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Kullu News: दूसरे दिन भी गरजे एंबुलेंस कर्मी, डीसी कार्यालय के बाहर प्रदर्शन

Fri, 13 Feb 2026 10:47 PM IST
शिमला ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, कुल्लू
संवाद न्यूज एजेंसी, कुल्लू Updated Fri, 13 Feb 2026 10:47 PM IST
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Ambulance workers protested outside the DC's office for the second day.
कुल्लू के क्षेत्रीय अस्पताल में खडे एंबुलेंस वाहन।-संवाद
चेताया- मांगें नहीं मानीं तो 16 को करेंगे स्वास्थ्य निदेशक के दफ्तर का घेराव
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102-108 एंबुलेंस कर्मियों की हड़ताल के चलते मरीजों को झेलनी पड़ीं परेशानियां

संवाद न्यूज एजेंसी
कुल्लू। जिले में 102 और 108 एंबुलेंस कर्मचारियों की हड़ताल दूसरे दिन भी जारी रही। उपायुक्त कार्यालय के बाहर कर्मचारियों ने सरकार और कंपनी प्रबंधन के खिलाफ धरना-प्रदर्शन किया।
कर्मचारियों ने स्पष्ट किया कि उनकी हड़ताल पांच दिन तक जारी रहेगी। इस दौरान एंबुलेंस में सेवाएं नहीं दी जाएंगी। 102 और 108 एंबुलेंस कर्मचारियों की हड़ताल के चलते दूसरे दिन मरीजों को परेशानियों का सामना करना पड़ा।
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108 एंबुलेंस कर्मचारी भूपेंद्र ने कहा कि कर्मचारियों से 12-12 घंटे काम लिया जा रहा है। नियमानुसार ओवरटाइम का भुगतान नहीं किया जाता। उनका स्थानांतरण भी मनमाने ढंग से किया जा रहा है। इससे कर्मचारियों को परेशानियां झेलनी पड़ रही हैं। बीमारी, दुर्घटना या अन्य आपात स्थितियों में उन्हें पूर्ण वेतन दिया जाए और किसी प्रकार की वेतन कटौती न की जाए। सरकार की ओर से निर्धारित न्यूनतम वेतन नहीं दिया जा रहा है।
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सीटू के राज्य सचिव प्रेम गौतम ने कहा कि 108 कर्मचारी पिछले 12 से 15 वर्षों से अलग-अलग कंपनियों के माध्यम से कार्यरत हैं। ठेका श्रम कानून 1970 के तहत स्थायी प्रकृति के कार्यों में ठेका मजदूर नहीं रखे जा सकते जबकि प्रदेश में लंबे समय से इसका उल्लंघन हो रहा है। उन्होंने आरोप लगाया कि कर्मचारियों को मात्र पांच हजार रुपये मासिक वेतन दिया जा रहा है। एक कुशल मजदूर का न्यूनतम वेतन 12,500 रुपये से अधिक है। वर्ष 2021 में हाईकोर्ट ने लेबर कमिश्नर को 17,200 रुपये न्यूनतम वेतन लागू करने के निर्देश दिए थे लेकिन आज तक इन आदेशों को लागू नहीं किया गया। उन्होंने चेतावनी दी कि अगर पांच दिन की हड़ताल के बाद भी सरकार और कंपनी प्रबंधन ने मांगों पर सकारात्मक निर्णय नहीं लिया तो 16 फरवरी को शिमला स्थित स्वास्थ्य निदेशक कार्यालय का घेराव किया जाएगा। इसके बाद समाधान न होने पर कर्मचारी अनिश्चितकालीन हड़ताल पर जाने को बाध्य होंगे।
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