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इव्यानो में मार्शल लॉ लगने से 8 किमी पैदल पहुंचे रोमानिया
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परिजनों के साथ युक्रेन से लौटा संकल्प।
- फोटो : Chamba
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चंबा। यूक्रेन शहर की इव्यानो नेशनल मेडिकल यूनिवर्सिटी में एमबीबीएस के प्रथम वर्ष के प्रशिक्षु संकल्प डालिया ने युद्ध के बीच उत्पन्न हुए हालातों में लोगों के दर्द को बयां किया।
उन्होंने कहा कि 25 फरवरी को सुबह 5 बजे इव्यानो में गिरी मिसाइल से चारों ओर चीखपुकार मच गई। मिसाइल गिरने के जोरदार धमाके से उनकी नींद खुल गई और वे अपने साथियों संग खुली जगह के लिए दौड़ आए। यूक्रेन पर रूसी सेना के हमले के बाद इव्यानो शहर में मार्शल लॉ लगा दिया गया। ऐसे में अपने हॉस्टल से आठ किमी का पैदल सफर तय कर वे अपने सामान सहित रोमानिया बॉर्डर पर पहुंचे।
यहां दो दिन बाद रुकने आखिरकार एयरफोर्स के सी-17 प्लेन के जरिये उन्हें दिल्ली पहुंचाया गया। दिल्ली से निजी वाहन के जरिये अपने घर पहुंचे। घर पहुंच कर माता-पिता के गले मिलकर उन्हें ऐसा लगा कि वे मौत के मुंह से निकल कर घर सुरक्षित पहुंचे हैं। रोमानिया से 238 भारतीयों को वायुसेना के सी-17 जहाज से दिल्ली लाया गया। विमान में उनके साथ भारत के कश्मीर से लेकर कन्याकुमारी तक के प्रशिक्षु शामिल रहे।
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उन्होंने कहा कि 25 फरवरी को सुबह 5 बजे इव्यानो में गिरी मिसाइल से चारों ओर चीखपुकार मच गई। मिसाइल गिरने के जोरदार धमाके से उनकी नींद खुल गई और वे अपने साथियों संग खुली जगह के लिए दौड़ आए। यूक्रेन पर रूसी सेना के हमले के बाद इव्यानो शहर में मार्शल लॉ लगा दिया गया। ऐसे में अपने हॉस्टल से आठ किमी का पैदल सफर तय कर वे अपने सामान सहित रोमानिया बॉर्डर पर पहुंचे।
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यहां दो दिन बाद रुकने आखिरकार एयरफोर्स के सी-17 प्लेन के जरिये उन्हें दिल्ली पहुंचाया गया। दिल्ली से निजी वाहन के जरिये अपने घर पहुंचे। घर पहुंच कर माता-पिता के गले मिलकर उन्हें ऐसा लगा कि वे मौत के मुंह से निकल कर घर सुरक्षित पहुंचे हैं। रोमानिया से 238 भारतीयों को वायुसेना के सी-17 जहाज से दिल्ली लाया गया। विमान में उनके साथ भारत के कश्मीर से लेकर कन्याकुमारी तक के प्रशिक्षु शामिल रहे।
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