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Chamba News: त्योहारों में खाया पनीर, अब सैंपल फेल
Mon, 24 Nov 2025 11:21 PM IST
शिमला ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, चम्बा
संवाद न्यूज एजेंसी, चम्बा
Updated Mon, 24 Nov 2025 11:21 PM IST
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चंबा। त्योहारों के दौरान बाजार में बिके खाद्य पदार्थों की गुणवत्ता पर बड़ा सवाल खड़ा हो गया है। त्योहारी सीजन में स्वास्थ्य विभाग द्वारा लिए गए पनीर और मसालों के सैंपल विभागीय प्रयोगशाला की जांच में मानकों पर खरे नहीं उतरे हैं। जांच रिपोर्ट के अनुसार दोनों उत्पाद मिसब्रांडेड पाए गए हैं। इसमें दो कारोबारियों को नोटिस जारी हुए हैं।
त्योहारी सीजन से पहले स्वास्थ्य विभाग की टीमों ने शहर और आसपास के क्षेत्रों के बाजारों में निरीक्षण अभियान चलाया था। इस दौरान विभिन्न दुकानों से पनीर, मसाले और अन्य खाद्य सामग्री के सैंपल लिए गए थे। इन सैंपलों को विभागीय प्रयोगशाला में भेजकर गुणवत्ता, शुद्धता और मानक अनुपालन की विस्तृत जांच की गई।
अब रिपोर्ट में स्पष्ट हुआ कि पनीर और मसाले निर्धारित मानकों के अनुरूप नहीं हैं और उपभोक्ताओं के लिए स्वास्थ्य जोखिम पैदा कर सकते हैं। हालांकि लोगों को यह पदार्थ बेचे जा चुके हैं और अब इतनी देरी से रिपोर्ट मिलना भी सवालों के घेरे में है। विभाग के अधिकारियों का कहना है कि विभाग उपभोक्ताओं को सुरक्षित और शुद्ध खाद्य सामग्री उपलब्ध करवाने के लिए लगातार सख्त कदम उठा रहा है। विभाग की इस कार्रवाई के बाद बाजार के अन्य कारोबारियों में भी हड़कंप मच गया है।
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30 दिन में देना होगा जवाब
इन उत्पादों को बेचने वाले कारोबारियों को नोटिस जारी कर दिया गया है। उनसे 30 दिन के भीतर कारण बताने को कहा गया है कि उनके विरुद्ध कार्रवाई क्यों न की जाए। निर्धारित समय में संतोषजनक जवाब न मिलने पर मामला अदालत में भेजा जाएगा।
दीपक आनंद, सहायक आयुक्त खाद्य सुरक्षा विभाग
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त्योहारी सीजन से पहले स्वास्थ्य विभाग की टीमों ने शहर और आसपास के क्षेत्रों के बाजारों में निरीक्षण अभियान चलाया था। इस दौरान विभिन्न दुकानों से पनीर, मसाले और अन्य खाद्य सामग्री के सैंपल लिए गए थे। इन सैंपलों को विभागीय प्रयोगशाला में भेजकर गुणवत्ता, शुद्धता और मानक अनुपालन की विस्तृत जांच की गई।
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अब रिपोर्ट में स्पष्ट हुआ कि पनीर और मसाले निर्धारित मानकों के अनुरूप नहीं हैं और उपभोक्ताओं के लिए स्वास्थ्य जोखिम पैदा कर सकते हैं। हालांकि लोगों को यह पदार्थ बेचे जा चुके हैं और अब इतनी देरी से रिपोर्ट मिलना भी सवालों के घेरे में है। विभाग के अधिकारियों का कहना है कि विभाग उपभोक्ताओं को सुरक्षित और शुद्ध खाद्य सामग्री उपलब्ध करवाने के लिए लगातार सख्त कदम उठा रहा है। विभाग की इस कार्रवाई के बाद बाजार के अन्य कारोबारियों में भी हड़कंप मच गया है।
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30 दिन में देना होगा जवाब
इन उत्पादों को बेचने वाले कारोबारियों को नोटिस जारी कर दिया गया है। उनसे 30 दिन के भीतर कारण बताने को कहा गया है कि उनके विरुद्ध कार्रवाई क्यों न की जाए। निर्धारित समय में संतोषजनक जवाब न मिलने पर मामला अदालत में भेजा जाएगा।
दीपक आनंद, सहायक आयुक्त खाद्य सुरक्षा विभाग