{"_id":"68e3fcf8ddca1807c40e326f","slug":"gods-will-give-powers-to-raghunath-today-before-the-attack-on-lanka-kullu-news-c-89-1-klu1001-158737-2025-10-06","type":"story","status":"publish","title_hn":"Kullu News: लंका पर चढ़ाई से पहले आज रघुनाथ को शक्तियां देंगे देवता","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
Kullu News: लंका पर चढ़ाई से पहले आज रघुनाथ को शक्तियां देंगे देवता
Mon, 06 Oct 2025 11:04 PM IST
शिमला ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, कुल्लू
संवाद न्यूज एजेंसी, कुल्लू
Updated Mon, 06 Oct 2025 11:04 PM IST
विज्ञापन
कुल्लू में भगवान रघुनाथ के अस्थाई शिविर में आरती के दौरान श्रद्यालू।-संवाद
अस्थायी शिविरों से देवमिलने के लिए भगवान रघुनाथ के शिविर में आएंगे देवी-देवता
दशहरा उत्सव में मनाया जाएगा मौहल्ला उत्सव, अंतिम दिन होता है लंका दहन
संवाद न्यूज एजेंसी
कुल्लू। दशहरा उत्सव अपने अंतिम पड़ाव की ओर से अग्रसर हो गया है। दशहरा के छठे दिन सभी देवी-देवता अपने अस्थायी शिविरों से बाहर आएंगे।
देवता भगवान रघुनाथ के अस्थायी शिविर में देवमिलन के लिए जाएंगे। लंका पर चढ़ाई से पहले देवता भगवान रघुनाथ को शक्तियां प्रदान करेंगे। गौर रहे कि दशहरा के अंतिम दिन लंका दहन होता है। इस दौरान न तो पटाखे फोड़े जाते हैं और न ही रावण का पुतला जलाया जाता है। कुल्लू में देवविधि से लंका दहन की परंपरा निभाई जाती है। लंका से एक दिन पहले सभी देवी-देवता भगवान रघुनाथ से देवमिलन करने पहुंचेंगे। इसके बाद राजा की चानणी के पास जाएंगे। देवमिलन का नजारा एक बार फिर दशहरा में देखने को मिलेगा। दशहरा में छठे दिन को मौहल्ला कहा जाता है। देवी-देवताओं का देवमिलन और लोगों की भीड़ ढालपुर में दोपहर बाद रहेगी। हालांकि रविवार और सोमवार को बारिश ने देवलुओं को परेशान किया है। देवलू सोमवार को बारिश होने के कारण अस्थायी शिविरों में ही दुबके रहे। हालांकि, दशहरा में देवी-देवताओं के दर्शनों आए श्रद्धालुओं की संख्या में भी कमी देखने को मिली।
जिला देवी-देवता कारदार संघ के महासचिव टीसी महंत ने कहा कि दशहरा में आए देवी-देवताओं की ओर से देव परंपरा का निर्वहन किया जाएगा। लंका दहन के दिन देवता अपने देवालयों की ओर रवाना हो जाएंगे।
--
गोपूजन भी होगा
मौहल्ला के दिन कुल्लू में गोपूजन की भी परंपरा है। पूर्णिमा पर धूप, अखरोट आदि से गोपूजन किया जाएगा। गोपूजन के बाद अखरोट भी फेंके जाएंगे। ग्रामीण क्षेत्रों में लोगों ने गोपूजन की तैयारी कर ली है।
विज्ञापन
--
विज्ञापन
दशहरा उत्सव में मनाया जाएगा मौहल्ला उत्सव, अंतिम दिन होता है लंका दहन
संवाद न्यूज एजेंसी
कुल्लू। दशहरा उत्सव अपने अंतिम पड़ाव की ओर से अग्रसर हो गया है। दशहरा के छठे दिन सभी देवी-देवता अपने अस्थायी शिविरों से बाहर आएंगे।
देवता भगवान रघुनाथ के अस्थायी शिविर में देवमिलन के लिए जाएंगे। लंका पर चढ़ाई से पहले देवता भगवान रघुनाथ को शक्तियां प्रदान करेंगे। गौर रहे कि दशहरा के अंतिम दिन लंका दहन होता है। इस दौरान न तो पटाखे फोड़े जाते हैं और न ही रावण का पुतला जलाया जाता है। कुल्लू में देवविधि से लंका दहन की परंपरा निभाई जाती है। लंका से एक दिन पहले सभी देवी-देवता भगवान रघुनाथ से देवमिलन करने पहुंचेंगे। इसके बाद राजा की चानणी के पास जाएंगे। देवमिलन का नजारा एक बार फिर दशहरा में देखने को मिलेगा। दशहरा में छठे दिन को मौहल्ला कहा जाता है। देवी-देवताओं का देवमिलन और लोगों की भीड़ ढालपुर में दोपहर बाद रहेगी। हालांकि रविवार और सोमवार को बारिश ने देवलुओं को परेशान किया है। देवलू सोमवार को बारिश होने के कारण अस्थायी शिविरों में ही दुबके रहे। हालांकि, दशहरा में देवी-देवताओं के दर्शनों आए श्रद्धालुओं की संख्या में भी कमी देखने को मिली।
जिला देवी-देवता कारदार संघ के महासचिव टीसी महंत ने कहा कि दशहरा में आए देवी-देवताओं की ओर से देव परंपरा का निर्वहन किया जाएगा। लंका दहन के दिन देवता अपने देवालयों की ओर रवाना हो जाएंगे।
विज्ञापन
गोपूजन भी होगा
मौहल्ला के दिन कुल्लू में गोपूजन की भी परंपरा है। पूर्णिमा पर धूप, अखरोट आदि से गोपूजन किया जाएगा। गोपूजन के बाद अखरोट भी फेंके जाएंगे। ग्रामीण क्षेत्रों में लोगों ने गोपूजन की तैयारी कर ली है।
विज्ञापन