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दिवाली से पहले 12 प्रतिशत डीए किया जाए जारी : फोरम
Wed, 07 Oct 2026 01:46 AM IST
शिमला ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, कांगड़ा
संवाद न्यूज एजेंसी, कांगड़ा
Updated Wed, 07 Oct 2026 01:46 AM IST
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नूरपुर (कांगड़ा)। विद्युत पेंशनर फोरम नूरपुर इकाई ने प्रदेश सरकार और विद्युत बोर्ड प्रबंधन से दिवाली से पहले 12 प्रतिशत महंगाई भत्ता (डीए) जारी करने और लंबित वित्तीय लाभों का शीघ्र भुगतान करने की मांग उठाई है। सोमवार को विद्युत विश्राम गृह बौढ़ में फोरम की मासिक बैठक प्रधान मान सिंह धीमान की अध्यक्षता में संपन्न हुई।
फोरम के पदाधिकारियों ने कहा कि 1 जनवरी 2016 से 31 मार्च 2022 के बीच सेवानिवृत्त हुए कर्मचारियों को संशोधित वेतनमान के आधार पर रिवाइज्ड ग्रेच्युटी, लीव इनकैशमेंट और कम्यूटेशन का भुगतान अभी तक नहीं किया गया है।
फोरम के सचिव अरुण सहोत्रा ने कहा कि प्रदेश में कर्मचारियों और पेंशनरों का 15 प्रतिशत महंगाई भत्ता लंबित है। दिवाली से पहले कम से कम 12 प्रतिशत डीए जारी किया जाना चाहिए। साथ ही कर्मचारियों और पेंशनरों की सभी लंबित वित्तीय देनदारियों का जल्द निपटारा किया जाए।
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बैठक में विद्युत बोर्ड में ठेकेदारों के माध्यम से की जा रही भर्तियों का कड़ा विरोध किया गया। पेंशनरों ने कहा कि बोर्ड में करीब 12 हजार स्वीकृत पद खाली पड़े हैं, ऐसे में ठेकेदारी प्रथा के बजाय स्थायी भर्तियां की जानी चाहिए। इसके अलावा फोरम ने विद्युत बोर्ड में पुरानी पेंशन योजना (ओपीएस) को जल्द लागू करने की मांग भी दोहराई।
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फोरम के पदाधिकारियों ने कहा कि 1 जनवरी 2016 से 31 मार्च 2022 के बीच सेवानिवृत्त हुए कर्मचारियों को संशोधित वेतनमान के आधार पर रिवाइज्ड ग्रेच्युटी, लीव इनकैशमेंट और कम्यूटेशन का भुगतान अभी तक नहीं किया गया है।
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फोरम के सचिव अरुण सहोत्रा ने कहा कि प्रदेश में कर्मचारियों और पेंशनरों का 15 प्रतिशत महंगाई भत्ता लंबित है। दिवाली से पहले कम से कम 12 प्रतिशत डीए जारी किया जाना चाहिए। साथ ही कर्मचारियों और पेंशनरों की सभी लंबित वित्तीय देनदारियों का जल्द निपटारा किया जाए।
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बैठक में विद्युत बोर्ड में ठेकेदारों के माध्यम से की जा रही भर्तियों का कड़ा विरोध किया गया। पेंशनरों ने कहा कि बोर्ड में करीब 12 हजार स्वीकृत पद खाली पड़े हैं, ऐसे में ठेकेदारी प्रथा के बजाय स्थायी भर्तियां की जानी चाहिए। इसके अलावा फोरम ने विद्युत बोर्ड में पुरानी पेंशन योजना (ओपीएस) को जल्द लागू करने की मांग भी दोहराई।