चंबा मेेडिकल कॉलेज में मशीन खराब, नहीं हो रहे सीटी स्कैन
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चंबा। चंबा मेडिकल कॉलेज में मरीजों के सीटी स्कैन नहीं हो रहे हैं। इस वजह से चंबा मेडिकल कॉलेज में उपचार के लिए आने वाले मरीज दोगुना दाम पर निजी लैब में सीटी स्कैन करवाने को मजबूर है। बताया जा रहा है कि मशीन की मरम्मत पर पचास लाख रुपये खर्च होंगे। मगर अस्पताल प्रबंधन के पास मशीन को रिपेयर करवाने के लिए पचास लाख रुपये का बजट नहीं जुट पा रहा है। इसकी वजह से मरीजों को परेशानी झेलनी पड़ रही है। हैरानी इस बात की है कि सीटी स्कैन कक्ष में रखी मशीन तीन सालों से खराब पड़ी है। मगर आज तक इसकी मरम्मत नहीं करवाई गई है। अस्पताल से रोजाना 10 से 15 मरीज सीटी स्कैन करवाने के लिए निजी लैबों में जा रहे हैं। यहां पर उनसे सीटी स्कैन के दोगुने दाम वसूले जाते हैं। हालांकि अस्पताल प्रबंधन ने नई सीटी स्कैन मशीन के लिए डॉयरेक्टर ऑफ मेडिकल एजूकेशन को प्रस्ताव भेजा है। इसकी मंजूरी अभी तक नहीं मिल पाई है। इसका खामियाजा अस्पताल में इलाज करवाने आए मरीजों को भुगतना पड़ रहा है। सरकारी अस्पताल में सीटी हेड प्लेन के 1000 रुपये, सीटी हैड विद कांट्रास्ट 1200 रुपये, सीटी हॉरेक्स 1800 और सीटी स्पाईन-ज्वाइंट के 1700 रुपये फीस ली जाती है। जबकि निजी लैबों में इन टेस्टों के दोगुने दाम लिए जाते हैं। इसकी वजह से मरीज काफी परेशान हैं। मरीजों की समस्या का समाधान करने के लिए मेडिकल कॉलेज प्रबंधन और जिला प्रशासन को कड़े कदम उठाने की जरूरत है। तीमारदार चैन सिंह, योगराज, कमल कुमार, सुरेंद्र, मान सिंह, दीप कुमार, रंजीत कुमार, चैन लाल, राजेश, रवि कुमार, जितेंद्र और रमन कुमार ने बताया कि अस्पताल में मरीज जब जांच के लिए डॉक्टर के पास ले जाया जाता है। तो डॉक्टर मरीज की हालत को देखते हुुए सीटी स्कैन का टेस्ट तो लिख देता है। मगर मरीज या तीमारदार को यह नहीं कहा जाता कि टेस्ट अस्पताल में नहीं होगा।
तीमारदार मरीज को निजी वाहन या एंबुलेंस के जरिये निजी लैब तक पहुंचाते हैं। यहां पर सीटी स्कैन तो हो जाता है मगर उसके दोगुने दाम चुकाने पड़ते हैं। अस्पताल प्रबंधन की ओर से मरीज को किसी प्रकार की रियायत तक नहीं दी जाती। उन्होंने जिला प्रशासन और मेडिकल कॉलेज प्रबंधन से मांग की है कि जब तक अस्पताल में सीटी स्कैन शुरू नहीं हो जाते। तब तक निजी लैबों में मरीजों के सरकारी दर पर सीटी स्कैन करवाने की सुविधा की जाए।
डॉयरेक्टर मेडिकल ऐजुकेशन को भेजा है प्रस्ताव: एमएस
चिकित्सा अधीक्षक डॉ. विनोद शर्मा ने बताया कि अस्पताल में सीटी स्कैन मशीन काफी पुरानी हो चुकी है। नई मशीन लगाने के लिए डॉयरेक्टर मेडिकल एजूकेशन को प्रस्ताव भेजा गया है। इसकी जल्द ही स्वीकृति मिलने की उम्मीद है। नई मशीन लगने के बार मरीजों के सीटी स्कैन और एमआरआई अस्पताल में ही होंगे।