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50 हजार ऋण योजनाओं के लिए अब 35 हजार होगी आय सीमा
Updated Mon, 30 Apr 2018 10:19 PM IST
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पंकज सलारिया
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चंबा। सूबे में अनुसूचित जाति एवं जनजाति निगम की कार्यान्वित की जा रही पचास हजार ऋण की योजनाओं की आय सीमा अब 35 हजार रुपये होगी। इसके लिए निगम ने प्रदेश सरकार को प्रस्ताव भेज दिया है। इस योजना में दस हजार रुपये की सब्सिडी प्रदान की जा रही है। निगम के निदेशक मंडल से इस प्रस्ताव को स्वीकृति मिल गई है। अब सरकार की मंजूरी का इंतजार है।
सरकार की मंजूरी मिलने के बाद निगम की ओर से चलाई जा रही पचास हजार रुपये की ऋण योजनाओं की आय सीमा 35 हजार हो जाएगी। निगम की ओर से इन योजनाओं की आय सीमा बढ़ाने का मकसद अधिक संख्या में लोगों को योजनाओं का लाभ पहुंचाना है। वर्तमान में इस तरह की योजनाओं के तहत के लिए आय सीमा निगम और सरकार की ओर से तीस हजार निर्धारित की गई है।
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माना जा रहा है कि तीस हजार की आय सीमा होने के चलते कम लोगों को योजनाओं का लाभ मिल रहा है। ऐसे में अब निगम आय सीमा को बढ़ाने के लिए प्रयास कर रहा है। इसके तहत निगम के अधिकारियों की ओर से पहले प्रस्ताव निदेशक मंडल को भेजा था। निदेशक मंडल की ओर से प्रस्ताव को स्वीकृति मिल गई। इसके बाद निगम की ओर से इस प्रस्ताव को स्वीकृति के लिए प्रदेश सरकार को भेजा है। अब प्रदेश सरकार की ओर से स्वीकृति मिलने का इंतजार निगम के अधिकारी कर रहे है।
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निदेशक मंडल से मिली स्वीकृति : एमडी
प्रदेश अनुसूचित जाति एंव जनजाति निगम के प्रबंध निदेशक हर्ष वर्धन कथूरिया ने खबर की पुष्टि की है। उन्होंने बताया कि निगम पचास हजार तक की ऋण योजनाओं की आय सीमा 35 हजार करने जा रहा है। निदेशक मंडल की ओर से स्वीकृति प्रदान कर दी गई है। अब इस प्रस्ताव को स्वीकृति के लिए प्रदेश सरकार को भेजा गया है। उन्होंने कहा कि जैसे ही सरकार से स्वीकृति मिलेगी, आय सीमा 35 हजार निर्धारित कर दी जाएगी।