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Kangra News: डॉ. अभिनव ने कैमरे में कैद किए दुर्लभ प्रवासी पक्षी
Thu, 08 Oct 2026 01:32 AM IST
शिमला ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, कांगड़ा
संवाद न्यूज एजेंसी, कांगड़ा
Updated Thu, 08 Oct 2026 01:32 AM IST
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धर्मशाला। क्षेत्रीय अस्पताल धर्मशाला के त्वचा रोग विशेषज्ञ डॉ. अभिनव चौधरी ने पौंग झील के नगरोटा सूरियां में दो दुर्लभ प्रवासी पक्षियों की खोज की है। उन्होंने प्रदेश में पहली बार रेड-टेल्ड श्राइक और रेड-बैक्ड श्राइक को कैमरे में कैद किया। दोनों पक्षियों को हिमाचल के आधिकारिक पक्षी रिकॉर्ड में दर्ज कर लिया गया है।
डॉ. अभिनव ने 13 सितंबर को रेड-टेल्ड श्राइक की तस्वीरें ली थीं। इसके बाद 20 सितंबर को उन्होंने इसी क्षेत्र में रेड-बैक्ड श्राइक को देखा। दोनों पक्षी कम उम्र के थे। इस कारण इनकी पहचान करना काफी कठिन था। इनका रूप इसाबेलाइन श्राइक से काफी मिलता-जुलता था। पहचान की पुष्टि के लिए तस्वीरें देश-विदेश के पक्षी विशेषज्ञों को भेजी गईं। विशेषज्ञों के विश्लेषण के बाद ही दोनों प्रजातियों की आधिकारिक पुष्टि हुई।
ये पक्षी यूरोप, साइबेरिया और मध्य एशिया से अफ्रीका की ओर प्रवास करते हैं। इनका सामान्य मार्ग पश्चिमी भारत और कभी-कभार लद्दाख रहता है। हिमाचल में इनकी पहली मौजूदगी से नया संकेत मिला है। अब पौंग झील क्षेत्र भी इन प्रवासी परिंदों के नए मार्ग का हिस्सा बन सकता है।
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डॉ. अभिनव ने 13 सितंबर को रेड-टेल्ड श्राइक की तस्वीरें ली थीं। इसके बाद 20 सितंबर को उन्होंने इसी क्षेत्र में रेड-बैक्ड श्राइक को देखा। दोनों पक्षी कम उम्र के थे। इस कारण इनकी पहचान करना काफी कठिन था। इनका रूप इसाबेलाइन श्राइक से काफी मिलता-जुलता था। पहचान की पुष्टि के लिए तस्वीरें देश-विदेश के पक्षी विशेषज्ञों को भेजी गईं। विशेषज्ञों के विश्लेषण के बाद ही दोनों प्रजातियों की आधिकारिक पुष्टि हुई।
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ये पक्षी यूरोप, साइबेरिया और मध्य एशिया से अफ्रीका की ओर प्रवास करते हैं। इनका सामान्य मार्ग पश्चिमी भारत और कभी-कभार लद्दाख रहता है। हिमाचल में इनकी पहली मौजूदगी से नया संकेत मिला है। अब पौंग झील क्षेत्र भी इन प्रवासी परिंदों के नए मार्ग का हिस्सा बन सकता है।

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