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हिमाचल में क्यों जीएसटी की सीमा दस लाख?

Sun, 16 Jul 2017 11:51 PM IST
Updated Sun, 16 Jul 2017 11:51 PM IST
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हिमाचल में क्यों जीएसटी की सीमा दस लाख?
पालमपुर (कांगड़ा)। प्रदेश में जीएसटी को लेकर व्यापारियों में फैल रहे रोष को लेकर रविवार को पालमपुर में प्रदेश व्यापार मंडल की बैठक हुई। इसमें प्रदेश भर के व्यापारियों ने भाग लिया। बैठक प्रदेश व्यापार मंडल के अध्यक्ष सुमेश शर्मा की अध्यक्षता में हुई। इसमें व्यापारियों ने सबसे पहले जीएसटी में प्रदेश में 10 लाख रुपये की न्यूनतम सीमा निर्धारित किए पर व्यापारियों ने रोष जताया। व्यापारियों का कहना था कि जब पंजाब, समेत अन्य राज्यों में न्यूनतम सीमा 20 लाख रुपये रखी है, तो हिमाचल में क्यों दस लाख है। पूरे देश में एक टैक्स एक समान, फिर हिमाचल से क्यों भेदभाव किया जा रहा है। व्यापारियों ने कहा कि प्रदेश में जीएसटी की न्यूनतन सीमा बीस से 75 लाख नहीं की तो प्रदेश के व्यापारी इसे लेकर आंदोलन करेंगे, जबकि 15 अगस्त को काला दिवस के रूप में मनाएंगे। व्यापार मंडल के राज्य अध्यक्ष सुमेश शर्मा ने कहा कि हिमाचल के व्यापारियों के साथ सौतेला व्यवहार हो रहा है। व्यापारियों के साथ यह अन्याय सहन नहीं किया जाएगा।
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पहले ही व्यापारी अनेक प्रकार की समस्याओं से जूझ रहे हैं। अब दोहरी नीति के चलते उन्हें और भी मुश्किलों का सामना करना पड़ रहा है। इसके अलावा व्यापारियों को जीएसटी के बारे में पूरी जानकारी भी दी गई। साथ ही व्यापारियों को आने वाली समस्याओं पर भी विचार किया गया। इस मौके पर पालमपुर व्यापार मंडल के अध्यक्ष सुरेंद्र सूद, महासचिव गीतेश, संयुक्त व्यापार मंडल के अध्यक्ष संजीव सोनी समेत प्रदेश भर के व्यापारी मौजूद रहे।
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