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Chamba News: चंबा की जड़ी-बूटियों पर शोध करेंगे इलेक्ट्रोहोम्योपैथी चिकित्सक
Sat, 18 May 2024 10:18 PM IST
शिमला ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, चम्बा
संवाद न्यूज एजेंसी, चम्बा
Updated Sat, 18 May 2024 10:18 PM IST
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चंबा। देश के 15 प्रांतों के 250 इलेक्ट्रो होम्योपैथिक चिकित्सक चंबा के जंगलों में पाए जाने वाली जड़ी-बूटी पर अध्ययन करेंगे।
रविवार को पांच दिवसीय राष्ट्रीय कार्यशाला का शुभारंभ होगा। कार्यशाला के दौरान विभिन्न चिकित्सक जड़ी-बूटियों के संबंध में अपने-अपने शोध भी पढ़ेंगे। इलेक्ट्रोहोम्योपैथी एसोसिएशन के प्रदेश अध्यक्ष उत्तम चंद ने बताया कि जिला चंबा के जंगलों में पाई जाने वाली जड़ी-बूटियों को दवाइयां बनाने में विशेष पहचान मिली है। इलेक्ट्रोहोम्योपैथी दवाई बनाने में इन औषधियों का प्रचुर मात्रा में इस्तेमाल किया जा रहा है। चंबा में पिछले 34 वर्षों से दवा कंपनी इलेक्ट्रोहोम्योपैथी दवाओं का निर्माण करने में जुटी है। यह कंपनी चंबा में दवाइयां बनाकर दूसरे राज्यों में भी भेज रही है। इन दवाइयों का निर्माण जंगलों में पाई जाने वाली जड़ी-बूटियों से किया जा रहा है। कहा कि 23 मई को इस कार्यशाला का समापन होगा। कार्यशाला के दौरान युवा चिकित्सक व वैज्ञानिक अपने-अपने विचार रखेंगे।
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रविवार को पांच दिवसीय राष्ट्रीय कार्यशाला का शुभारंभ होगा। कार्यशाला के दौरान विभिन्न चिकित्सक जड़ी-बूटियों के संबंध में अपने-अपने शोध भी पढ़ेंगे। इलेक्ट्रोहोम्योपैथी एसोसिएशन के प्रदेश अध्यक्ष उत्तम चंद ने बताया कि जिला चंबा के जंगलों में पाई जाने वाली जड़ी-बूटियों को दवाइयां बनाने में विशेष पहचान मिली है। इलेक्ट्रोहोम्योपैथी दवाई बनाने में इन औषधियों का प्रचुर मात्रा में इस्तेमाल किया जा रहा है। चंबा में पिछले 34 वर्षों से दवा कंपनी इलेक्ट्रोहोम्योपैथी दवाओं का निर्माण करने में जुटी है। यह कंपनी चंबा में दवाइयां बनाकर दूसरे राज्यों में भी भेज रही है। इन दवाइयों का निर्माण जंगलों में पाई जाने वाली जड़ी-बूटियों से किया जा रहा है। कहा कि 23 मई को इस कार्यशाला का समापन होगा। कार्यशाला के दौरान युवा चिकित्सक व वैज्ञानिक अपने-अपने विचार रखेंगे।