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मराली जातर मेला : गूरों ने निभाई डल तोड़ने की परंपरा, 10,000 श्रद्धालु पहुंचे
Tue, 19 Aug 2025 09:35 PM IST
शिमला ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, चम्बा
संवाद न्यूज एजेंसी, चम्बा
Updated Tue, 19 Aug 2025 09:35 PM IST
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चंबा के खुंडी माता डल झील को तौड़ते माता के गुर।स्रोत विडियो ग्रैब
चंबा। गूरों के डल तोड़ने की परंपरा के साथ ऐतिहासिक खुंडी माता मराली जातर मेला मंगलवार को विधिवत रूप से संपन्न हुआ। तीन दिन की इस जातर में खुंडी माता की डल झील में 10,000 श्रद्धालुओं ने स्नान कर शीश नवाया।
चांजू से खुंडी तक 18 किलोमीटर का सफर श्रद्धालुओं ने पैदल ही तय किया। इस दौरान श्रद्धालु हिमखंड से भी गुजरे और 100 मीटर के हिमखंड को श्रद्धालुओं ने कतारों में पार किया। परंपरा के मुताबिक माता के गूरों ने डल झील तोड़ने की परंपरा निभाई। उसके बाद सभी श्रद्धालुओं ने भी पूजा-अर्चना की। खुंडी माता के दरबार में सांस्कृतिक और लोक संस्कृति की झलक देखने को मिली। यहां माता के गूरों ने श्रद्धालुओं को आशीर्वाद दिया। श्रद्धालु अजय कुमार, मिंटू कुमार, दिनेश कुमार, कमल कुमार, उमेश, सूरज, संजय कुमार, जितेंद्र और योगराज ने बताया कि खुंडी माता की यात्रा करना पहले काफी मुश्किल होता था, लेकिन अब बीच रास्ते में लंगर की व्यवस्था होती है। इसके चलते श्रद्धालुओं को विश्राम की सुविधा मिल रही है।
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चांजू से खुंडी तक 18 किलोमीटर का सफर श्रद्धालुओं ने पैदल ही तय किया। इस दौरान श्रद्धालु हिमखंड से भी गुजरे और 100 मीटर के हिमखंड को श्रद्धालुओं ने कतारों में पार किया। परंपरा के मुताबिक माता के गूरों ने डल झील तोड़ने की परंपरा निभाई। उसके बाद सभी श्रद्धालुओं ने भी पूजा-अर्चना की। खुंडी माता के दरबार में सांस्कृतिक और लोक संस्कृति की झलक देखने को मिली। यहां माता के गूरों ने श्रद्धालुओं को आशीर्वाद दिया। श्रद्धालु अजय कुमार, मिंटू कुमार, दिनेश कुमार, कमल कुमार, उमेश, सूरज, संजय कुमार, जितेंद्र और योगराज ने बताया कि खुंडी माता की यात्रा करना पहले काफी मुश्किल होता था, लेकिन अब बीच रास्ते में लंगर की व्यवस्था होती है। इसके चलते श्रद्धालुओं को विश्राम की सुविधा मिल रही है।

चंबा के खुंडी माता डल झील को तौड़ते माता के गुर।स्रोत विडियो ग्रैब
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