजों को काफी राहत मिलेगी। बता दें कि कोरोना काल में आयुष अस्पताल को कोविड केयर सेंटर बनाया गया था। इस कारण आयुष चिकित्सा पद्धति से उपचार करवा रहे मरीजों के लिए पंचकर्मा की सुविधा बंद कर दी गई थी।
चिकित्सकों के परामर्श के अनुसार अब अस्पताल में कोरोना काल से पूर्व की भांति मरीजों का उपचार पंचकर्मा थेरेपी से किया जा रहा है। उपचार के बाद मरीजों को भर्ती भी किया जाएगा। पहले मरीजों को पंचकर्मा थेरेपी के बाद वापस जाना पड़ता था, जिससे मरीज और तीमारदारों को परेशान होना पड़ता था। अब उपचार करवाने के बाद भटकना नहीं पड़ेगा। जिला आयुष अधिकारी डॉ. ज्योति कंवर ने कहा कि जिला आयुष अस्पताल में ओपीडी, पंचकर्मा और मरीजों को भर्ती करने की व्यवस्था की गई है। विभाग मरीजों को बेहतर स्वास्थ्य सुविधाएं प्रदान करने के लिए कृतसंकल्प है।
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रोजाना दस मरीजों का होता है उपचार
डॉ. मनीष सूद ने कहा कि जिला आयुष अस्पताल में रोजाना आठ से दस मरीजों का पंचकर्मा थेरेपी से उपचार किया जा रहा है। इसके लिए मरीजों का जांच के उपरांत पंजीकरण किया जा रहा है। मई महीने तक अभी से बुकिंग हो चुकी है।
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