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उटीप-बाट-सेरी सड़क पर चक्का जाम
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चंबा-सेरी मार्ग पर बस रूट सेवा बंद होने के चलते सड़क को रोक प्रदर्शन करते ग्रामीण।
- फोटो : Chamba
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चंबा। उटीप-बाट-सेरी सड़क पर विद्यार्थियों और ग्रामीणों ने मंगलवार सुबह आठ बजे चक्का जाम कर दिया। एक घंटे तक स्कूली बच्चे और ग्रामीण सड़क के बीचोंबीच बैठकर अतिरिक्त बस सेवा शुरू करने की मांग को लेकर नारेबाजी करते रहे। उसके बाद सुबह साढ़े नौ बजे एचआरटीसी की अतिरिक्त बस के पहुंचने पर ही विद्यार्थी और ग्रामीणों ने मार्ग को यातायात के लिए बहाल किया।
गौरतलब है कि मंगलवार को सेरी में एचआरटीसी की 37 सीटर बस में दोगुना सवारियां भर गईं। बस में क्षमता से अधिक सवारियां चढ़ने पर चालक ने सवारियों को उतर जाने की बात कही, जिस पर स्कूली बच्चे और ग्रामीण मुखर हो उठे।
उन्होंने बीच सड़क में बैठकर चक्का जाम कर दिया। इस दौरान लोगों ने नारेबाजी भी की। उसके बाद बस चालक-परिचालक ने निगम प्रबंधन के अधिकारियों को चक्का जाम के बारे में अवगत करवाया। करीब नौ बजे एचआरटीसी डिपो चंबा से अतिरिक्त बस को भेजा गया। बस के मौके पर पहुंचने के बाद ही स्कूली बच्चों और ग्रामीणों ने मार्ग को बहाल किया।
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ग्रामीण सुरेश कुमार, बचन सिंह, दिलीप कुमार, मनोहर लाल और रविंद्र कुमार ने कहा कि उटीप-बाट-सेरी मार्ग पर सवारियों की क्षमता को देखते हुए अतिरिक्त बस चलाई जाए। ग्रामीणों ने कहा कि उटीप, पघैला, सेरी, बैंसका, गुदरा, बाट, डिगर और कुम्हमारका गांवों से सुबह के समय विद्यार्थी जिला मुख्यालय स्थित स्कूलों, कॉलेजों और अन्य शिक्षण संस्थानों में शिक्षा ग्रहण करने के लिए पहुंचते हैं। ऐसे में एकमात्र बस में सवारियां दोगुना हो जाती हैं, जिस कारण उन्हें परेशानी होती है। इसी के चलते मंगलवार सुबह चक्का जाम कर विद्यार्थियों और ग्रामीणों ने रोष जताया।
आरएम राजन जम्वाल ने बताया कि उटीप-बाट-सेरी रूट पर दो बसें चलती हैं। सोमवार रात को तकनीकी खराबी के कारण एक बस को नहीं भेजा जा सका। चक्का जाम की सूचना मिलने के बाद मौके पर अतिरिक्त बस भेजी गई। कहा कि ग्रामीण अगर लिखित में अतिरिक्त बस सेवा की मांग करते हैं तो परमिट के लिए आवेदन किया जाएगा और बस सेवा शुरू करवाई जाएगी।
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गौरतलब है कि मंगलवार को सेरी में एचआरटीसी की 37 सीटर बस में दोगुना सवारियां भर गईं। बस में क्षमता से अधिक सवारियां चढ़ने पर चालक ने सवारियों को उतर जाने की बात कही, जिस पर स्कूली बच्चे और ग्रामीण मुखर हो उठे।
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उन्होंने बीच सड़क में बैठकर चक्का जाम कर दिया। इस दौरान लोगों ने नारेबाजी भी की। उसके बाद बस चालक-परिचालक ने निगम प्रबंधन के अधिकारियों को चक्का जाम के बारे में अवगत करवाया। करीब नौ बजे एचआरटीसी डिपो चंबा से अतिरिक्त बस को भेजा गया। बस के मौके पर पहुंचने के बाद ही स्कूली बच्चों और ग्रामीणों ने मार्ग को बहाल किया।
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ग्रामीण सुरेश कुमार, बचन सिंह, दिलीप कुमार, मनोहर लाल और रविंद्र कुमार ने कहा कि उटीप-बाट-सेरी मार्ग पर सवारियों की क्षमता को देखते हुए अतिरिक्त बस चलाई जाए। ग्रामीणों ने कहा कि उटीप, पघैला, सेरी, बैंसका, गुदरा, बाट, डिगर और कुम्हमारका गांवों से सुबह के समय विद्यार्थी जिला मुख्यालय स्थित स्कूलों, कॉलेजों और अन्य शिक्षण संस्थानों में शिक्षा ग्रहण करने के लिए पहुंचते हैं। ऐसे में एकमात्र बस में सवारियां दोगुना हो जाती हैं, जिस कारण उन्हें परेशानी होती है। इसी के चलते मंगलवार सुबह चक्का जाम कर विद्यार्थियों और ग्रामीणों ने रोष जताया।
आरएम राजन जम्वाल ने बताया कि उटीप-बाट-सेरी रूट पर दो बसें चलती हैं। सोमवार रात को तकनीकी खराबी के कारण एक बस को नहीं भेजा जा सका। चक्का जाम की सूचना मिलने के बाद मौके पर अतिरिक्त बस भेजी गई। कहा कि ग्रामीण अगर लिखित में अतिरिक्त बस सेवा की मांग करते हैं तो परमिट के लिए आवेदन किया जाएगा और बस सेवा शुरू करवाई जाएगी।