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एनजीटी के नए आदेश से नौ गांवों के एक हजार परिवारों पर रोजी-रोटी का संकट
ब्यूरो/ अमर उजाला, कुल्लू
Updated Fri, 11 Dec 2015 10:19 PM IST
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एनजीटी के नए आदेशों ने नौ गांवों के एक हजार परिवारों की रोजी रोटी पर संकट खड़ा हो गया है। पहले ही आर्थिक परेशानियों का सामना कर रहे मनाली और आसपास के सैकड़ों लोगों की परेशानियां और बढ़ गई हैं। एनजीटी के इस आदेश के चलते न केवल एक हजार परिवारों की रोजी-रोटी प्रभावित हो रही है।
वहीं कुल्लू-मनाली में लगभग 7 सौ छोटे बड़े होटलों, सैकडों होम स्टे और मनाली सहित पूरे जिले के अनेकों प्रकार के व्यवसाय से जुड़े लोगों की आर्थिकी पर भी बुरा असर पड़ेगा। इससे कुल्लू-मनाली में बेेरोजगारों की संख्या बढ़ जाएगी ।
हालांकि इस वर्ष जुलाई माह में रोहतांग पर स्थानीय लोगों की ओर से व्यावसायिक गतिविधियां रोकने के चलते लोगों की आर्थिकी पर बुरा असर पड़ा है। इसके चलते हजारों परिवार बेेरोजगार हो गए हैं और इन लोगों में भारी असंतोष है तथा नौ गांव के लोगों के पुनर्वास के लिए कोई कदम नहीं उठाया गया है।
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वहीं, पर एनजीटी की ओर से रोहतांग पर मात्र 500 पेट्रोल वाहनों के नए आदेश के चलते मनाली सहित पूरे कुल्लू जिले के पर्यटन को तगड़ा झटका दिया है
। कुल्लू-मनाली आने वाला हर व्यक्ति रोहतांग जाना चाहता है। वहां पर बर्फ देखने चाहता है लेकिन 500 वाहन ही रोहतांग जाएंगे तो कुल्लू-मनाली आने वाले की संख्या में भारी कमी होगी इस वर्ष की भांति मनाली में छोटे बड़े होटल खाली रह जाएंगे। इससे कुल्लू-मनाली में करोड़ों रुपये की लागत से बनाए गए होटलों और अन्य पर्यटन प्रतिष्ठानों को भारी नुकसान उठाना पड़ सकता है।
एनजीटी के नए आदेशानुसार मनाली में आने वाले पर्यटकों की संख्या में कमी आना लाजमी है। जिससे मनाली ही नहीं पूरे कुल्लू जिला जो कि पर्यटन पर निर्भर हो चुका है के लोगों को अपना व्यवसाय बदलना पड़ेगा। इससे बेरोजगारी बढ़ना लाजमी है।
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वहीं कुल्लू-मनाली में लगभग 7 सौ छोटे बड़े होटलों, सैकडों होम स्टे और मनाली सहित पूरे जिले के अनेकों प्रकार के व्यवसाय से जुड़े लोगों की आर्थिकी पर भी बुरा असर पड़ेगा। इससे कुल्लू-मनाली में बेेरोजगारों की संख्या बढ़ जाएगी ।
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हालांकि इस वर्ष जुलाई माह में रोहतांग पर स्थानीय लोगों की ओर से व्यावसायिक गतिविधियां रोकने के चलते लोगों की आर्थिकी पर बुरा असर पड़ा है। इसके चलते हजारों परिवार बेेरोजगार हो गए हैं और इन लोगों में भारी असंतोष है तथा नौ गांव के लोगों के पुनर्वास के लिए कोई कदम नहीं उठाया गया है।
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वहीं, पर एनजीटी की ओर से रोहतांग पर मात्र 500 पेट्रोल वाहनों के नए आदेश के चलते मनाली सहित पूरे कुल्लू जिले के पर्यटन को तगड़ा झटका दिया है
। कुल्लू-मनाली आने वाला हर व्यक्ति रोहतांग जाना चाहता है। वहां पर बर्फ देखने चाहता है लेकिन 500 वाहन ही रोहतांग जाएंगे तो कुल्लू-मनाली आने वाले की संख्या में भारी कमी होगी इस वर्ष की भांति मनाली में छोटे बड़े होटल खाली रह जाएंगे। इससे कुल्लू-मनाली में करोड़ों रुपये की लागत से बनाए गए होटलों और अन्य पर्यटन प्रतिष्ठानों को भारी नुकसान उठाना पड़ सकता है।
एनजीटी के नए आदेशानुसार मनाली में आने वाले पर्यटकों की संख्या में कमी आना लाजमी है। जिससे मनाली ही नहीं पूरे कुल्लू जिला जो कि पर्यटन पर निर्भर हो चुका है के लोगों को अपना व्यवसाय बदलना पड़ेगा। इससे बेरोजगारी बढ़ना लाजमी है।