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Chamba News: जिला प्रशासन के बाद अब हाईकोर्ट से राधा देवी को राहत, निलंबन भी रद्द
Fri, 02 Oct 2026 09:45 PM IST
शिमला ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, चम्बा
संवाद न्यूज एजेंसी, चम्बा
Updated Fri, 02 Oct 2026 09:45 PM IST
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जिला प्रशासन के बाद अब हाईकोर्ट से राधा देवी को राहत, निलंबन भी रद्द
संवाद न्यूज एजेंसी
चंबा। विकास खंड मैहला की ग्राम पंचायत मैहला में विकास कार्यों में अनियमितताओं के मामले में प्रधान राधा देवी को जिला प्रशासन के बाद अब हिमाचल प्रदेश हाईकोर्ट से भी राहत मिली है। उपायुक्त चंबा के 25 सितंबर 2026 के आदेश में उनके खिलाफ बर्खास्तगी जैसी कार्रवाई के बजाय चेतावनी जारी की गई थी। साथ ही जिन विकास कार्यों के लिए सामग्री की आपूर्ति का भुगतान किया जा चुका है, उन्हें तीन माह के भीतर पूरा करने के निर्देश दिए गए थे।
हाईकोर्ट में मामले की सुनवाई के दौरान उपायुक्त के आदेश की प्रति रिकॉर्ड पर रखी गई। न्यायमूर्ति संदीप शर्मा ने आदेश में दर्ज किया कि राधा देवी को टाइल बिछाने का कार्य निर्धारित समय में पूरा न करने के आरोप से दोषमुक्त किया जा चुका है। इसके साथ ही उनका निलंबन भी वापस ले लिया गया है। इससे उन्हें फिलहाल बड़ी राहत मिली है।
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2025 में निलंबन के बाद पहुंची थीं हाईकोर्ट
ग्राम पंचायत में विकास कार्यों को लेकर शिकायत मिलने के बाद खंड विकास अधिकारी मैहला ने 25 जून 2025 को प्रारंभिक जांच की थी। जांच में प्रधान के खिलाफ लगाए गए आरोप प्रथम दृष्टया सही पाए गए थे। इसके बाद हिमाचल प्रदेश पंचायती राज अधिनियम, 1994 की धारा 146 के तहत एसडीएम चंबा को नियमित जांच अधिकारी नियुक्त किया गया। इसी कार्रवाई के दौरान वर्ष 2025 में तत्कालीन प्रधान राधा देवी को निलंबित किया गया था। उन्होंने निलंबन आदेश को हाईकोर्ट में चुनौती दी थी। अदालत से राहत मिलने के बाद उन्होंने दोबारा पंचायत चुनाव लड़ा और प्रधान निर्वाचित हुईं। इस बीच पूर्व मामले की नियमित जांच प्रक्रिया जारी रही। अब उपायुक्त के 25 सितंबर के आदेश और हाईकोर्ट में हुई सुनवाई के बाद टाइल कार्य पूरा न करने से जुड़े आरोप पर राधा देवी को राहत मिल गई है। हालांकि, अन्य विकास कार्यों से संबंधित जांच और कार्रवाई की स्थिति मामले के आगामी आदेशों पर निर्भर करेगी।
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संवाद न्यूज एजेंसी
चंबा। विकास खंड मैहला की ग्राम पंचायत मैहला में विकास कार्यों में अनियमितताओं के मामले में प्रधान राधा देवी को जिला प्रशासन के बाद अब हिमाचल प्रदेश हाईकोर्ट से भी राहत मिली है। उपायुक्त चंबा के 25 सितंबर 2026 के आदेश में उनके खिलाफ बर्खास्तगी जैसी कार्रवाई के बजाय चेतावनी जारी की गई थी। साथ ही जिन विकास कार्यों के लिए सामग्री की आपूर्ति का भुगतान किया जा चुका है, उन्हें तीन माह के भीतर पूरा करने के निर्देश दिए गए थे।
हाईकोर्ट में मामले की सुनवाई के दौरान उपायुक्त के आदेश की प्रति रिकॉर्ड पर रखी गई। न्यायमूर्ति संदीप शर्मा ने आदेश में दर्ज किया कि राधा देवी को टाइल बिछाने का कार्य निर्धारित समय में पूरा न करने के आरोप से दोषमुक्त किया जा चुका है। इसके साथ ही उनका निलंबन भी वापस ले लिया गया है। इससे उन्हें फिलहाल बड़ी राहत मिली है।
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2025 में निलंबन के बाद पहुंची थीं हाईकोर्ट
ग्राम पंचायत में विकास कार्यों को लेकर शिकायत मिलने के बाद खंड विकास अधिकारी मैहला ने 25 जून 2025 को प्रारंभिक जांच की थी। जांच में प्रधान के खिलाफ लगाए गए आरोप प्रथम दृष्टया सही पाए गए थे। इसके बाद हिमाचल प्रदेश पंचायती राज अधिनियम, 1994 की धारा 146 के तहत एसडीएम चंबा को नियमित जांच अधिकारी नियुक्त किया गया। इसी कार्रवाई के दौरान वर्ष 2025 में तत्कालीन प्रधान राधा देवी को निलंबित किया गया था। उन्होंने निलंबन आदेश को हाईकोर्ट में चुनौती दी थी। अदालत से राहत मिलने के बाद उन्होंने दोबारा पंचायत चुनाव लड़ा और प्रधान निर्वाचित हुईं। इस बीच पूर्व मामले की नियमित जांच प्रक्रिया जारी रही। अब उपायुक्त के 25 सितंबर के आदेश और हाईकोर्ट में हुई सुनवाई के बाद टाइल कार्य पूरा न करने से जुड़े आरोप पर राधा देवी को राहत मिल गई है। हालांकि, अन्य विकास कार्यों से संबंधित जांच और कार्रवाई की स्थिति मामले के आगामी आदेशों पर निर्भर करेगी।
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