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वक्फ कानून में संशोधन मुस्लिमों के हितों से कुठाराघात : मोहम्मद आलम
Sun, 06 Jul 2025 05:55 AM IST
शिमला ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, कांगड़ा
संवाद न्यूज एजेंसी, कांगड़ा
Updated Sun, 06 Jul 2025 05:55 AM IST
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धर्मशाला में उपायुक्त को ज्ञापन सौंपते हुए ऑल हिमाचल मुस्लिम ऑर्गेनाइजेशन की जिला कांगड़ा इकाई
धर्मशाला। ऑल हिमाचल मुस्लिम ऑर्गेनाइजेशन की जिला कांगड़ा इकाई ने शनिवार को वक्फ संशोधन विधेयक के विरोध में जिलाधीश कांगड़ा हेमराज बैरवा के माध्यम से एक ज्ञापन राष्ट्रपति को भेजा। ज्ञापन के माध्यम से मांग की गई है कि वक्फ कानूनों में केंद्र सरकार जो संशोधन करने जा रही है, उनको लागू न किया जाए।
ऑल हिमाचल मुस्लिम ऑर्गेनाइजेशन के प्रतिनिधिमंडल ने जिला कांगड़ा अध्यक्ष मोहम्मद आलम की अगुवाई में यह ज्ञापन सौंपा। इस दौरान मोहम्मद आलम ने कहा कि केंद्र की भाजपा सरकार वक्फ कानून में जो संशोधन करने जा रही है वह सीधे तौर पर गरीब मुस्लिमों के हितों के साथ कुठाराघात है। उन्होंने कहा कि केंद्र को अगर बदलाव करने ही हैं तो वह सकारात्मक दिशा में करे ताकि मुस्लिम समुदाय के साथ साथ देश को भी वक्फ कानूनों का लाभ मिल सके।
ऑर्गेनाइजेशन की मांग है कि वक्फ संशोधन अधिनियम 2025 को तत्काल प्रभाव से निरस्त किया जाए, वक्फ संस्थाओं की स्वायत्तता की रक्षा की जाए, वक्फ बोर्ड एवं वक्फ परिषद में केवल मुस्लिम प्रतिनिधियों की नियुक्ति सुनिश्चित की जाए। प्रतिनिधिमंडल में प्रदेश उपाध्यक्ष शेरू धरवालिया, सदस्यों में मोहम्मद सलीम, हबीबुल्लाह, हामिद अली, दिलावर खान, मोहम्मद सुल्तान, जमात अली सहित अन्य मौजूद रहे।
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ऑल हिमाचल मुस्लिम ऑर्गेनाइजेशन के प्रतिनिधिमंडल ने जिला कांगड़ा अध्यक्ष मोहम्मद आलम की अगुवाई में यह ज्ञापन सौंपा। इस दौरान मोहम्मद आलम ने कहा कि केंद्र की भाजपा सरकार वक्फ कानून में जो संशोधन करने जा रही है वह सीधे तौर पर गरीब मुस्लिमों के हितों के साथ कुठाराघात है। उन्होंने कहा कि केंद्र को अगर बदलाव करने ही हैं तो वह सकारात्मक दिशा में करे ताकि मुस्लिम समुदाय के साथ साथ देश को भी वक्फ कानूनों का लाभ मिल सके।
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ऑर्गेनाइजेशन की मांग है कि वक्फ संशोधन अधिनियम 2025 को तत्काल प्रभाव से निरस्त किया जाए, वक्फ संस्थाओं की स्वायत्तता की रक्षा की जाए, वक्फ बोर्ड एवं वक्फ परिषद में केवल मुस्लिम प्रतिनिधियों की नियुक्ति सुनिश्चित की जाए। प्रतिनिधिमंडल में प्रदेश उपाध्यक्ष शेरू धरवालिया, सदस्यों में मोहम्मद सलीम, हबीबुल्लाह, हामिद अली, दिलावर खान, मोहम्मद सुल्तान, जमात अली सहित अन्य मौजूद रहे।
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