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Kullu News: विभागीय आदेश होने पर भी नहीं मिला शिक्षक, पढ़ाई प्रभावित
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न्यूली (कुल्लू)। जिले के शिक्षा खंड सैंज के तहत राजकीय माध्यमिक विद्यालय शाक्टी में बच्चों की पढ़ाई प्रतिनियुक्ति पर चल रही है।
स्कूल में छठी से आठवीं तक 12 विद्यार्थी अध्ययनरत हैं, लेकिन इन्हें पढ़ाने के लिए नियमित तौर पर शिक्षक ही तैनात नहीं है।
शैक्षणिक सत्र 2026-27 में शिक्षा विभाग ने दो बार स्थायी शिक्षक की तैनाती के आदेश जारी किए हैं, लेकिन दोनों बार शिक्षकों ने ज्वाइनिंग नहीं दी है। विभाग ने हाल ही में शाक्टी स्कूल के लिए नियुक्त शिक्षक की अधिसूचना ज्वाइनिंग से पहले ही बदल दी।
शाक्टी स्कूल में शिक्षक की तैनाती के लिए विभाग की ओर से दो बार अधिसूचना जारी की जा चुकी है, लेकिन दोनों बार शिक्षक स्कूल नहीं पहुंच पाए। अभिभावकों का कहना है कि ऐसे क्षेत्रों में विद्यालय बच्चों की शिक्षा का प्रमुख माध्यम हैं। शिक्षक की कमी के कारण बच्चों की नियमित पढ़ाई प्रभावित हो रही है। प्रारंभिक शिक्षा उपनिदेशक ज्ञानचंद ने कहा कि स्कूल में शिक्षक की व्यवस्था की जाएगी। स्कूल की रिपोर्ट शिक्षा निदेशालय भेजी गई है।
स्कूल में डेढ़ साल से एक भी शिक्षक नहीं है। सिंहण और शैंशर से शिक्षकों को प्रतिनियुक्ति पर भेजा जा रहा है।
अभिभावकों तीर्थ राम, लता देवी, सोहन लाल, अशोक आदि ने कहा कि शहरों के विद्यालयों में अतिरिक्त शिक्षक सेवाएं देते हैं और गांव में शिक्षक ही नहीं हैं। इससे ग्रामीण क्षेत्र के विद्यार्थी पढ़ाई में पिछड़ रहे हैं। संवाद
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स्कूल में छठी से आठवीं तक 12 विद्यार्थी अध्ययनरत हैं, लेकिन इन्हें पढ़ाने के लिए नियमित तौर पर शिक्षक ही तैनात नहीं है।
शैक्षणिक सत्र 2026-27 में शिक्षा विभाग ने दो बार स्थायी शिक्षक की तैनाती के आदेश जारी किए हैं, लेकिन दोनों बार शिक्षकों ने ज्वाइनिंग नहीं दी है। विभाग ने हाल ही में शाक्टी स्कूल के लिए नियुक्त शिक्षक की अधिसूचना ज्वाइनिंग से पहले ही बदल दी।
शाक्टी स्कूल में शिक्षक की तैनाती के लिए विभाग की ओर से दो बार अधिसूचना जारी की जा चुकी है, लेकिन दोनों बार शिक्षक स्कूल नहीं पहुंच पाए। अभिभावकों का कहना है कि ऐसे क्षेत्रों में विद्यालय बच्चों की शिक्षा का प्रमुख माध्यम हैं। शिक्षक की कमी के कारण बच्चों की नियमित पढ़ाई प्रभावित हो रही है। प्रारंभिक शिक्षा उपनिदेशक ज्ञानचंद ने कहा कि स्कूल में शिक्षक की व्यवस्था की जाएगी। स्कूल की रिपोर्ट शिक्षा निदेशालय भेजी गई है।
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स्कूल में डेढ़ साल से एक भी शिक्षक नहीं है। सिंहण और शैंशर से शिक्षकों को प्रतिनियुक्ति पर भेजा जा रहा है।
अभिभावकों तीर्थ राम, लता देवी, सोहन लाल, अशोक आदि ने कहा कि शहरों के विद्यालयों में अतिरिक्त शिक्षक सेवाएं देते हैं और गांव में शिक्षक ही नहीं हैं। इससे ग्रामीण क्षेत्र के विद्यार्थी पढ़ाई में पिछड़ रहे हैं। संवाद
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