Jairam Thakur: नेता विपक्ष जयराम ठाकुर बोले- कांग्रेस सरकार ने रोका डीए, 2,000 करोड़ से अधिक पहुंच गई देनदारी
नेता विपक्ष जयराम ठाकुर ने कहा कि प्रदेश सरकार ने 11 फीसदी से ज्यादा महंगाई भत्ता कर्मचारियों का रोक रखा है। पढ़ें पूरी खबर...
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
विस्तार
नेता विपक्ष जयराम ठाकुर ने कहा कि कांग्रेस ने कर्मचारियों के सहयोग के दम पर सरकार बनाई, लेकिन अब वह उनसे अन्याय कर रही है। विधानसभा में कर्मचारियों के लंबित महंगाई भत्ता (डीए) देने का मुद्दा भाजपा ने उठाया। जयराम ने कहा कि प्रदेश सरकार ने 11 फीसदी से ज्यादा महंगाई भत्ता कर्मचारियों का रोक रखा है। सदन में मुख्यमंत्री के बयान से यह साफ है कि महंगाई भत्ता देना नहीं चाहते हैं। डीए के एरियर के रूप में ही कर्मचारियों के 2000 करोड़ की धनराशि बकाया है।
वीरवार को विधानसभा परिसर में मीडिया से बात करते हुए नेता विपक्ष ने कहा कि कर्मचारियों का लंबित महंगाई भत्ता कब जारी किया जाएगा। इस मुद्दे पर सरकार ने कोई स्पष्ट जवाब नहीं दिया। मुख्यमंत्री की ओर से डीए जारी करने का आश्वासन न दिए जाने और इधर-उधर की बातें करने पर भाजपा विधायक दल ने सदन से वॉकआउट किया है। हर बात मुख्यमंत्री घुमा फिराकर पूर्व सरकार के पर छोड़ देते हैं। ढाई साल से ज्यादा इस सरकार के गठन को हो गया है। इसके बाद भी पूर्व सरकार के ऊपर अपनी नाकामी का ठीकरा फोड़ना सरकार की बेशर्मी है।
उन्होंने कहा कि अब मुख्यमंत्री को अपनी नाकामियों और गलतियों को स्वीकारा चाहिए। झूठी गारंटियां, झूठे वादे कर सत्ता हासिल करने वाली सरकार सब कुछ विपक्ष के जिम्मे नहीं थोप सकती है। नेता विपक्ष ने कहा कि मुख्यमंत्री ने बजट सत्र के दौरान सदन में कहा था कि मई से कर्मचारियों को डीए की एक किस्त मिल जाएगी, लेकिन अगस्त भी बीतने वाला है। अभी तक डीए देने की कोई घोषणा नहीं की गई। अब भी मुख्यमंत्री डीए जारी करने का आश्वासन भी नहीं दे रहे हैंं, इससे यह साफ है कि आने वाले समय में भी डीए नहीं मिलने वाला।
कर्मचारी अपने इलाज के लिए भटक रहे हैं। सरकार ने ढाई साल से कर्मचारियों के मेडिकल बिलों का भुगतान नहीं किया। इसके लिए भी क्या विपक्ष ही जिम्मेदार है। वीरभद्र सिंह की पूर्व सरकार के समय भी डीए लंबित था, जिसे हमारी सरकार ने दिया। यह सामान्य प्रक्रिया है। लेकिन सरकार कर्मचारी हित के बजाय राजनीति कर रही है। सरकार कर्मचारियों को अविलंब डीए जारी करे।