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दो साल से बन रहा प्ले रूम में मैटिंग का प्लान
Updated Wed, 14 Mar 2018 10:56 PM IST
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दो साल से बन रहा प्ले रूम में मैटिंग का प्लान
मई 2016 में आरकेएस की बैठक में बनाई थी योजना
धर्मशाला अस्पताल प्रबंधन अभी तक नहीं कर पाया पूरी
अमर उजाला ब्यूरो
धर्मशाला। जोनल अस्पताल धर्मशाला ने दो साल पहले शिशु वार्ड के साथ लगते प्ले रूम में मैटिंग करने की योजना बनाई थी, जो अभी तक पूरी नहीं हो पाई है। शिशु वार्ड में दाखिल नौनिहालों को प्ले रूम में तीन बड़े खिलौने तो रखे गए हैं लेकिन फर्श पर मैटिंग न होने के कारण उन्हें चोट लगने का खतरा बना रहता है। इससे अधिकतर परिजन वहां बच्चों को खिलाने से कतराते हैं। धर्मशाला अस्पताल प्रबंधन ने मई 2016 की रोगी कल्याण समिति की बैठक में प्ले रूम में मैटिंग करने के लिए सवा दो लाख रुपये का बजट रखा था, जिस पर कोई काम नहीं हो पाया है। इसके अलावा प्ले रूम के लिए और खिलौन खरीदने की योजना थी, जो अभी तक सिरे नहीं चढ़ पाई है।
जोनल अस्पताल धर्मशाला के वरिष्ठ चिकित्सा अधीक्षक डॉ. दिनेश महाजन ने कहा कि आरकेएस की हाल ही में हुई बैठक में प्ले रूम की मैटिंग और खिलौने खरीदने के लिए योजना बनी है। जल्द प्ले रूम को बच्चों के खेलने के लिए दुरुस्त किया जाएगा।
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मई 2016 में आरकेएस की बैठक में बनाई थी योजना
धर्मशाला अस्पताल प्रबंधन अभी तक नहीं कर पाया पूरी
अमर उजाला ब्यूरो
धर्मशाला। जोनल अस्पताल धर्मशाला ने दो साल पहले शिशु वार्ड के साथ लगते प्ले रूम में मैटिंग करने की योजना बनाई थी, जो अभी तक पूरी नहीं हो पाई है। शिशु वार्ड में दाखिल नौनिहालों को प्ले रूम में तीन बड़े खिलौने तो रखे गए हैं लेकिन फर्श पर मैटिंग न होने के कारण उन्हें चोट लगने का खतरा बना रहता है। इससे अधिकतर परिजन वहां बच्चों को खिलाने से कतराते हैं। धर्मशाला अस्पताल प्रबंधन ने मई 2016 की रोगी कल्याण समिति की बैठक में प्ले रूम में मैटिंग करने के लिए सवा दो लाख रुपये का बजट रखा था, जिस पर कोई काम नहीं हो पाया है। इसके अलावा प्ले रूम के लिए और खिलौन खरीदने की योजना थी, जो अभी तक सिरे नहीं चढ़ पाई है।
जोनल अस्पताल धर्मशाला के वरिष्ठ चिकित्सा अधीक्षक डॉ. दिनेश महाजन ने कहा कि आरकेएस की हाल ही में हुई बैठक में प्ले रूम की मैटिंग और खिलौने खरीदने के लिए योजना बनी है। जल्द प्ले रूम को बच्चों के खेलने के लिए दुरुस्त किया जाएगा।
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