{"_id":"68c449eee0d52f999d0c6123","slug":"the-farmers-hopes-were-dashed-as-their-crops-were-destroyed-chamba-news-c-88-1-cmb1002-160682-2025-09-12","type":"story","status":"publish","title_hn":"Chamba News: फसलें तबाह होने से बह गईं किसानों की उम्मीदें","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
Chamba News: फसलें तबाह होने से बह गईं किसानों की उम्मीदें
Fri, 12 Sep 2025 09:57 PM IST
शिमला ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, चम्बा
संवाद न्यूज एजेंसी, चम्बा
Updated Fri, 12 Sep 2025 09:57 PM IST
विज्ञापन
सलूणी (चंबा)। इस बार सलूणी क्षेत्र के किसानों ने बंपर पैदावार के लिए महंगे बीज, खाद और कीटनाशकों पर भारी खर्च किया। उम्मीद थी कि फसल पठानकोट और अमृतसर जैसे बड़े बाजारों तक भेजी जाएगी, लेकिन भारी बारिश ने फसलें तबाह कर दीं।
सलूणी में किसानों के लिए इस बार की बारिश आफत बनकर आई है। लगातार हुई भारी वर्षा ने मक्की, मटर, फ्रांसबीन और फूलगोभी जैसी फसलों को पूरी तरह चौपट कर दिया है। अब खेतों में न तो पैदावार बची और न ही खाने भर का अनाज। किसान रमेश ठाकुर, सुभाष कुमार, दीपक कुमार, होशियारा राम, हेम राज और दौलत राम ने बताया कि इस बार खेतों में एक दाना भी नहीं बचा, सब कुछ सड़ गया। अब दोबारा बुवाई के लिए भी पैसे नहीं हैं। फूलगोभी से अच्छा मुनाफा होने की उम्मीद थी, लेकिन अब खुद खाने को भी कुछ नहीं बचा।
स्थिति इतनी गंभीर है कि खेत सूने पड़ गए हैं और पूरे इलाके की सब्जी मंडियों की सप्लाई रुक चुकी है। किसानों ने प्रशासन से गुहार लगाई है कि नुकसान का आकलन कर तुरंत राहत व मुआवजा दिया जाए, ताकि अगली फसल की उम्मीद जिंदा रह सके।
विज्ञापन
विज्ञापन
सलूणी में किसानों के लिए इस बार की बारिश आफत बनकर आई है। लगातार हुई भारी वर्षा ने मक्की, मटर, फ्रांसबीन और फूलगोभी जैसी फसलों को पूरी तरह चौपट कर दिया है। अब खेतों में न तो पैदावार बची और न ही खाने भर का अनाज। किसान रमेश ठाकुर, सुभाष कुमार, दीपक कुमार, होशियारा राम, हेम राज और दौलत राम ने बताया कि इस बार खेतों में एक दाना भी नहीं बचा, सब कुछ सड़ गया। अब दोबारा बुवाई के लिए भी पैसे नहीं हैं। फूलगोभी से अच्छा मुनाफा होने की उम्मीद थी, लेकिन अब खुद खाने को भी कुछ नहीं बचा।
विज्ञापन
स्थिति इतनी गंभीर है कि खेत सूने पड़ गए हैं और पूरे इलाके की सब्जी मंडियों की सप्लाई रुक चुकी है। किसानों ने प्रशासन से गुहार लगाई है कि नुकसान का आकलन कर तुरंत राहत व मुआवजा दिया जाए, ताकि अगली फसल की उम्मीद जिंदा रह सके।
विज्ञापन