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Chamba News: बिना प्रशिक्षण पैराग्लाइडिंग करने पर दो वर्ष का कारावास
Tue, 01 Aug 2023 11:28 PM IST
शिमला ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, चम्बा
संवाद न्यूज एजेंसी, चम्बा
Updated Tue, 01 Aug 2023 11:28 PM IST
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चंबा। बिना पैराग्लाइडिंग का प्रशिक्षण लिए और लाइसेंस के बगैर उड़ान भरने और एक व्यक्ति की मौत के मामले में मुख्य न्यायिक दंडाधिकारी सुभाष चंद्र भसीन की अदालत ने व्यक्ति को दोषी ठहराते हुए दो वर्ष के कारावास और 11,700 रुपये जुर्माना अदा करने की सजा सुनाई है। जुर्माना अदा न करने की सूरत में दोषी को दो माह का अतिरिक्त कारावास भुगतना पड़ेगा।
प्राप्त जानकारी अनुसार 9 जुलाई 2021 सायं 4:30 बजे उपप्रधान कोलहड़ी ने पुलिस को फोन पर सूचना दी कि पैराग्लाडर दुर्घटनाग्रस्त होने से एक व्यक्ति (सैलानी) चोटिल हो गया है। सूचना मिलने के बाद मौके पर पहुंची पुलिस ने ग्रामीणों की मदद से घायल को वाहन के जरिये मेडिकल कॉलेज चंबा पहुंचाया जहां पर जख्मों का ताव न सहते हुए उसने दम तोड़ दिया। इसके बाद पुलिस ने मामले की तफ्तीश कर चालान न्यायालय में पेश किया। ट्रायल के दौरान सामने आया कि पैराग्लाइडर ने पैराग्लाइड किराये पर लिया था। इतना ही नहीं, उसने न तो पैराग्लाइडिंग का कोई प्रशिक्षण हासिल किया है और न ही उसके पास इससे संबंधित कोई लाइसेंस है। ऐसे में पैराग्लाइड मालिक पर भी न्यायालय में मामला चला। मामले में ट्रायल के बाद आखिरकार न्यायालय ने सबूतों और गवाहों के आधार पर पैराग्लाइड मालिक को बरी कर दिया गया। जबकि, बिना प्रशिक्षण और लाइसेंस के पैराग्लाइडिंग करने वाले व्यक्ति को न्यायालय ने दोषी करार देते हुए दो वर्ष के कारावास और 11,700 रुपये जुर्माना अदा करने की सजा सुनाई है।
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प्राप्त जानकारी अनुसार 9 जुलाई 2021 सायं 4:30 बजे उपप्रधान कोलहड़ी ने पुलिस को फोन पर सूचना दी कि पैराग्लाडर दुर्घटनाग्रस्त होने से एक व्यक्ति (सैलानी) चोटिल हो गया है। सूचना मिलने के बाद मौके पर पहुंची पुलिस ने ग्रामीणों की मदद से घायल को वाहन के जरिये मेडिकल कॉलेज चंबा पहुंचाया जहां पर जख्मों का ताव न सहते हुए उसने दम तोड़ दिया। इसके बाद पुलिस ने मामले की तफ्तीश कर चालान न्यायालय में पेश किया। ट्रायल के दौरान सामने आया कि पैराग्लाइडर ने पैराग्लाइड किराये पर लिया था। इतना ही नहीं, उसने न तो पैराग्लाइडिंग का कोई प्रशिक्षण हासिल किया है और न ही उसके पास इससे संबंधित कोई लाइसेंस है। ऐसे में पैराग्लाइड मालिक पर भी न्यायालय में मामला चला। मामले में ट्रायल के बाद आखिरकार न्यायालय ने सबूतों और गवाहों के आधार पर पैराग्लाइड मालिक को बरी कर दिया गया। जबकि, बिना प्रशिक्षण और लाइसेंस के पैराग्लाइडिंग करने वाले व्यक्ति को न्यायालय ने दोषी करार देते हुए दो वर्ष के कारावास और 11,700 रुपये जुर्माना अदा करने की सजा सुनाई है।
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