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ग्राम पंचायत अठलुंई के आधा दर्जन गांव झेल रहे पानी की किल्लत
Updated Sat, 04 Nov 2017 11:24 PM IST
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अमर उजाला ब्यूरो
साहो चंबा। ग्राम पंचायत अठलुंई के करीब छह गांवों के ग्रामीण पानी की किल्लत से जूझ रहे हैं। गांव में विभाग की ओर से पेयजल लाईन तो जरूर बिछाई गई है।
मगर यहां पानी की नियमित सप्लाई नहीं होती है। इस वजह से ग्रामीणों को नल से एक बाल्टी पानी भरने के लिए दो घंटे तक लाइन में खड़े होना पड़ता है।
लोगों ने बताया कि नल से पानी की बूंद-बूंद टपकती है। पंचायत के ककरी, गुणू, समैला, सलोली, अखोडी दी भुंई, अन्हैरा, वने दी भुंई और मराल में रहने वाले 100 परिवार लंबे समय से पेयजल किल्लत से जूझ रहे हैं। मजबूरी में लोगों को पीने का पानी दो किमी दूर जाकर मंदराली नाले से लाना पड़ता है। इसमें ग्रामीणों का पूरा दिन पानी को ढोने में ही निकल जाता है। हालांकि गांव की पेयजल किल्लत दूर करने के लिए सतसरे नाला से पेयजल लाइन डाली गई है। मगर यह लाइन कलूण गांव से आगे नहीं डाली गई। इसकी वजह से उपरोक्त गांव के लोग पानी की किल्लत से जूझ रहे हैं। पूर्व वार्ड मेंबर जोगिंद्र कुमार, हरिंद्र, हेमराज, टेक चंद, काका राम, बालो राम, राकेश, पवन, बजीरु राम, जैसो, रींकू और भानू ने बताया कि पेयजल किल्लत के बारे में जिला प्रशासन और संबंधित विभाग को कई बार अवगत करवाया जा चुका है। मगर हर बार उन्हें सिर्फ आश्वासन ही हाथ लगा। पानी की किल्लत जस की तस बनी हुई है। गांव में पानी के लिए हाहाकार मचा है। जबकि सरकार कहती है कि गांव-गांव में सड़क, पानी और बिजली की व्यवस्था सुधारी गई है। ऐसा उपरोक्त गांव में कुछ भी होता नहीं दिख रहा है।
पानी की समस्या का जल्द होगा निदान : दिनेश कपूर
अधिशाषी अभियंता दिनेश कपूर ने बताया कि गांव में चल रही पानी की समस्या को लेकर स्थानीय लोग उनसे मिले हैं। इस समस्या का जल्द निदान कर दिया जाएगा।
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साहो चंबा। ग्राम पंचायत अठलुंई के करीब छह गांवों के ग्रामीण पानी की किल्लत से जूझ रहे हैं। गांव में विभाग की ओर से पेयजल लाईन तो जरूर बिछाई गई है।
मगर यहां पानी की नियमित सप्लाई नहीं होती है। इस वजह से ग्रामीणों को नल से एक बाल्टी पानी भरने के लिए दो घंटे तक लाइन में खड़े होना पड़ता है।
लोगों ने बताया कि नल से पानी की बूंद-बूंद टपकती है। पंचायत के ककरी, गुणू, समैला, सलोली, अखोडी दी भुंई, अन्हैरा, वने दी भुंई और मराल में रहने वाले 100 परिवार लंबे समय से पेयजल किल्लत से जूझ रहे हैं। मजबूरी में लोगों को पीने का पानी दो किमी दूर जाकर मंदराली नाले से लाना पड़ता है। इसमें ग्रामीणों का पूरा दिन पानी को ढोने में ही निकल जाता है। हालांकि गांव की पेयजल किल्लत दूर करने के लिए सतसरे नाला से पेयजल लाइन डाली गई है। मगर यह लाइन कलूण गांव से आगे नहीं डाली गई। इसकी वजह से उपरोक्त गांव के लोग पानी की किल्लत से जूझ रहे हैं। पूर्व वार्ड मेंबर जोगिंद्र कुमार, हरिंद्र, हेमराज, टेक चंद, काका राम, बालो राम, राकेश, पवन, बजीरु राम, जैसो, रींकू और भानू ने बताया कि पेयजल किल्लत के बारे में जिला प्रशासन और संबंधित विभाग को कई बार अवगत करवाया जा चुका है। मगर हर बार उन्हें सिर्फ आश्वासन ही हाथ लगा। पानी की किल्लत जस की तस बनी हुई है। गांव में पानी के लिए हाहाकार मचा है। जबकि सरकार कहती है कि गांव-गांव में सड़क, पानी और बिजली की व्यवस्था सुधारी गई है। ऐसा उपरोक्त गांव में कुछ भी होता नहीं दिख रहा है।
पानी की समस्या का जल्द होगा निदान : दिनेश कपूर
अधिशाषी अभियंता दिनेश कपूर ने बताया कि गांव में चल रही पानी की समस्या को लेकर स्थानीय लोग उनसे मिले हैं। इस समस्या का जल्द निदान कर दिया जाएगा।