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केंद्रीय विश्वविद्यालय में लागू हो राइट टू डिस्कनेक्ट : एनएसयूआई
Wed, 17 Dec 2025 02:22 AM IST
शिमला ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, कांगड़ा
संवाद न्यूज एजेंसी, कांगड़ा
Updated Wed, 17 Dec 2025 02:22 AM IST
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धर्मशाला के केंद्रीय विवि के कुलसचिव को ज्ञापन सौंपते हुए एनएसयूआई के कार्यकर्ता। स्रोत: संघ
धर्मशाला। राष्ट्रीय छात्र संघ भारत (एनएसयूआई) के प्रतिनिधिमंडल ने केंद्रीय विश्वविद्यालय हिमाचल प्रदेश के कुलसचिव नरेंद्र सांख्यान से मुलाकात की। इस दौरान उन्होंने विश्वविद्यालय में ‘राइट टू डिस्कनेक्ट’ दिशा-निर्देश लागू करने की मांग की। प्रतिनिधिमंडल में अध्यक्ष सन्नी शर्मा, पूर्व महासचिव अमर कुमार, प्रभारी मंजीत शर्मा, उपाध्यक्ष पुष्पराज, गिरीश, कृष्णा, आयुष, अंजली और अन्य शोधार्थी मौजूद रहे।
एनएसयूआई ने कहा कि हाल ही में पारित राइट टू डिस्कनेक्ट बिल प्रत्येक व्यक्ति को कार्य और निजी समय के बीच स्पष्ट सीमा का अधिकार देता है। इसके तहत सुबह 9:00 बजे से पहले और शाम 5:30 बजे के बाद किसी भी शैक्षणिक/ प्रशासनिक संचार की अपेक्षा नहीं की जाएगी, सिवाय आपात स्थिति के।
प्रतिनिधिमंडल ने विशेष रूप से शोधार्थियों पर देर रात या बहुत सुबह अकादमिक संचार के दबाव को चिंता का विषय बताया, जो मानसिक तनाव, नींद में बाधा और उत्पादकता में गिरावट का कारण बनता है। कुलसचिव नरेंद्र सांख्यान ने इस व्यवस्था को तत्काल लागू करने का आश्वासन दिया। ब्यूरो
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एनएसयूआई ने कहा कि हाल ही में पारित राइट टू डिस्कनेक्ट बिल प्रत्येक व्यक्ति को कार्य और निजी समय के बीच स्पष्ट सीमा का अधिकार देता है। इसके तहत सुबह 9:00 बजे से पहले और शाम 5:30 बजे के बाद किसी भी शैक्षणिक/ प्रशासनिक संचार की अपेक्षा नहीं की जाएगी, सिवाय आपात स्थिति के।
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प्रतिनिधिमंडल ने विशेष रूप से शोधार्थियों पर देर रात या बहुत सुबह अकादमिक संचार के दबाव को चिंता का विषय बताया, जो मानसिक तनाव, नींद में बाधा और उत्पादकता में गिरावट का कारण बनता है। कुलसचिव नरेंद्र सांख्यान ने इस व्यवस्था को तत्काल लागू करने का आश्वासन दिया। ब्यूरो
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