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Chamba News: योजनाओं के साथ मोटे अनाज के बारे में जागरूक किए लोग
Mon, 05 Aug 2024 10:26 PM IST
शिमला ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, चम्बा
संवाद न्यूज एजेंसी, चम्बा
Updated Mon, 05 Aug 2024 10:26 PM IST
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डॉ. कुलदीप धीमान।संवाद
चंबा। अंतरराष्ट्रीय मिंजर मेले में विभिन्न विभागों ने प्रदर्शनी लगाकर लोगों को जानकारियां मुहैया करवाईं। कृषि विभाग ने प्राकृतिक खेती के साथ विभागीय योजनाओं और नकदी फसलों को लेकर लोगों को जागरूक किया।
पहाड़ ट्रस्ट के माध्यम से पोषक अनाजों से पर्यावरण और स्वास्थ्य को होने बाले लाभ के बारे में बताया। इस स्टॉल से लोगों ने 9 अलग-अलग प्रकार के मोटे अनाज की खरीद की। मिंजर मेले के पुरस्कार वितरण समारोह के बाद एक भेंट वार्ता में कृषि उप निदेशक डॉ. कुलदीप धीमान ने बताया कि स्वास्थ्य की दृष्टि से बाजरा, ज्वार और रागी को न्यूट्रल मिलेट्स कहते हैं।
कंगणी, कोदरा, स्वांक, कुटकी, हरी कंगणी और चीणा को पॉजिटिव मिलेट्स कहते हैं। उन्होंने कहा कि न्यूट्रल मिलेट्स को खाने से शरीर स्वस्थ रहता है। पॉजिटिव मिलेट्स खाने से कई बीमारियों से छुटकारा पाया जा सकता है। डॉ धीमान ने बताया कि गेहूं और चावल शरीर में जल्दी पच जाते हैं, जिससे शरीर में कुछ समय के लिए ग्लूकोस की बाढ़ आ जाती है और यह ग्लूकोस की बाढ़ बहुत सी बीमारियों को जन्म देती है, लेकिन मिलेट्स शरीर में धीरे-धीरे पचते हैं। इस कारण बीमारियों के आने की संभावना खत्म हो जाती है। इसके अतिरिक्त अधिक रेशा या अधिक फाइबर होने के कारण इन अनाजों को खाने से पाचन तंत्र ठीक होता है, इनमें अधिक एंटी ओक्सिडेंट होने के कारण यह बीमारियों से लड़ने की क्षमता को बढ़ाते हैं।गलाई सेमिक इंडेक्स कम होने के कारण मधुमेह नियंत्रित होता है।
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पहाड़ ट्रस्ट के माध्यम से पोषक अनाजों से पर्यावरण और स्वास्थ्य को होने बाले लाभ के बारे में बताया। इस स्टॉल से लोगों ने 9 अलग-अलग प्रकार के मोटे अनाज की खरीद की। मिंजर मेले के पुरस्कार वितरण समारोह के बाद एक भेंट वार्ता में कृषि उप निदेशक डॉ. कुलदीप धीमान ने बताया कि स्वास्थ्य की दृष्टि से बाजरा, ज्वार और रागी को न्यूट्रल मिलेट्स कहते हैं।
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कंगणी, कोदरा, स्वांक, कुटकी, हरी कंगणी और चीणा को पॉजिटिव मिलेट्स कहते हैं। उन्होंने कहा कि न्यूट्रल मिलेट्स को खाने से शरीर स्वस्थ रहता है। पॉजिटिव मिलेट्स खाने से कई बीमारियों से छुटकारा पाया जा सकता है। डॉ धीमान ने बताया कि गेहूं और चावल शरीर में जल्दी पच जाते हैं, जिससे शरीर में कुछ समय के लिए ग्लूकोस की बाढ़ आ जाती है और यह ग्लूकोस की बाढ़ बहुत सी बीमारियों को जन्म देती है, लेकिन मिलेट्स शरीर में धीरे-धीरे पचते हैं। इस कारण बीमारियों के आने की संभावना खत्म हो जाती है। इसके अतिरिक्त अधिक रेशा या अधिक फाइबर होने के कारण इन अनाजों को खाने से पाचन तंत्र ठीक होता है, इनमें अधिक एंटी ओक्सिडेंट होने के कारण यह बीमारियों से लड़ने की क्षमता को बढ़ाते हैं।गलाई सेमिक इंडेक्स कम होने के कारण मधुमेह नियंत्रित होता है।
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