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ग्रीन टैक्स से संवरेगी पर्यटन नगरी!
Kullu
Updated Fri, 06 Jun 2014 05:32 AM IST
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केलांग। ग्रीन टैक्स के रूप में वसूले जाने वाले करोड़ों रुपयों सेे पर्यटन नगरी के पर्यटन स्थलों को विकसित करने के साथ ही रोहतांग के बिगड़े पारिस्थितिक संतुलन को संवारने की कोशिश की जाएगी। रोहतांग दर्रे पर पर्यावरण संरक्षण को लेकर जारी हुए नेशनल ग्रीन ट्रिब्यूनल के आदेश के बीच पर्यटन विकास परिषद और कुल्लू प्रशासन इस दिशा में एक मेगा प्रोजेक्ट पर काम करने की योजना बना रहे हैं। इसके लिए दस जून को पर्यटन नगरी मनाली में इस मेगा प्रोजेक्ट को लेकर बैठक बुलाई गई है। करीब पांच वर्ष के दौरान ग्रीन टैक्स के जरिये मनाली आने वाले वाहनों से करीब 14 करोड़ रुपये वसूला गया है। बताया जा रहा है ग्रीन ट्रिब्यूनल के आदेश के बाद कुल्लू प्रशासन पर मनाली के पर्यटन स्थलों में मूलभूत सुविधाएं जुटाने के साथ ही रोहतांग में पर्यावरण संरक्षण को लेकर ठोस पहल करने का दबाव बना हुआ है। इसके लिए प्रशासन एक मेगा प्रोजेक्ट तैयार कर ग्रीन टैक्स के पैसे से मनाली में पर्यटकों के लिए मूलभूत सुविधाएं जुटाने के साथ ही रोहतांग में पर्यावरण संरक्षण के लिए महत्वपूर्ण कदम उठा सकता है। पर्यटन स्थलों के आसपास प्राथमिकता के आधार पर पौधरोपण किए जाने पर योजना को अंतिम रूप दिया जा सकता है। उपायुक्त कुल्लू राकेश कंवर ने पिछले पांच सालों में ग्रीन टैक्स के रूप में मिले करीब 14 करोड़ रुपये सरकारी खजाने में जमा होने पुष्टि की है।
उनके मुताबिक 10 जून को मनाली में प्रशासन और पर्यटन विकास परिषद के बीच बैठक बुलाई गई है। इसमें यह तय किया जाएगा कि मनाली में सैलानियों को मूलभूत सुविधाएं उपलब्ध करवाने के लिए ग्रीन टैक्स के पैसे को कहां और कितना खर्च किया जाए? साल 2009 में 96752 वाहनों ने मनाली में प्रवेश किया, जिनसे ढाई करोड़ ग्रीन टैक्स वसूला गया। वर्ष 2010 में 1 लाख 20 हजार वाहनों से 3 करोड़ 12 लाख और 2011 में 1 लाख 23 हजार वाहनों से 3 करोड़ 20 लाख राजस्व एकत्रित किया गया।
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उनके मुताबिक 10 जून को मनाली में प्रशासन और पर्यटन विकास परिषद के बीच बैठक बुलाई गई है। इसमें यह तय किया जाएगा कि मनाली में सैलानियों को मूलभूत सुविधाएं उपलब्ध करवाने के लिए ग्रीन टैक्स के पैसे को कहां और कितना खर्च किया जाए? साल 2009 में 96752 वाहनों ने मनाली में प्रवेश किया, जिनसे ढाई करोड़ ग्रीन टैक्स वसूला गया। वर्ष 2010 में 1 लाख 20 हजार वाहनों से 3 करोड़ 12 लाख और 2011 में 1 लाख 23 हजार वाहनों से 3 करोड़ 20 लाख राजस्व एकत्रित किया गया।
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