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घने जंगल में रात भर दर्द से कराहते रहे घायल सैलानी

Mon, 16 May 2022 10:27 PM IST
Shimla Bureau शिमला ब्यूरो
Updated Mon, 16 May 2022 10:27 PM IST
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Injured tourists groaning in pain all night long in the dense forest
कुल्लू जिला के बंजार स्थित घियागी एनएच-305 में पर्यटक वाहन खाई में गिरा। इससे चार पर्यटको की मौके प? - फोटो : Kullu
फरेंद्र ठाकुर
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कुल्लू। कुल्लू जिले के बंजार के घियागी दर्दनाक हादसे में दिल्ली के सैलानी पूरी रात जंगल में दर्द से कराहते रहे, लेकिन मदद के लिए कोई नहीं आया। जिला अस्पताल कुल्लू में उपचाराधीन घायल आस्था भंडारी ने सोमवार शाम को अपना दर्द बयां किया।
आस्था ने कहा कि वे सभी जलोड़ी के सरयोलसर झील घूमने के लिए गए थे। वापसी में हादसा घियागी के पास रविवार रात को 8:30 बजे हुआ। किसी तरह वाहन सड़क से होकर ढांक से नीचे खाई में चला गया, उनको पता ही नहीं चला। वाहन घने जंगल के बीच देवदार के पेड़ के साथ रुक गया। इससे वह पेड़ के बीच फंसी और जान बची। कुछ दोस्त वाहन से बाहर गिरे हुए दिखाई दिए, लेकिन दर्द इतना था कि उनके पास जाकर सहारा भी नहीं दे पाई। अपनी आंखों के सामने दोस्तों को तड़पते देखा। रो-रो कर बुरा हाल हुआ। मदद के लिए कई घंटे तक आवाज लगाई। सुनसान जगह होने से आवाज सड़क तक नहीं पहुंच पाई। उसने कहा कि पूरी रात हिम्मत रखी। कुछ दोस्त भी खून से लथपथ थे, जबकि कुछ का कोई पता नहीं था कि कहां गिरे हैं।
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जंगल में रात को डर भी लगा। एक स्थानीय महिला सोमवार सुबह सड़क से पैदल जा रही थी, तो उसने युवती की चीखें सुनीं और लोगों को सूचित किया। इसके बाद घायलों को मदद मिल सकी। भगवान के आशीर्वाद से हम तीन दोस्त बच गए, लेकिन अन्य दोस्तों को खो दिया। घायल आस्था भंडारी ने नम आंखों से बताया कि अगर समय रहते हादसे की सूचना स्थानीय लोगों को मिल जाती तो उनके दोस्तों की जान बच जाती। हमने अपने चार दोस्तों को खो दिया, जिसका दर्द ताउम्र सताता रहेगा। बंजार का घियागी हादसा मृतकों के परिवार को उम्रभर का जख्म दे गया है। इसका दर्द परिवार और दोस्तों को हमेशा रहेेगा। इस हादसे में चार घरों के चिराग बुझ गए है। आस्था भंडारी ने बताया कि उसके दो अन्य दोस्त जो घायल हैं, उनके माता-पिता को चिंता सता रही है। उधर, पुलिस ने घायलों के परिजनों को हादसे के बारे में जानकारी दी। उनके माता-पिता मंगलवार को कुल्लू पहुंच जाएंगे। संवाद
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क्या सोचा था और क्या हो गया
घायल आस्था भंडारी ने बताया कि वे सभी एक साथ दिल्ली के निजी आईसीआईसीआई बैंक में नौकरी करते हैं। सभी 13 मई को हिमाचल प्रदेश के कुल्लू घूमने आए थे। दो दिन से बंजार के पर्यटन स्थल जिभी में रुके हुए थे। कहा कि हमने क्या सोचा था और क्या हो गया।
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