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HP High Court: हिमाचल प्रदेश हाईकोर्ट ने 15 साल पुरानी स्कूल बस को चलाने की दी अनुमति, जानें पूरा मामला
Fri, 07 Nov 2025 06:00 AM IST
अंकेश डोगरा
संवाद न्यूज एजेंसी, शिमला।
संवाद न्यूज एजेंसी, शिमला।
Published by: अंकेश डोगरा
Updated Fri, 07 Nov 2025 06:00 AM IST
सार
हिमाचल प्रदेश हाईकोर्ट में दायर याचिका में कहा गया है कि जब 20 साल पुरानी बस में यात्रा करने वाले यात्री सुरक्षित हैं तो यह मानने का कोई कारण नहीं है कि 15 साल पुरानी बस में यात्रा करने वाले छात्र असुरक्षित होंगे। जानें पूरा मामला...
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हिमाचल प्रदेश हाईकोर्ट
- फोटो : अमर उजाला
विस्तार
हिमाचल प्रदेश हाईकोर्ट में स्कूल बसों की 15 साल की समयसीमा खत्म होने के बाद चलाने की अनुमति न मिलने को लेकर एक याचिका दायर की गई है। याचिका में कहा गया है कि जब 20 साल पुरानी बस में यात्रा करने वाले यात्री सुरक्षित हैं तो यह मानने का कोई कारण नहीं है कि 15 साल पुरानी बस में यात्रा करने वाले छात्र असुरक्षित होंगे। न्यायाधीश विवेक सिंह ठाकुर और न्यायाधीश रोमेश वर्मा की खंडपीठ ने याचिकाकर्ता को उसकी 15 साल पुरानी बस को छात्रों को लाने-ले जाने के लिए चलाने की अंतरिम राहत प्रदान की है।
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अदालत ने प्रतिवादियों को निर्देश दिया है कि वह याचिकाकर्ता को बस को छात्रों के परिवहन के लिए चलाने की अनुमति दें। हालांकि, यह अनुमति वाहन की आयु को छोड़कर अन्य सभी औपचारिकताओं और शर्तों को पूरा करने के अधीन होगी। सभी औपचारिकताएं और शर्तें तीन दिनों के भीतर पूरी करनी होंगी। खंडपीठ ने कहा कि यह अंतरिम आदेश याचिका के लंबित रहने तक जारी रहेगा, जो भविष्य में बदलाव, निरस्तीकरण और संशोधन के अधीन होगा। सरकार की ओर से अंतरिम राहत का विरोध किया गया। कहा कि याचिकाकर्ता के खिलाफ अभी तक कोई कार्रवाई नहीं की गई है। दलील दी कि स्कूलों के संबंध में 15 वर्ष से अधिक पुरानी बसों को न चलाने की शर्त छात्रों की सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए लगाई गई है। याचिकाकर्ता ने तर्क दिया कि छात्रों और अन्य यात्रियों के लिए सुरक्षा मानक अलग-अलग नहीं हो सकते।
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