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अधिसूचना को तत्काल किया जाए निरस्त : सुनील
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धर्मशाला। हिमाचल प्रदेश स्कूल शिक्षा बोर्ड कर्मचारी संघ की आपातकालीन बैठक अध्यक्ष सुनील शर्मा की अध्यक्षता में बोर्ड मुख्यालय में हुई। बैठक में संगठन के समस्त पदाधिकारी एवं शिक्षा बोर्ड में कार्यरत समस्त जेओए आईटी ने भाग लिया। बैठक में छह सितंबर को जारी अधिसूचना, जिसके अंतर्गत हिमाचल प्रदेश सिविल सेवा (संशोधित वेतन) नियम, 2022 के नियम 7ए को तीन जनवरी 2022 से प्रतिगामी प्रभाव के साथ हटाया गया है, का संघ ने कड़े शब्दों में विरोध किया है। बैठक में कहा गया कि यह निर्णय पूर्णत: एक पक्षीय, अन्याय पूर्ण एवं प्राकृतिक न्याय के सिद्धांतों के विपरीत है। इस संशोधन के कारण प्रदेश भर के कर्मचारियों में गहरा असंतोष एवं असुरक्षा की भावना व्याप्त हो गई है। नियम 7ए को समाप्त करने से प्रत्येक कर्मचारी का प्रति माह लगभग 15000 से 20000 रुपये तक का प्रत्यक्ष आर्थिक नुकसान होगा। अधिकांश कर्मचारियों ने अभी चल रहे वेतन के आधार पर बैंकों से पर्सनल और होम लोन लिए हैं, जिससे उन्हें किस्तें देने में असमर्थता हो जाएगी।
यह न केवल कर्मचारियों और उनके परिवारों पर गंभीर वित्तीय संकट डालेगा, बल्कि वेतन एवं भत्तों की पुन: गणना प्रक्रिया कर्मचारियों के लिए मानसिक उत्पीड़न का कारण भी बनेगा। संघ ने मुख्यमंत्री सुखविंद्र सिंह सुक्खू से मांग की है कि उक्त अधिसूचना को तत्काल प्रभाव से निरस्त किया जाए। यदि इस संदर्भ में त्वरित कदम नहीं उठाए गए, तो कर्मचारी संघ विवश होकर आंदोलन, पेन-डाउन स्ट्राइक तथा न्यायालय की शरण लेने के लिए बाध्य होगा, जिसकी समस्त जिम्मेदारी सरकार की होगी।
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यह न केवल कर्मचारियों और उनके परिवारों पर गंभीर वित्तीय संकट डालेगा, बल्कि वेतन एवं भत्तों की पुन: गणना प्रक्रिया कर्मचारियों के लिए मानसिक उत्पीड़न का कारण भी बनेगा। संघ ने मुख्यमंत्री सुखविंद्र सिंह सुक्खू से मांग की है कि उक्त अधिसूचना को तत्काल प्रभाव से निरस्त किया जाए। यदि इस संदर्भ में त्वरित कदम नहीं उठाए गए, तो कर्मचारी संघ विवश होकर आंदोलन, पेन-डाउन स्ट्राइक तथा न्यायालय की शरण लेने के लिए बाध्य होगा, जिसकी समस्त जिम्मेदारी सरकार की होगी।
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