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Chamba News: पांच साल की सुस्ती पर अब तकनीकी जांच की नजर
Fri, 02 Oct 2026 10:26 PM IST
शिमला ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, चम्बा
संवाद न्यूज एजेंसी, चम्बा
Updated Fri, 02 Oct 2026 10:26 PM IST
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अमर उजाला की कटिंग।
चीह स्कूल का अधूरा कमरा बना विभाग की जांच का विषय, सहायक अभियंता को मौके पर जांच के आदेश
निर्माण की गुणवत्ता से लेकर एमबी-बिल खंगाले जाएंगे, 15 लाख का स्मार्ट क्लासरूम भी नहीं मिल सका
संवाद न्यूज एजेंसी
हिमगिरी (चंबा)। राजकीय माध्यमिक विद्यालय चीह में पांच साल से अधूरे पड़े कमरे पर आखिरकार विभाग की नजर पड़ गई है।
निर्माण कार्य को लेकर प्रकाशित खबर के बाद विकास खंड अधिकारी तीसा ने जिला परिषद के सहायक अभियंता को मौके पर पहुंचकर तकनीकी जांच करने और विस्तृत रिपोर्ट सौंपने के निर्देश दिए हैं। 28 सितंबर को जारी पत्र के बाद अब यह सामने आने की उम्मीद है कि निर्माण में देरी की वजह क्या रही और काम निर्धारित तकनीकी मानकों के अनुरूप हुआ या नहीं।
तकनीकी जांच में निर्माण की गुणवत्ता और इस्तेमाल सामग्री की पड़ताल के साथ मेजरमेंट बुक (एमबी), बिल, सामग्री संबंधी रिकॉर्ड और अन्य दस्तावेजों की जांच होगी। निर्माण कार्य में विद्यालय प्रबंधन समिति और स्कूल प्रशासन की भूमिका एवं सहभागिता भी जांची जाएगी। इससे अधूरे निर्माण को लेकर लंबे समय से उठ रहे सवालों का रिकॉर्ड के आधार पर जवाब मिलने की उम्मीद है।
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कमरा अधूरा रहा, स्मार्ट क्लासरूम हाथ से निकला
भवन समय पर तैयार नहीं होने का असर केवल निर्माण तक सीमित नहीं रहा। विभागीय जानकारी के अनुसार कमरे के तैयार न होने से स्कूल को स्मार्ट क्लासरूम के लिए प्रस्तावित करीब 15 लाख रुपये की राशि का लाभ नहीं मिल सका। बाद में यह राशि किसी अन्य स्कूल को आवंटित कर दी गई। पर्याप्त कमरों की कमी के चलते विद्यार्थियों को भी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है।
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स्कूल प्रबंधन समिति और स्थानीय लोग लंबे समय से अधूरा निर्माण पूरा करवाने के साथ गुणवत्ता की जांच की मांग कर रहे थे। एसएमसी अध्यक्ष सेवक राम ने संबंधित एजेंसी की जवाबदेही तय करने की मांग उठाई थी। मामले में हाईकोर्ट और एसडीएम चुराह के आदेशों का भी हवाला दिया गया था।
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अब जांच रिपोर्ट बताएगी अगला कदम
तकनीकी जांच रिपोर्ट से निर्माण की गुणवत्ता, देरी के कारण और अधूरे कमरे को पूरा करवाने की आगामी प्रक्रिया स्पष्ट होने की उम्मीद है। विकास खंड अधिकारी गोपाल ठाकुर ने बताया कि मामले की तकनीकी जांच के लिए जिला परिषद के सहायक अभियंता को आदेश जारी किए गए हैं।
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निर्माण की गुणवत्ता से लेकर एमबी-बिल खंगाले जाएंगे, 15 लाख का स्मार्ट क्लासरूम भी नहीं मिल सका
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हिमगिरी (चंबा)। राजकीय माध्यमिक विद्यालय चीह में पांच साल से अधूरे पड़े कमरे पर आखिरकार विभाग की नजर पड़ गई है।
निर्माण कार्य को लेकर प्रकाशित खबर के बाद विकास खंड अधिकारी तीसा ने जिला परिषद के सहायक अभियंता को मौके पर पहुंचकर तकनीकी जांच करने और विस्तृत रिपोर्ट सौंपने के निर्देश दिए हैं। 28 सितंबर को जारी पत्र के बाद अब यह सामने आने की उम्मीद है कि निर्माण में देरी की वजह क्या रही और काम निर्धारित तकनीकी मानकों के अनुरूप हुआ या नहीं।
तकनीकी जांच में निर्माण की गुणवत्ता और इस्तेमाल सामग्री की पड़ताल के साथ मेजरमेंट बुक (एमबी), बिल, सामग्री संबंधी रिकॉर्ड और अन्य दस्तावेजों की जांच होगी। निर्माण कार्य में विद्यालय प्रबंधन समिति और स्कूल प्रशासन की भूमिका एवं सहभागिता भी जांची जाएगी। इससे अधूरे निर्माण को लेकर लंबे समय से उठ रहे सवालों का रिकॉर्ड के आधार पर जवाब मिलने की उम्मीद है।
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कमरा अधूरा रहा, स्मार्ट क्लासरूम हाथ से निकला
भवन समय पर तैयार नहीं होने का असर केवल निर्माण तक सीमित नहीं रहा। विभागीय जानकारी के अनुसार कमरे के तैयार न होने से स्कूल को स्मार्ट क्लासरूम के लिए प्रस्तावित करीब 15 लाख रुपये की राशि का लाभ नहीं मिल सका। बाद में यह राशि किसी अन्य स्कूल को आवंटित कर दी गई। पर्याप्त कमरों की कमी के चलते विद्यार्थियों को भी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है।
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स्कूल प्रबंधन समिति और स्थानीय लोग लंबे समय से अधूरा निर्माण पूरा करवाने के साथ गुणवत्ता की जांच की मांग कर रहे थे। एसएमसी अध्यक्ष सेवक राम ने संबंधित एजेंसी की जवाबदेही तय करने की मांग उठाई थी। मामले में हाईकोर्ट और एसडीएम चुराह के आदेशों का भी हवाला दिया गया था।
अब जांच रिपोर्ट बताएगी अगला कदम
तकनीकी जांच रिपोर्ट से निर्माण की गुणवत्ता, देरी के कारण और अधूरे कमरे को पूरा करवाने की आगामी प्रक्रिया स्पष्ट होने की उम्मीद है। विकास खंड अधिकारी गोपाल ठाकुर ने बताया कि मामले की तकनीकी जांच के लिए जिला परिषद के सहायक अभियंता को आदेश जारी किए गए हैं।
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