{"_id":"78224232e6f388193587e877030c2fa3","slug":"dog-saved-70-lives-in-himachal","type":"story","status":"publish","title_hn":"भौंक-भौंककर कुत्तों ने बचा ली 70 लोगों की जान","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
भौंक-भौंककर कुत्तों ने बचा ली 70 लोगों की जान
मोहिंद्र सिंह/धर्मशाला
Updated Thu, 08 Aug 2013 11:53 AM IST
विज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
कुत्तों की वफादारी के किस्से हर जगह सुनने को मिलते हैं। हिमाचल में कजलोट पंचायत के टीहरा लाइन में भी कुछ ऐसा ही किस्सा पेश आया।
विज्ञापन
बुधवार सुबह करीब साढ़े पांच बजे कजलोट पंचायत में पालतू कुत्तों ने भूस्खलन से पहले भौंककर लोगों को जगा दिया। कजलोट पंचायत के टीहरा लाइन के दूसरे मोड़ के पास सुबह जब भूस्खलन से जमीन धंसने ही वाली थी कि गांव के पालतू कुत्तों ने भौंकना शुरू कर दिया।
विज्ञापन
ऐसे में गांव के लोग घरों से बाहर निकलने को मजबूर हो गए। लोगों ने जब घरों से बाहर निकलकर कुत्तों को शांत करवाना चाहा तो वे जमीन धंसती देख सुरक्षित स्थान की ओर भागने लगे। कुछ ही देर में गांव के पास बने सेना के क्वार्टरों के गिरने की आवाज आनी शुरू हो गई।
विज्ञापन
सेना के क्वार्टरों के जमींदोज होने की आवाज सुनकर गांव के लोग भी सुरक्षित स्थान की ओर भागने लगे। भूस्खलन से गांव में चार मकान क्षतिग्रस्त हो गए।
अन्य सभी घरों में बड़ी-बड़ी दरारें पड़ गई हैं। गांव के मुखिया नारायण सिंह थापा ने बताया कि गांव में 15 परिवारों सहित करीब 70 से ज्यादा लोग रह रहे हैं।
बुधवार सुबह भूस्खलन से कुछ देर पहले उनके कुत्ते और गांव के पालतू कुत्तों ने भौंकना शुरू दिया। कुत्तों के भौंकने की आवाज सुनकर गांव के कुछ लोग बाहर निकल आए।
थोड़ी देर के बाद ही आर्मी के क्वार्टरों के ढहने की आवाज सुनाई देने लगी। पालतू कुत्तों ने गांव के लोगों को जगाकर उनकी जान बचाई है।