{"_id":"68addc82366347a8ed0de8c6","slug":"more-than-two-thousand-devotees-of-mani-mahesh-are-stranded-across-the-district-chamba-news-c-399-1-sml1046-353504-2025-08-26","type":"story","status":"publish","title_hn":"Chamba News: जिलेभर में मणिमहेश के दो हजार से अधिक श्रद्धालु फंसे","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
Chamba News: जिलेभर में मणिमहेश के दो हजार से अधिक श्रद्धालु फंसे
Tue, 26 Aug 2025 09:40 PM IST
शिमला ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, चम्बा
संवाद न्यूज एजेंसी, चम्बा
Updated Tue, 26 Aug 2025 09:40 PM IST
विज्ञापन
चंबा। मणिमहेश यात्रा पर निकले दो हजार से अधिक श्रद्धालु लगातार बारिश और भूस्खलन के कारण चंबा जिले के विभिन्न स्थानों पर दो दिन से फंसे हुए हैं। इनमें बाहरी राज्यों से आए श्रद्धालु भी शामिल हैं। जिला प्रशासन ने सोमवार को यात्रा पर रोक तो लगा दी थी, लेकिन पहले से निकले श्रद्धालु अब जगह-जगह अटके हुए हैं और परेशानियों का सामना कर रहे हैं। भरमौर-पठानकोट हाईवे पट्टी दी हट्टी, खड़ा मुख, धौणा, गहरा, धरवाला, कलसुई, राख, रजेरा, मैहला, चनेड़, केरू पहाड़ और लाहडू के समीप बार-बार भूस्खलन से बंद हो रहा है। इसी तरह भटियात विस क्षेत्र में लाहडू-चुवाड़ी वाया जोत मार्ग, लंगेरा-संगणी मार्ग और चंबा-तीसा मार्ग भी बाधित हैं। इन सड़कों के बंद होने से श्रद्धालु न तो गंतव्य तक पहुंच पा रहे हैं और न ही सुरक्षित घर लौट पा रहे हैं।
मंदिरों और मस्जिदों में शरण
प्रशासन की अपील पर लोग स्थानीय मंदिरों, मस्जिदों और सामुदायिक भवनों में शरण ले रहे हैं। कई स्थानों पर ग्रामीण भी श्रद्धालुओं की मदद कर रहे हैं। बावजूद इसके कई जगह मूलभूत सुविधाओं की कमी के चलते फंसे हुए लोगों को भोजन, पानी और ठहरने की दिक्कतें झेलनी पड़ रही हैं। बाहरी राज्यों से आए श्रद्धालुओं ने बताया कि वे कई दिनों से रास्ते में अटके हुए हैं। छोटे बच्चे और बुजुर्ग बारिश से जूझ रहे हैं।
प्रशासन और ट्रस्ट के दावे धरे रह गए
यात्रा शुरू होने से पहले प्रशासन और मणिमहेश ट्रस्ट ने श्रद्धालुओं के ठहरने और सुरक्षा के पुख्ता इंतजामों का दावा किया था, लेकिन भारी बारिश और रास्ते बंद होने के बाद ये दावे फेल साबित हुए। कुछ जगह तो हालात ठीक हैं, लेकिन कई स्थानों पर जहां सुविधाएं ठप हैं, वहां राहत और बचाव कार्य सीमित स्तर पर ही चल रहे हैं।
विज्ञापन
लोगों की मांग
श्रद्धालुओं और स्थानीय लोगों ने मांग उठाई है कि प्रशासन को तुरंत अतिरिक्त राहत दल भेजकर सुरक्षित निकासी सुनिश्चित करनी चाहिए। साथ ही, भोजन और दवाइयों की उपलब्धता बढ़ाई जाए।
विज्ञापन
मंदिरों और मस्जिदों में शरण
प्रशासन की अपील पर लोग स्थानीय मंदिरों, मस्जिदों और सामुदायिक भवनों में शरण ले रहे हैं। कई स्थानों पर ग्रामीण भी श्रद्धालुओं की मदद कर रहे हैं। बावजूद इसके कई जगह मूलभूत सुविधाओं की कमी के चलते फंसे हुए लोगों को भोजन, पानी और ठहरने की दिक्कतें झेलनी पड़ रही हैं। बाहरी राज्यों से आए श्रद्धालुओं ने बताया कि वे कई दिनों से रास्ते में अटके हुए हैं। छोटे बच्चे और बुजुर्ग बारिश से जूझ रहे हैं।
विज्ञापन
प्रशासन और ट्रस्ट के दावे धरे रह गए
यात्रा शुरू होने से पहले प्रशासन और मणिमहेश ट्रस्ट ने श्रद्धालुओं के ठहरने और सुरक्षा के पुख्ता इंतजामों का दावा किया था, लेकिन भारी बारिश और रास्ते बंद होने के बाद ये दावे फेल साबित हुए। कुछ जगह तो हालात ठीक हैं, लेकिन कई स्थानों पर जहां सुविधाएं ठप हैं, वहां राहत और बचाव कार्य सीमित स्तर पर ही चल रहे हैं।
विज्ञापन
लोगों की मांग
श्रद्धालुओं और स्थानीय लोगों ने मांग उठाई है कि प्रशासन को तुरंत अतिरिक्त राहत दल भेजकर सुरक्षित निकासी सुनिश्चित करनी चाहिए। साथ ही, भोजन और दवाइयों की उपलब्धता बढ़ाई जाए।