{"_id":"69d3ec5b4a2a5169f70df83d","slug":"sanitation-workers-collecting-garbage-without-masks-and-gloves-chamba-news-c-88-1-cmb1002-179564-2026-04-06","type":"story","status":"publish","title_hn":"Chamba News: बिना मास्क-दस्ताने कचरा समेट रहे सफाई के सिपाही","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
Chamba News: बिना मास्क-दस्ताने कचरा समेट रहे सफाई के सिपाही
Mon, 06 Apr 2026 10:58 PM IST
शिमला ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, चम्बा
संवाद न्यूज एजेंसी, चम्बा
Updated Mon, 06 Apr 2026 10:58 PM IST
विज्ञापन
बिना, मास्क, बिना दस्ताने और बिना वर्दी के कचरे की छंटाई करते सफाई कर्मचारी: संवाद
नगर परिषद की लापरवाही से हो सकते हैं गंभीर बीमारियों का शिकार
न वर्दी मिली और न ही सुरक्षा के साधन, सेहत से हो रहा खिलवाड़
संवाद न्यूज एजेंसी
चंबा। शहर की साफ-सुथरी सड़कों पर सुबह की पहली किरण पड़ती है तो सब कुछ व्यवस्थित और चमकता हुआ नजर आता है। इस चमक के पीछे एक अनदेखा संघर्ष छिपा है।
इसमें कुछ लोग हर दिन अपने स्वास्थ्य और जीवन को जोखिम में डालकर हमारी सुविधा सुनिश्चित करते हैं। बिना मास्क, बिना दस्ताने और बिना जरूरी सुरक्षा के कचरे के बीच काम करते ये सफाई कर्मचारी व्यवस्था की उस सच्चाई को उजागर करते हैं जिसे अकसर नजरअंदाज कर दिया जाता है।
वे हर दिन जोखिम के बीच काम करने को विवश हैं। सफाई कर्मचारी रोज सड़कों और गलियों से कचरा उठाते हैं। इसमें सड़ा-गला पदार्थ, प्लास्टिक और कई बार मेडिकल वेस्ट भी शामिल होता है। मास्क और दस्तानों के बिना कचरे के संपर्क में आना उन्हें संक्रमण, त्वचा रोग और सांस संबंधी बीमारियों के खतरे में डाल रहा है। यही कर्मचारी कचरे की छंटाई भी किसी सुरक्षा के बिना करते हैं। सफाई कर्मचारियों का कहना है कि कई बार शिकायत और मांग के बावजूद उन्हें जरूरी संसाधन उपलब्ध नहीं करवाए गए। न तो नियमित वर्दी दी गई है और न ही सुरक्षा किट। इससे नगर परिषद की कार्यप्रणाली पर सवाल खड़े हो रहे हैं। बारिश के दौरान हालात और भी बदतर हो जाते हैं। भीगते हुए कचरा उठाना कर्मचारियों के लिए बेहद कठिन और खतरनाक होता है लेकिन उनके पास कोई विकल्प नहीं है। बिना रेनकोट या सुरक्षा उपकरणों के उन्हें काम जारी रखना पड़ता है।
नगर परिषद की वरिष्ठ कार्यकारी अधिकारी राखी कौशल ने बताया कि संबंधित ठेकेदार को अवगत करवाकर सफाई कर्मचारियों को मास्क, दस्ताने और वर्दी उपलब्ध करवाई जाएगी।
विज्ञापन
--
विज्ञापन
न वर्दी मिली और न ही सुरक्षा के साधन, सेहत से हो रहा खिलवाड़
संवाद न्यूज एजेंसी
चंबा। शहर की साफ-सुथरी सड़कों पर सुबह की पहली किरण पड़ती है तो सब कुछ व्यवस्थित और चमकता हुआ नजर आता है। इस चमक के पीछे एक अनदेखा संघर्ष छिपा है।
इसमें कुछ लोग हर दिन अपने स्वास्थ्य और जीवन को जोखिम में डालकर हमारी सुविधा सुनिश्चित करते हैं। बिना मास्क, बिना दस्ताने और बिना जरूरी सुरक्षा के कचरे के बीच काम करते ये सफाई कर्मचारी व्यवस्था की उस सच्चाई को उजागर करते हैं जिसे अकसर नजरअंदाज कर दिया जाता है।
वे हर दिन जोखिम के बीच काम करने को विवश हैं। सफाई कर्मचारी रोज सड़कों और गलियों से कचरा उठाते हैं। इसमें सड़ा-गला पदार्थ, प्लास्टिक और कई बार मेडिकल वेस्ट भी शामिल होता है। मास्क और दस्तानों के बिना कचरे के संपर्क में आना उन्हें संक्रमण, त्वचा रोग और सांस संबंधी बीमारियों के खतरे में डाल रहा है। यही कर्मचारी कचरे की छंटाई भी किसी सुरक्षा के बिना करते हैं। सफाई कर्मचारियों का कहना है कि कई बार शिकायत और मांग के बावजूद उन्हें जरूरी संसाधन उपलब्ध नहीं करवाए गए। न तो नियमित वर्दी दी गई है और न ही सुरक्षा किट। इससे नगर परिषद की कार्यप्रणाली पर सवाल खड़े हो रहे हैं। बारिश के दौरान हालात और भी बदतर हो जाते हैं। भीगते हुए कचरा उठाना कर्मचारियों के लिए बेहद कठिन और खतरनाक होता है लेकिन उनके पास कोई विकल्प नहीं है। बिना रेनकोट या सुरक्षा उपकरणों के उन्हें काम जारी रखना पड़ता है।
विज्ञापन
नगर परिषद की वरिष्ठ कार्यकारी अधिकारी राखी कौशल ने बताया कि संबंधित ठेकेदार को अवगत करवाकर सफाई कर्मचारियों को मास्क, दस्ताने और वर्दी उपलब्ध करवाई जाएगी।
विज्ञापन