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शहर में हांफी घर-घर कूड़ा उठाने की योजना
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वार्डों से रोज नहीं उठ रहा कूड़ा, अब गलियों में लगने लगे ढेर
तीन से चार दिन बाद आ रहा सफाई वाला, वार्ड वासी मायूस
नगर परिषद कुल्लू को साफ-सुथरा रखने के दावे हवा-हवाई
संवाद न्यूज एजेंसी
कुल्लू। शहर में डोर टू डोर कूड़ा उठाने की योजना दम तोड़ती जा रही है। शहर के वार्डों से कूड़ा रोजाना नहीं उठ रहा है। सफाई कर्मचारी तीन से चार दिन बाद आ रहा है। इससे घरों के बाहर कूड़े के ढेर लगने लगे हैं। इससे वार्डों में रह रहे लोगों की परेशानी बढ़ती जा रही है। नगर परिषद कुल्लू के शहर को साफ-सुथरा रखने के दावे हवा-हवाई साबित हो रहे हैं।
बता दें कि प्रदेश भर के शहरों में घर-घर जाकर कूड़ा उठाने की योजना चलाई जा रही है। कुल्लू में भी नगर परिषद ने योजना शुरू की है, लेकिन कई वार्डों में हर घर से कूड़ा नहीं उठाया जा रहा है। इससे जगह-जगह कूड़े के ढेर लग गए हैं।
हालांकि, नगर परिषद स्वच्छता लेकर उचित कदम तो उठा रही है, लेकिन यह धरातल पर नहीं उतर रही है। वार्ड वासी सोहनलाल, तजेंद्र कुमार और योगराज सहित अन्य ने बताया कि वे सभी रोजाना कूड़े को सुबह के समय घर से बाहर रखते हैं, लेकिन शाम को घर लौटते समय कूड़े के बैग यहीं पड़े होते हैं।
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ढालपुर मैदान में भी यही हाल, बैठने वाले परेशान
ढालपुर के साथ लगते मैदान में भी सफाई व्यवस्था चरमरा गई है। मैदान में कूड़ा जगह-जगह पर फेंका गया है। इससे विभिन्न क्षेत्रों से कुल्लू पहुंच रहे राहगीरों और स्थानीय लोगों को परेशानी हो रही है। अधिकतर लोग सुबह से लेकर शाम तक मैदान में बैठकर धूप का आनंद उठाते हैं।
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अलग-अलग रखते हैं सूखा और गीला कूड़ा
शहर के वार्ड निवासी गीले कचरा को हरे तो सूखे कचरे को नीले रंग के कूड़ेदान में रखते हैं। इसमें प्लास्टिक, कांच, पन्ना कचरा नीले और भोजन, सब्जी, फल के छिलके हरे कूड़ेदान में रखते हैं, लेकिन स्थिति जस की तस बनी है। उधर, नगर परिषद कुल्लू के ईओ बीआर नेगी ने बताया कि डोर टू डोर गारवेज योजना के तहत रोजाना सफाई कर्मचारी भेजे जाते हैं, लेकिन अगर फिर कूड़ा नहीं उठ रहा है तो इसके लिए संबंधित ठेकेदार को निर्देश दिए जाएंगे।
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तीन से चार दिन बाद आ रहा सफाई वाला, वार्ड वासी मायूस
नगर परिषद कुल्लू को साफ-सुथरा रखने के दावे हवा-हवाई
संवाद न्यूज एजेंसी
कुल्लू। शहर में डोर टू डोर कूड़ा उठाने की योजना दम तोड़ती जा रही है। शहर के वार्डों से कूड़ा रोजाना नहीं उठ रहा है। सफाई कर्मचारी तीन से चार दिन बाद आ रहा है। इससे घरों के बाहर कूड़े के ढेर लगने लगे हैं। इससे वार्डों में रह रहे लोगों की परेशानी बढ़ती जा रही है। नगर परिषद कुल्लू के शहर को साफ-सुथरा रखने के दावे हवा-हवाई साबित हो रहे हैं।
बता दें कि प्रदेश भर के शहरों में घर-घर जाकर कूड़ा उठाने की योजना चलाई जा रही है। कुल्लू में भी नगर परिषद ने योजना शुरू की है, लेकिन कई वार्डों में हर घर से कूड़ा नहीं उठाया जा रहा है। इससे जगह-जगह कूड़े के ढेर लग गए हैं।
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हालांकि, नगर परिषद स्वच्छता लेकर उचित कदम तो उठा रही है, लेकिन यह धरातल पर नहीं उतर रही है। वार्ड वासी सोहनलाल, तजेंद्र कुमार और योगराज सहित अन्य ने बताया कि वे सभी रोजाना कूड़े को सुबह के समय घर से बाहर रखते हैं, लेकिन शाम को घर लौटते समय कूड़े के बैग यहीं पड़े होते हैं।
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ढालपुर मैदान में भी यही हाल, बैठने वाले परेशान
ढालपुर के साथ लगते मैदान में भी सफाई व्यवस्था चरमरा गई है। मैदान में कूड़ा जगह-जगह पर फेंका गया है। इससे विभिन्न क्षेत्रों से कुल्लू पहुंच रहे राहगीरों और स्थानीय लोगों को परेशानी हो रही है। अधिकतर लोग सुबह से लेकर शाम तक मैदान में बैठकर धूप का आनंद उठाते हैं।
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अलग-अलग रखते हैं सूखा और गीला कूड़ा
शहर के वार्ड निवासी गीले कचरा को हरे तो सूखे कचरे को नीले रंग के कूड़ेदान में रखते हैं। इसमें प्लास्टिक, कांच, पन्ना कचरा नीले और भोजन, सब्जी, फल के छिलके हरे कूड़ेदान में रखते हैं, लेकिन स्थिति जस की तस बनी है। उधर, नगर परिषद कुल्लू के ईओ बीआर नेगी ने बताया कि डोर टू डोर गारवेज योजना के तहत रोजाना सफाई कर्मचारी भेजे जाते हैं, लेकिन अगर फिर कूड़ा नहीं उठ रहा है तो इसके लिए संबंधित ठेकेदार को निर्देश दिए जाएंगे।
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